
E20 पेट्रोल पर जारी घमासान के बीच भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण के फायदे असीमित नहीं हैं। इंडियन एक्सप्रेस में लिखे एक संपादकीय में नागेश्वरन ने कहा है कि 20 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल मिश्रण से तिलहन किसानों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने E-10 पेट्रोल वापस लाने की सलाह दी। ALSO READ: झारखंड सरकार ने छात्रों की बात मानी, JSSC-CGL परीक्षा रद्द, 2014 से हुई सभी गड़बड़ियों की होगी जांच
भारत के आर्थिक मामलों के विभाग के सलाहकार आकाश पुजारी के साथ मिलकर लिखे गए इस लेख में कहा गया है कि पेट्रोल पंपों पर कम मिश्रण वाला ईंधन, मसलन E10, फिर से उपलब्ध कराया जाना चाहिए और साथ ही ई-20 खरीदने का विकल्प भी दिया जाना चाहिए। इससे जनता की अधिकांश चिंताएं दूर होंगी, इथेनॉल की कुल खपत बढ़ने के बजाय कम होगी और पुराने वाहनों के मौजूदा बेड़े को तब तक सुरक्षा मिलेगी, जब तक उन्हें नए ईंधन के अनुकूल बनाने का कार्यक्रम पूरा नहीं हो जाता।
हालांकि दोनों ने ई-20 ईंधन की वजह से इंजन को नुकसान होने के दावों का नकार दिया है। इसमें लिखा है कि इथेनॉल में पेट्रोल की तुलना में लगभग दो-तिहाई ऊर्जा होती है, इसलिए एक लीटर ई-20 से आप थोड़ी कम दूरी तय कर पाएंगे, लेकिन यह नुकसान मामूली है और किसी खराबी का संकेत नहीं देता है।
लेख में कहा गया है कि भारत में अभी भी लगभग 7.5 से 8 करोड़ पुराने दोपहिया वाहन सड़क पर दौड़ रहे हैं, जो बीएस-IV मानकों से पहले के हैं और जिनमें कार्ब्यूरेटर तकनीक का इस्तेमाल होता है। उनका मानना है कि ई-20 ईंधन से ईंधन दक्षता में लगभग 6 प्रतिशत की मामूली कमी आती है, लेकिन अगर वाहन ई-20 इस्तेमाल करने के लिए तैयार किए गए हैं तो इससे वाहनों को कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन वे वाहन मालिकों की इस मांग का समर्थन करते हैं कि 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित ईंधन का विकल्प होना चाहिए। ALSO READ: WhatsApp Scam Alert : अब AI पकड़ेगा ठगी के मैसेज, यूजर्स को पहले ही मिलेगा अलर्ट
उन्होंने कहा कि मूल योजना में इसकी आशंका जताई गई थी और यह अनुरोध किया गया था कि इन वाहनों के लिए कम इथेनॉल मिश्रण वाला ईंधन बिक्री के लिए उपलब्ध रहे लेकिन वह ईंधन पंपों से गायब हो गया और उसे वापस लाने की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री गडकरी ने ई-20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से इंजन के प्रदर्शन और वाहनों को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर वाहन मालिकों की चिंताओं को बार-बार खारिज किया है।


