
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झामुमो के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रामदास सोरेन के संघर्ष और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि स्वर्गीय रामदास सोरेन दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षों के साथी, उनके अभिभावक स्वरूप, महान आंदोलनकारी और झामुमो के सशक्त स्तंभ थे। उन्होंने उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन किया।
स्मृति शेष बाबा दिशोम गुरुजी के संघर्षों के साथी,
मेरे अभिभावक स्वरूप, महान आंदोलनकारी एवं झामुमो के सशक्त स्तंभ स्व. रामदास सोरेन जी की प्रथम पुण्यतिथि पर शत-शत नमन।झारखंड आंदोलन और झारखंड के हक-अधिकार की लड़ाई में उनका संघर्ष, समर्पण और योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। स्व रामदास… pic.twitter.com/YkqqCZ2vn4
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 15, 2026
झारखंड आंदोलन में योगदान को किया याद
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड आंदोलन और झारखंड के हक-अधिकार की लड़ाई में रामदास सोरेन का संघर्ष, समर्पण और योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामदास सोरेन ने राज्य के हितों और अधिकारों की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने उनके शिक्षा मंत्री के कार्यकाल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार में शिक्षा मंत्री रहते हुए रामदास सोरेन ने झारखंड के बच्चों के लिए कई योजनाओं को संचालित कराने का काम किया था।
‘झामुमो के सशक्त स्तंभ थे रामदास सोरेन’
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में रामदास सोरेन को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि उनके संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की विरासत को हमेशा याद रखा जाएगा। रामदास सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री का यह संदेश झारखंड आंदोलन और राज्य के अधिकारों की लड़ाई में उनके योगदान को याद करने के तौर पर सामने आया है।


