कौन हैं माया ट्यूडर, CM रेवंत रेड्डी से मुलाकात पर क्‍यों भड़की BJP, क्या भारत विरोधी हैं ट्यूडर?

कौन हैं माया ट्यूडर, CM रेवंत रेड्डी से मुलाकात पर क्‍यों भड़की BJP, क्या भारत विरोधी हैं ट्यूडर?

Maya Tudor

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का यूरोप दौरा विवादों में है। वो भी एक मुलाकात की वजह से। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सरकार ने उन्‍हें अमेरिका जाने की अनुमति नहीं दी थी। अब यूरोप के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम को लेकर भी भाजपा उन पर भड़क उठी है। इस मुलाकात को लेकर कंट्रोवर्सी शुरू हो गई है।

एंटी इंडिया है माया ट्यूडर : यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम के दौरान रेड्डी ने ‘ब्लावत्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट’ के फैकल्टी सदस्यों के साथ मुलाकात की। खास बात है कि इसमें राजनीति और पब्लिक पॉलिस पढ़ाने वाली प्रोफेसर माया ट्यूडर भी शामिल थीं। इनकी तस्वीरें सामने आने पर भारत में हंगामा हो गया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को घेरना शुरू कर दिया और माया ट्यूडर को ‘एंटी-इंडिया’ बताया है।

क्‍या कहा भाजपा सांसद ने : इस मुलाकात पर विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री की यूरोप यात्रा के दौरान की तस्वीरें सामने आने के बाद भाजपा सांसद अरविंद धर्मपुरी ने उन्हें निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ट्यूडर अपने भारत विरोधी रवैये के लिए जानी जाती है। ऐसे में रेवंत रेड्डी की उनसे मिलना गलत है। उन्‍होंने पूछा कि आखिर इस मुलाकात का क्‍या मतलब है।


भाजपा सांसद ने शेयर की तस्वीर : सोशल मीडिया साइट एक्स पर धर्मपुरी ने लिखा, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के ब्लावत्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट की प्रोफेसर माया ट्यूडर से मिलिए, जिन्होंने कई भारत-विरोधी लेख लिखे हैं, जिनमें 'भारत का लोकतंत्र क्यों मर रहा है' (Why India’s Democracy Is Dying) भी शामिल है। रेवंत रेड्डी, जो इत्तेफाक से मुख्यमंत्री बने हैं, आज उनसे मिल रहे हैं। इससे पता चलता है कि उनमें जरा भी शर्म नहीं बची है और वे भारत-विरोधी ताकतों के साथ मिल गए हैं।

लेख लिखा था, 'भारत का लोकतंत्र क्यों मर रहा है : बता दें, माया ट्यूडर ने वर्ष 2023 में जर्नल ऑफ डेमोक्रेसी में एक लेख लिखा था। इसका शीर्षक 'भारत का लोकतंत्र क्यों मर रहा है। (Why India’s Democracy Is Dying)' इस लेख की काफी आलोचना की गई थी। इसमें माया ने प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के कार्यकाल के दौरान भारत में लोकतांत्रिक ढांचे का विश्लेषण किया था।

कौन हैं माया ट्यूडर : ऑक्सफोर्ड के ब्लावत्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में पॉलिटिक्स और पब्लिक पॉलिसी की प्रोफेसर माया ट्यूडर अपने क्षेत्र का एक जाना माना नाम हैं। उनकी रिसर्च लोकतांत्रिक और असरदार सरकारों के बनने की प्रक्रिया पर केंद्रित है, जिसमें दक्षिण एशिया पर खास ध्यान दिया गया है। वह लगातार दक्षिण एशिया के देशों के ऊपर रिसर्च करती रहती हैं। उन्होंने इसी मुद्दे पर 2013 में एक किताब 'द प्रॉमिस ऑफ पावर: द ओरिजिन्स ऑफ डेमोक्रेसी इन इंडिया एंड ऑटोक्रसी इन पाकिस्तान' लिखी थी। इसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच में आजादी के बाद लोकतंत्र की स्थापना का विश्लेषण किया था। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में राजनीति और लोक नीति की प्रोफेसर हैं। वह सेंट हिल्डा कॉलेज में फेलो भी हैं और राष्ट्रवाद तथा लोकतंत्र के राजनीतिक विश्लेषण से जुड़े अपने शोध व लेखन कार्यों के लिए जानी जाती हैं। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'वैराइटीज ऑफ नेशनलिज्म' (2023) है, जिसे उन्होंने हैरिस मायलोनास के साथ मिलकर लिखा है।

क्या भारत विरोधी हैं ट्यूडर : माया ट्यूडर लगातार दक्षिण एशियाई देशों के लोकतांत्रिक व्यवस्था पर रिसर्च करती रही हैं। वह अलग-अलग देशों में राष्ट्रवाद और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर अध्ययन करती हैं। उन्होंने पाकिस्तान के आर्मी रूल और भारत में सत्ता परिवर्तन को विस्तार से वर्णित किया है। उनके काम में दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में तानाशाही, लोकतंत्र और राष्ट्रवाद पर किए गए अध्ययन भी शामिल हैं। उनके ऑक्सफोर्ड प्रोफाइल में राष्ट्रवाद, तानाशाही और लोकतंत्र और हर देश को (एक मजबूत और समावेशी) राष्ट्रवाद की जरूरत क्यों है जैसे विषयों पर रिसर्च का जिक्र है। हालांकि, वह इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार की आलोचना करती हुई नजर आती हैं। इसलिए वह इस समय भारतीय जनता पार्टी के सांसद के निशाने पर हैं।