
टिम्मरसैंण महादेव गुफा उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत-तिब्बत सीमा के पास नीति घाटी के नीति गांव में स्थित भगवान शिव का एक प्रसिद्ध और पवित्र गुफा मंदिर है। यहां सर्दियों में प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग बनने से इसे 'उत्तराखंड का छोटा अमरनाथ' भी कहा जाता है। ALSO READ: बागेश्वर का बागनाथ मंदिर: उत्तर भारत का अनोखा दक्षिणमुखी शिव धाम, सावन में दर्शन का विशेष महत्व
सर्दियों के महीनों में बर्फ का शिवलिंग देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। पहले यहां जाने के लिए विशेष परमिट लेना पड़ता था, जो अब सुगम है। हालांकि अत्यधिक ठंड और बर्फबारी के कारण यात्रा के समय सतर्कता रखनी पड़ती है।
सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, चमोली जनपद की नीती घाटी में स्थित टिम्मरसैंण महादेव गुफा आस्था, आध्यात्मिकता और प्रकृति का अद्भुत संगम है। गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ से शिवलिंग की आकृति का निर्माण होना इसे विशेष धार्मिक महत्व प्रदान करता है। चमोली जनपद आगमन पर इस पवित्र स्थल के दर्शन अवश्य करें। ALSO READ: उत्तराखंड का कमलेश्वर महादेव मंदिर, जानें इतिहास, मान्यता और पहुंचने का रास्ता
चमोली जनपद की नीती घाटी में स्थित टिम्मरसैंण महादेव गुफा आस्था, आध्यात्मिकता और प्रकृति का अद्भुत संगम है। गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ से शिवलिंग की आकृति का निर्माण होना इसे विशेष धार्मिक महत्व प्रदान करता है।
चमोली जनपद आगमन पर इस पवित्र स्थल के दर्शन अवश्य करें। pic.twitter.com/4aYR4ByxCx
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 22, 2026
कैसे पहुंचें टिम्मरसैंण महादेव?
औली और जोशीमठ से लगभग 70 किमी दूर, धौली गंगा घाटी के अंतिम छोर पर बसे नीती गांव के पास टिम्मरसैंण महादेव की गुफा तक पहुंचने के लिए दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश तक ट्रेन से आया जा सकता है। हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचकर पर्यटक बस या टैक्सी से जोशीमठ पहुंच सकते हैं।
जोशीमठ से नीती गांव की दूरी लगभग 80 किमी है। इस मार्ग में ट्रांसपोर्ट सुविधाएं पर्याप्त हैं। जोशीमठ-मलारी हाईवे से तीन किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। ALSO READ: दक्षेश्वर महादेव मंदिर: सावन में क्यों खास है कनखल का यह शिव धाम?


