
तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। नेपाल पुलिस के अनुसार अब तक 100 लोगों के मौत हो चुकी है। बाढ़ ने खासतौर पर भोटे कोशी नदी के आसपास के इलाकों को प्रभावित किया है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 1000 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं। फोटो में देखें बाढ़ के बाद की तबाही के फोटोज-

तिब्बत की तरफ से आया पानी बना आफत
बताया गया है कि तिब्बत की ओर से बड़ी मात्रा में पानी आने के बाद नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव ने घरों, सड़कों और बिजली से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचों को नुकसान पहुंचाया है।

384 लोग लापता, 133 भारतीय नागरिक शामिल
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 384 लोग लापता हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 133 भारतीय बताए गए हैं।

परिजनों की बढ़ी चिंता
133 भारतीयों के लापता होने की खबर से उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। परिजन अपने रिश्तेदारों की सुरक्षित होने की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
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नेपाल सुरक्षा बलों के जवान भी लापता
बाढ़ का असर नेपाल के सुरक्षा बलों पर भी पड़ा है। रसुवा जिले में नेपाल पुलिस के 26 जवान लापता बताए गए हैं। वहीं सशस्त्र पुलिस बल के 7 जवान भी लापता हैं। नुवाकोट और धादिंग जिलों से पुलिस ने 8 शव बरामद किए हैं।
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सड़क और हाईवे बुरी तरह क्षतिग्रस्त
बाढ़ ने उत्तरी नेपाल की कई सड़कों और राजमार्गों को नुकसान पहुंचाया है। कुछ प्रमुख मार्ग बंद होने से प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालना और राहत-बचाव टीमों का पहुंचना मुश्किल हो गया है।

हाइड्रोपावर और बिजली व्यवस्था को नुकसान
नेपाल विद्युत प्राधिकरण के मुताबिक बाढ़ से 6 प्रमुख जलविद्युत और ट्रांसमिशन सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें रसुवागढ़ी, चिलिमे, त्रिशूली-3ए, त्रिशूली-3बी हब 220 केवी सबस्टेशन, त्रिशूली हाइड्रोपावर स्टेशन और देवीघाट हाइड्रोपावर स्टेशन शामिल हैं।

बाढ़ का खौफनाक मंजर कैमरे में कैद
नेपाल पुलिस और अन्य लोगों द्वारा साझा किए गए वीडियो में पहाड़ी इलाकों से तेज रफ्तार में मटमैला पानी बहता हुआ दिखाई दे रहा है। पानी ने घरों, सड़कों और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचाया है। पुलिस ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

सेना के हेलीकॉप्टर राहत-बचाव में जुटे
नेपाल सेना ने प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर और आपदा प्रतिक्रिया दल भेजे हैं। अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किन इलाकों में तत्काल मदद की जरूरत है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण की आपात बैठक भी बुलाई है।
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मानसून के बीच जारी है राहत-बचाव अभियान
यह आपदा नेपाल के मानसून सीजन के दौरान हुई है, जब भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।

फिलहाल राहतकर्मी दुर्गम और कटे हुए इलाकों तक पहुंचने, लापता लोगों की तलाश करने और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने में जुटे हैं। परिवार अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की खबर का इंतजार कर रहे हैं।


