बिना मैच जीते विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के प्री क्वार्टफाइनल में पहुंचे सात्विक और चिराग

Satvik Chirag

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने दूसरे दौर में वॉकओवर मिलने के बाद बुधवार को बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

विश्व चैंपियनशिप में पहले दो कांस्य पदक जीत चुकी पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी को पहले दौर में बाई मिली थी तथा दूसरे दौर में उनका मुकाबला स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल से होना था।स्कॉटलैंड की जोड़ी ने हालांकि आखिरी क्षण में नाम वापस ले लिया, जिससे सात्विक और चिराग को कोर्ट में उतरे बिना ही ‘राउंड ऑफ 16’ में जगह मिल गई।

तनीशा क्रास्टो और ध्रुव कपिला की मिश्रित युगल जोड़ी ने भी मकाऊ के लियोन इओक चोंग और एनजी वेंग ची को 21-11 21-11 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।भारतीय खिलाड़ियों में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू, आयुष शेट्टी और लक्ष्य सेन को भी बुधवार को अपने मैच खेलने हैं।

कंधे की बार-बार उभरने वाली चोट ने सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं और कई बार उनके जोड़ीदार चिराग शेट्टी के लिए भी यह स्थिति “परेशान करने वाली” रही है, लेकिन भारतीय पुरुष युगल जोड़ी घरेलू सरजमीं पर विश्व चैंपियनशिप में अपने पदक के रंग को बेहतर करने के लक्ष्य के साथ अपने आक्रामक और तेजतर्रार खेल पर कायम रहेगी।

सात्विक पिछले कुछ वर्षों से कंधे की इस समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण शानदार टूर्नामेंट के बाद भी उनके लिए लय बरकरार रखना मुश्किल रहा है। इस जोड़ी ने दो साल के अंतराल के बाद अपना पहला खिताब जीतते हुए सिंगापुर ओपन सुपर 750 अपने नाम किया था, लेकिन इसके बाद चोट फिर उभर आई और उन्हें इंडोनेशिया ओपन में मुकाबले के बीच से हटना पड़ा तथा जापान ओपन से नाम वापस लेना पड़ा।

सात्विक और चिराग पुरुष युगल वर्ग की उन शीर्ष पांच जोड़ियों में शामिल हैं, जिन पर विश्व चैंपियनशिप में खास नजर रहेगी। पुरुष युगल का मुकाबला परंपरागत रूप से बेहद खुला रहा है और पिछले छह संस्करणों में पांच देशों की छह अलग-अलग जोड़ियां खिताब जीत चुकी हैं।

विश्व नंबर एक किम वोन हो और सियो सेउंग जे ने 2025 की अपनी शानदार फॉर्म को इस सत्र की शुरुआत में भी जारी रखा था, लेकिन मई में थॉमस कप फाइनल के बाद उनकी कमजोरियां नजर आई हैं। इससे फजार अल्फियां-मुहम्मद शोहिबुल फिकरी, गोह से फी-नूर इज्जुद्दीन और भारतीय जोड़ी जैसी चुनौती पेश करने वाली जोड़ियों के लिए उम्मीदें बढ़ी हैं।