महंगाई ने बिगाड़ा शेयर बाजार का मूड, सेंसेक्स 453 अंक टूटा; अगले हफ्ते इन सेक्टर्स पर नजर

महंगाई ने बिगाड़ा शेयर बाजार का मूड, सेंसेक्स 453 अंक टूटा; अगले हफ्ते इन सेक्टर्स पर नजर

share market weekly outlook 22 August

Share Market Weekly Review : क्रूड के दामों में उतार चढ़ाव, महंगाई के आंकड़ें और मेटल में तेजी की बदौलत भारतीय शेयर बाजार इस हफ्ते रेंज बाउंड ही रहा। सेंसेक्स में 453 अंक गिरा तो निफ्टी में 114 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। 3 दिन बाजार लाल निशान में तो 2 दिन हरे निशान में रहा। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा अगस्त का पहला सप्ताह।

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 281 अंकों की गिरावट के साथ 77728 पर बंद हुआ। निफ्टी 78 अंक गिरकर 24,287 पर आ गया। मंगलवार को सेंसेक्स 493 अंकों की गिरावट के साथ 77235 पर बंद हुआ वहीं निफ्टी 133 अंक गिरकर 24,155 पर पहुंच गया। बुधवार को भी सेंसेक्स में 310 अंकों की गिरावट के साथ 77,000 के नीचे पहुंच गया। निफ्टी 77 अंक गिरकर 24,078 पर बंद हुआ। 

 

गुरुवार को हफ्ते में पहली बार भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में दिखाई दिए। सेंसेक्स 628 अंकों की बढ़त के साथ 77538 पर बंद हुआ तो दिन का कारोबार खत्म होने पर निफ्टी 154 अंक बढ़कर 24,232 पर था। शुक्रवार को बाजार लगभग फ्लैट ही बंद हुआ। सेंसेक्स 3 अंकों की बढ़त के साथ 77541 पर बंद हुआ, निफ्टी 20 अंक बढ़कर 24,252 पर था। 

 

महंगाई की मार

देश में रिटेल में चीनी के दाम बढ़कर 70 रुपए प्रति किलो हो गए। त्योहारी सीजन में चीनी की कीमत में 15 दिन में लगभग 20 रुपए की बढ़ोतरी से कई वस्तुओं के दाम बढ़ गए। तेल, नमक, चावल, बिस्किट, साबुन, कार, टायर और पेंट समेत कई वस्तुओं के दाम तेजी से बढ़े। रिजर्व बैंक के अनुसार, आने वाले दिनों में इन वस्तुओं के कम होने की गुंजाइश कम है। ऐसे में आगामी महिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। ALSO READ: क्या भारत में और महंगी होने वाली है चीनी और क्यों करना पड़ रहा है आयात?

 

नुकसान में रहे 87.7% रिटेल इनवेस्टर्स 

सेबी की अवेयरनेस रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में डेरिवेटिव ट्रेडिंग में रिटल निवेशको की भागीदारी 18% घटकर 87.5 लाख रह गई। इस दौरान 87.7% रिटेल इनवेस्टर्स को शुद्ध घाटा हुआ। इस दौरान छोटे ट्रेडर्स को 91,685 करोड़ रुपए का कुल घाटा हुआ। घाटे का 92% हिस्सा ऑप्शन ट्रेडिंग से आया था। हालांकि इस दौरान बड़ी ट्रेडिंग फर्मों ने 44,000 करोड़ रुपए कमाए। एक लाख रुपए से कम का इ्क्विटी पोर्टफोलियो रखने वाले ट्रेडरो के हिस्से में नुकसान का 70 फिसदी हिस्सा आया।

 

बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने कहा कि यह रिपोर्ट इस बात का संकेत दे रही है कि बाजार फिलहाल बड़े निवेशकों का है। रिटेल निवेशकों को डिलिवरी बेसिस पर लांग टर्म के लिए निवेश करना चाहिए। साथ ही इंट्रा डे और ऑपशन ट्रेडिंग से दूरी भी बनाए रखनी चाहिए। ALSO READ: E20 पेट्रोल पर CEA नागेश्वरन ने उठाए सवाल, E-10 पर लौटने की दी सलाह

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

इस हफ्ते बाजार पर सबसे बड़ा असर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का रहा। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर लगभग 94 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। महंगाई और 

 

मानसून की कमजोर चाल ने भी बाजार को प्रभावित किया। विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली किए जाने से बाजार के बड़े शेयरों पर दबाव बना रहा। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में तेजी और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण उभरते बाजारों से निवेशकों का रुझान कुछ समय के लिए कम हुआ। हालांकि इस दौरान DII ने बाजार को संभाले रखा। इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में भारी मुनाफावसूली और बिकवाली देखने को मिली।

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

अगले हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार की चाल रेंज बाउंड ही रहने की संभावना है। यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो इससे घरेलू बाजार को राहत मिल सकती है। बैंकिंग, वित्तीय 

 

सेवाएं और मेटल/यूटिलिटी सेक्टर बाजार को संभालने की कोशिश कर सकते हैं। आईटी सेक्टर की निर्भरता वैश्विक संकेतों पर ज्यादा दिखाई दे रही है। बाजार की चाल FII और DII के रुख पर भी निर्भर करेगी।

 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

बागौरा ने बताया कि बाजार फिलहाल रेंज बाउंड है। निफ्टी 24,000 से 24700 की रेंज में रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) सिस्टम में मैनिपुलेशन के मामले में सख्‍त कार्रवाई करते हुए 2 कंपनियों ‘कॉपथॉल मॉरीशस इन्वेस्टमेंट लिमिटेड’ और ‘मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड’ को सिक्योरिटीज मार्केट से रोक दिया है। उनसे गलत तरीके से कमाए गए 3.68 करोड़ रुपये जब्त करने का आदेश दिया है। इनके खिलाफ 13 अगस्त, 2026 को इंडेक्स की एक्सपायरी के दिन CAS के दौरान सेंसेक्स में हेरफेर के शुरुआती सबूत मिले थे।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।