
कतर ने शनिवार को ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि कतर की सेना ने ईरान के तीन पायलटों को जिंदा पकड़ लिया है। ईरान के मुताबिक, ये पायलट कतर में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने के अभियान के दौरान अपने लड़ाकू विमानों से बाहर निकलने के बाद पकड़े गए थे।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ईरानी पायलटों ने मार्च में कतर के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था। कतर के अधिकारियों ने उनसे संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
प्रवक्ता के मुताबिक, इसके बाद कतर की खोज और बचाव टीमों ने एक पायलट के शव के अवशेष बरामद किए। कतर ने शव को ईरान को सौंपने की प्रक्रिया के लिए तेहरान से संपर्क भी किया, लेकिन ईरान ने अभियान से जुड़ी जानकारी की समीक्षा के लिए भेजे गए निमंत्रण का अब तक जवाब नहीं दिया है।
ईरान ने तीन पायलटों के जिंदा पकड़े जाने का किया था दावा
कतर का यह बयान ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA की उस रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि कतर की सेना ने तीन ईरानी पायलटों को जिंदा पकड़ लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, ये पायलट कतर में एक सैन्य ठिकाने के खिलाफ अभियान के दौरान लड़ाकू विमानों से बाहर निकलने के बाद पकड़े गए थे।
ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने भी शनिवार को इस मामले में प्रतिक्रिया दी। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Fars द्वारा प्रकाशित एक पत्र में कहा गया कि ईरान ने तीन ईरानी पायलटों की रिहाई सुनिश्चित करने में मदद के लिए इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) से अपील की है।
ईरानी पक्ष के अनुसार, ये पायलट उस समय पकड़े गए जब मार्च में एक सैन्य अभियान के दौरान उनके विमान को निशाना बनाया गया था। तेहरान ने उस समय कतर में मौजूद ठिकाने को दुश्मन का सैन्य अड्डा बताया था।
अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद बढ़ा था तनाव
यह सैन्य अभियान उस समय हुआ जब ईरान ने 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में कार्रवाई की थी। तेहरान का आरोप रहा है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ हमलों में खाड़ी के अरब देशों में मौजूद सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल किया।
कतर ने कहा कि ईरानी पायलटों के उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने और संपर्क स्थापित करने की कोशिशों का जवाब नहीं देने के बाद उसने अपने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद संघर्ष का दायरा पूरे क्षेत्र में फैल गया था। इसके जवाब में तेहरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाकर हमले किए।


