
चीन की एक अदालत ने गुरुवार को संकटग्रस्त रियल एस्टेट कंपनी Evergrande के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन हुई का यान (Hui Ka Yan) को उम्रकैद की सजा सुनाई है। भारत में कभी सुब्रत रॉय के सहारा ग्रुप की तूती बोलती थी, वैसे ही चीन में रियल एस्टेट डेवलपर एवरग्रैंड ग्रुप के 'हुई का यान' का जलवा था। शेनझेन की दो अदालतों ने हुई का यान के दो बेटों समेत 56 अन्य लोगों को भी सजा सुनाई। इन लोगों को 22 महीने से लेकर 18 साल तक की अलग-अलग अवधि की सजा दी गई।
सोशल मीडिया पर उनकी बुलंदी की कहानी को सहारा ग्रुप के बिजनेस साम्राज्य और फिर भरभराकर ढहने की घटना से जोड़ा जा रहा है। दोनों ने एक साधारण परिवार में जन्म लिया और अरबों का साम्राज्य खड़ा किया। अदालत ने उनकी निजी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है। कभी दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल रहे हुई का यान का यह फैसला चीन के सबसे बड़े रियल एस्टेट संकट के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है।
शेनझेन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने हुई का यान और Evergrande के खिलाफ बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी समेत कई गंभीर अपराधों में दोषी पाया। अदालत के मुताबिक, 2016 से 2021 के बीच कंपनी और उसके संस्थापक ने वित्तीय धोखाधड़ी, धन के दुरुपयोग, फंड जुटाने में धोखाधड़ी और अवैध रूप से सार्वजनिक जमा स्वीकार करने जैसे अपराध किए।
हुई का यान ने अप्रैल में अपने खिलाफ लगे आरोपों में दोष स्वीकार किया था। गुरुवार को अदालत में वह नेवी ब्लू शर्ट पहने दो पुलिस अधिकारियों के बीच खड़े नजर आए। 2023 में अचानक सार्वजनिक जीवन से गायब होने के बाद यह पहली बार था जब उन्हें सार्वजनिक रूप से देखा गया। कभी काले रहे उनके बाल अब सफेद हो चुके थे।
ALSO READ: भारत में चीनी के दाम बढ़ने से Pakistan को क्यों दिखा फायदा, दिल्ली के फैसले से क्यों हुआ बैचेन
राजनीतिक अधिकार भी जीवनभर के लिए छीने
अदालत ने हुई का यान के राजनीतिक अधिकार भी जीवनभर के लिए छीन लिए। इसके अलावा Evergrande Group और उसकी सहायक कंपनी Evergrande Real Estate Group पर संयुक्त रूप से करीब 2.35 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने कहा कि अपराध में शामिल रकम असाधारण रूप से बड़ी थी और इससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। अदालत के अनुसार, हुई का यान और कंपनी की गतिविधियों ने चीन की समाजवादी बाजार अर्थव्यवस्था की व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
कभी चीन की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में थी Evergrande
हुई का यान ने 1996 में दक्षिणी चीन में Evergrande की स्थापना की थी। चीन में तेजी से शहरीकरण और गांवों से शहरों की ओर लोगों के पलायन के दौर में कंपनी ने तेजी से विस्तार किया। देखते ही देखते Evergrande चीन की सबसे तेजी से बढ़ने वाली रियल एस्टेट कंपनियों में शामिल हो गई कंपनी ने रियल एस्टेट के अलावा फुटबॉल टीम और इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार समेत कई क्षेत्रों में अपना विस्तार किया। इसी दौर में हुई का यान चीन के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल हो गए और राजनीतिक सलाहकारों के एक प्रभावशाली समूह का हिस्सा भी रहे।
300 अरब डॉलर से ज्यादा के कर्ज ने बदली तस्वीर
Evergrande का कारोबार कर्ज के सहारे तेजी से बढ़ रहा था। लेकिन 2020 तक चीन की सरकार को चिंता होने लगी कि देश का विशाल रियल एस्टेट बाजार वित्तीय व्यवस्था के लिए जोखिम बन सकता है। इसके बाद सरकार ने डेवलपर्स के लिए कर्ज लेने की सीमा पर सख्ती शुरू कर दी। कर्ज पर निर्भर Evergrande के लिए यह बड़ा झटका था। कंपनी के पास निर्माण परियोजनाओं को जारी रखने के लिए जरूरी नकदी का प्रवाह प्रभावित हुआ। आखिरकार 2021 में Evergrande भारी कर्ज के बोझ तले ढह गई। उस समय कंपनी पर 300 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज था।
कंपनी के पतन ने चीन की अर्थव्यवस्था की उस कमजोरी को उजागर किया जिसमें आर्थिक विकास के लिए रियल एस्टेट क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता थी। Evergrande संकट के बाद चीन लंबे समय तक चले आवास और संपत्ति बाजार के संकट में फंस गया, जिसका असर आज भी अर्थव्यवस्था पर दिखाई देता है।
कर्मचारियों से भी पैसे जुटाने का आरोप
Evergrande का नकदी संकट बढ़ने के दौरान कंपनी ने अपने कर्मचारियों से भी अल्पकालिक कर्ज के लिए पैसा लगाने का दबाव बनाया था। कंपनी के डिफॉल्ट करने के कुछ महीनों बाद उसने बताया था कि बैंकों ने करीब 2 अरब डॉलर की संपत्ति जब्त कर ली थी। बाद में हुई आंतरिक जांच में सामने आया कि 2020 के अंत में कंपनी के अधिकारियों ने कर्ज लेने की पाबंदियों से बचने के लिए कथित तौर पर ऐसी व्यवस्था बनाई थी, जिसमें Evergrande की सहायक कंपनियों को गारंटी के तौर पर इस्तेमाल करते हुए तीसरे पक्ष के जरिए कर्ज लिया गया।
2024 में Evergrande को लिक्विडेशन का आदेश
Evergrande के संकट का असर अदालतों तक भी पहुंचा। 2024 में हांगकांग की एक अदालत ने Evergrande को लिक्विडेशन में भेजने का आदेश दिया था। शेनझेन की दो अदालतों ने हुई का यान के दो बेटों समेत 56 अन्य लोगों को भी सजा सुनाई। इन लोगों को 22 महीने से लेकर 18 साल तक की अलग-अलग अवधि की सजा दी गई।
Evergrande के पतन से चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ा असर
Evergrande का उभार चीन के विशाल रियल एस्टेट बूम का प्रतीक था। इस दौर में स्थानीय सरकारों को जमीन लीज पर देने से आय हुई, बैंकों ने डेवलपर्स को बड़े पैमाने पर कर्ज दिया और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कंपनियों ने चीनी रियल एस्टेट कंपनियों की लिस्टिंग से फीस कमाई। लेकिन Evergrande के पतन ने इस पूरे मॉडल की कमजोरियों को उजागर कर दिया। इसके बाद कई रियल एस्टेट कंपनियां डिफॉल्ट हुईं और चीन का प्रॉपर्टी बाजार लंबे समय तक मंदी में रहा। चीन के लाखों परिवारों के लिए घर केवल रहने की जगह नहीं थे, बल्कि संपत्ति बनाने का सुरक्षित माध्यम भी माने जाते थे। लेकिन घरों की कीमतों में गिरावट और डेवलपर्स के संकट ने इस भरोसे को बड़ा झटका दिया।


