नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम का निधन, 1991 में बने थे राजा

नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम का निधन, 1991 में बने थे राजा

Death of King Harald Norway

नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम का— शुक्रवार 28 अगस्त को स्थानीय समय के अनुसार सुबह साढ़े छह बजे— राजधानी ओस्लो के सबसे प्रसिद्ध अस्पताल में निधन हो गया। 89 साल की अपनी आयु के साथ वे इस समय यूरोप के सबसे वयोवृद्ध और सबसे लोकप्रिय शासक थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष मई मे जब नॉर्वे भी गए थे, तब राजधानी ओस्लो में उनके राजमहल में उनसे मिले थे। उन्होंने नॉर्वे के राजपरिवार को तुरंत अपना शोक-संदेश भेजा।

 

राजा हाराल्ड अपनी सादगी, मिलनसार स्वभाव और सहनशीलता के लिए जाने जाते थे, हालांकि उनका बचपन कतई चिंता-मुक्त नहीं था। उनका जन्म 21 फरवरी, 1937 को हुआ था। वे 500 से ज़्यादा वर्षों में नॉर्वे में ही पैदा हुए पहले नॉर्वेजी राजा थे; हालाँकि जन्म के तुरंत बाद नॉर्वे अधिकतर समय तक उनका घर नहीं रहा, क्योंकि यूरोप में जल्द ही दूसरा विश्वयुद्ध छिड़ गया था।

जर्मन नाज़ियों का हमला

जर्मनी के तानाशाह हिटलर द्वारा 1 सितंबर, 1939 की सुबह पोलैंड पर अकस्मात आक्रमण के साथ शुरू हुआ यह भयंकर युद्ध 9 अप्रैल, 1940 को नॉर्वे की धरती पर भी पहुँच गया। जर्मन नाज़ियों ने नॉर्वे के शाही परिवार का अपहरण करने और उसे बंधक बनाने की भी कोशिश की। युवराज हाराल्ड तब केवल तीन साल के थे। उनके पिता और दादा ने उन दिनों लंदन में रह कर वहीं से हिटलर के ख़िलाफ़ प्रतिरोध का नेतृत्व किया।

 

नॉर्वे पर हमले के बाद हाराल्ड की माँ युवराज्ञी मैर्था, उनके और अपनी दोनों बेटियों के साथ पहले स्वीडन और बाद में अमेरिका चली गईं। हिटलर जब युद्ध हार गया और 30 मई, 1945 के दिन बर्लिन में उसने आत्महत्या कर ली, तब मैर्था भी जून 1945 में अपने बच्चों के साथ स्वदेश लौटीं। एक लंबी बीमारी के बाद, अप्रैल 1954 में उनकी मृत्यु हो गई—हाराल्ड तब मात्र 17 साल के थे।

भावी पत्नी से मुलाकात

नॉर्वे में अपनी स्कूली शिक्षा और मिलिट्री ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, हाराल्ड पहले ऑक्सफ़ोर्ड चले गए। वहां समाज शास्त्र, इतिहास और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। कुछ साल बाद, एक डिनर पार्टी में उनकी मुलाक़ात अपनी भावी पत्नी, सोन्या हाराल्डसेन से हुई। सोन्या एक साधारण परिवार की सीधी-सादी साधारण महिला थीं, इस कारण दोनों की शादी को लेकर राजमहल में काफ़ी बहस आदि हुई। अंततः कोई नौ साल बाद, हाराल्ड के पिता, राजा ओलाफ़ पंचम ने शादी की अनुमति दे दी। इन्हीं कटु अनुभवों ने हाराल्ड के शासनकाल के दौरान एक खुले समाज के प्रति उनकी जीवन भर की प्रतिबद्धता को आकार दिया।

 

17 जनवरी 1991 को अपने पिता, राजा ओलाफ़ पंचम का निधन होने के बाद हाराल्ड उनके उत्तराधिकारी बने। उन्होंने एक बार कहा था: “मेरे दादाजी का आदर्श वाक्य था “नॉर्वे के लिए सब कुछ।” हमारे सामने लगातार यही चुनौती होती है कि हम उस वाक्यांश के अर्थ, और वास्तविक जीवन में उसके तात्पर्य पर फिर से विचार करें। यह बात न केवल हम शाही परिवार के सदस्यों पर, बल्कि इस देश में रहने वाले हर व्यक्ति पर लागू होती है।”

टोक्यो ओलंपिक में झंडा लेकर चले

हाराल्ड को नौकायन (सेलिंग) का बहुत शौक था। 1964 के टोक्यो ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में उन्हें नॉर्वे का झंडा लेकर चलने का सम्मान मिला। 1987 में, उन्होंने अपनी यॉट नौका के कप्तान के तौर पर “वर्ल्ड सेलिंग चैंपियनशिप” जीती। अपने निजी जीवन में, उन्होंने अपने आप को ज़्यादा चमक-दमक से दूर रखना ही पसंद किया। राजा हाराल्ड के निधन के बाद, अब उनके पुत्र युवराज हाकोन नए राजा बनेंगे।

 

वे नॉर्वे के शाही परिवार के लिए एक कठिन समय में राजगद्दी संभाल रहे हैं। उनकी पत्नी मेत्ते-मारित, दान से मिले एक पराए फेफड़े के सहारे जी रही हैं। मेत्ते-मारित को अमेरिकी सेक्स कांड अपराधी, जेफ्री एपस्टीन के साथ अपनी दोस्ती को लेकर कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। उनके पिछले रिश्ते से हुए सबसे बड़े बेटे को, बलात्कार के आरोपों की पुष्टि के बाद जेल की सज़ा भी भुगतनी पड़ रही है।

“घर वहीं होता है जहाँ दिल बसता है”

लगभग 56 लाख की जनसंख्या वाले बहुत ही ठंडे, पर उतने ही धनी देश नॉर्वे के बहुत से लोग अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान, पोलैंड, स्वीडन, सोमालिया और सीरिया से आकर वहां बस गए हैं। राजा हाराल्ड का कहना था कि घर वहीं होता है जहाँ दिल बसता है; इसे हमेशा देश की सीमाओं से तय नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह बात अपने शासनकाल की रजत जयंती (सिल्वर जुबली) के अवसर पर कही थी।

 

हाराल्ड यूरोप में सबसे लंबे समय से राज करने वाले राजा थे। उन्हें मिलनसार, आसानी से बात-चीत करने लायक और सहनशील माना जाता था। उन्होंने यह भी कहा था: “नॉर्वे के लोगों में ऐसी लड़कियाँ हैं जो लड़कियों को पसंद करती हैं, ऐसे लड़के हैं जो लड़कों को पसंद करते हैं, और ऐसी लड़कियाँ और लड़के हैं जो एक-दूसरे को पसंद करते हैं। नॉर्वे के लोग भगवान में, अल्लाह में, हर चीज़ में और किसी भी चीज़ में विश्वास नहीं करते—यानी हर तरह के लोग हैं।” ऐसी ही बातों से राजा हाराल्ड युवा और प्रगतिशील नॉर्वे-वासियों के बीच बहुत लोकप्रिय भी हुए।