
Murder of a Hindu family in Bangladesh : बांग्लादेश के रंगपुर में याबा नशे का विरोध करने पर हिंदू परिवार के एक रिटायर्ड शिक्षक समेत परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिवार के चारों लोगों के शव शनिवार रात बंद घर से मिले थे। इस मामले में पुलिस ने 2 संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है, जो कि रिश्ते में चचेरे भाई हैं। लेकिन मृतक के भाई ने सही जांच कर असली अपराधियों के पकड़ने की मांग की है। मामले में पुलिस ने खुलासा किया कि हत्या के बाद दोनों आरोपी करीब 6 घंटे घर में ही रहे। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
बांग्लादेश के रंगपुर में याबा नशे का विरोध करने पर हिंदू परिवार के एक रिटायर्ड शिक्षक समेत परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिवार के चारों लोगों के शव शनिवार रात बंद घर से मिले थे। इस मामले में पुलिस ने 2 संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है, जो कि रिश्ते में चचेरे भाई हैं। लेकिन मृतक के भाई ने सही जांच कर असली अपराधियों के पकड़ने की मांग की है।
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मामले में पुलिस ने खुलासा किया कि हत्या के बाद दोनों आरोपी करीब 6 घंटे घर में ही रहे। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। याबा एक बेहद नशीला पदार्थ है, जिसमें मुख्य रूप से मेथामफेटामाइन और कैफीन होता है। बांग्लादेश में इसके इस्तेमाल और तस्करी को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है। खबरों के मुताबिक, रिटायर्ड शिक्षक ने अपने घर की छत पर 2 युवकों को याबा का सेवन करते देखा था।
उन्होंने दोनों को ऐसा करने से रोका। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद दोनों संदिग्ध घर में घुस गए और परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। इस हमले में चारों की मौत हो गई। आरोपियों को डर था कि रिटायर्ड शिक्षक उन्हें पहचान लेंगे, इसलिए उन्होंने उनका गला दबा दिया। इस बीच आवाज सुनकर शिक्षक की पत्नी भी ऊपर पहुंचीं तो आरोपियों ने उनका भी गला दबा दिया और इसके बाद उनकी बेटी और 12 साल के बेटे की भी हत्या कर दी।
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पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्ध करीब 6 घंटे तक घर के अंदर ही रहे। इस दौरान दोनों ने खजूर और खीरा खाया और घर में नहाया। इसके बाद वे वहां से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, परिवार का किसी अन्य व्यक्ति के साथ कोई पुराना विवाद या दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में नशे का विरोध ही वारदात की मुख्य वजह मानी जा रही है। रंगपुर की इस घटना ने बांग्लादेश में नशीले पदार्थों के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।


