इंदौर के सारांश जैन कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद करीब

इंदौर के सारांश जैन कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद करीब

इंदौर के स्थानीय निवासी और ऑलराउंडर क्रिकेटर सारांश जैन कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद नजदीक खड़े हैं। इसका इशारा तब मिला जब श्रीलंका के मध्यक्रम में एक और बाएं हाथ का बल्लेबाज शामिल हुआ और सारांश को अभ्यास सत्र में काफी मेहनत करते हुए देखा गया। उनको कुलदीप यादव की जगह शामिल करने की आशंका है।

चंद्रकांत पंडित की कोचिंग में मध्य-प्रदेश की रणजी ट्रॉफी विजेता टीम के प्रमुख सदस्य रहे लंबे कद के Off-Spinner सारांश ने हाल ही में भारत A के श्रीलंका दौरे के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए दो मैचों में छह विकेट लेने के साथ एक पारी में नाबाद 70 रन भी बनाए थे।

दिलचस्प बात यह है कि सारांश के पिता सुबोध भी मध्य प्रदेश के पूर्व ऑफ-स्पिनर रहे हैं और उनको यह बात सालती रही कि वह राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके। लेकिन उन्होंने अपनी असफलता पर चिंतन करने से बेहतर बेटे की कुशलता पर मेहनत करना समझा। वह ही अपने बेटे के कोच है।

सारांश के पिता सुबोध ने 9 रणजी ट्रॉफी मैचों में 23 विकेट लिए थे। उन्होंने अपने बेटे को कोचिंग देनी शुरु की लेकिन भारतीय टेस्ट गेंदबाजी क्रम खासकर स्पिन गेंदबाजी का- इतना सुदृढ़ था कि इसका किला भेदना असंभव था। रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जड़ेजा ही टीम के लिए इतने विकेट निकाल देते थे कि कुलदीप यादव तक के 10 साल के करियर में 19 मैच हैं।

ऐसे में सारांज को 30 प्लस के बाद जाकर मौका मिला। अमूमन भारतीय चयनकर्ता इतनी उम्र के बाद किसी पर मेहरबान नहीं होते। लेकिन सारांश जैन का केस अलग था।