Weather Update : 5,000 KM का क्लाउड बेल्ट क्यों है खास? क्या है चिंता कारण, IMD ने जारी किया अलर्ट

Weather Update :  5,000 KM का क्लाउड बेल्ट क्यों है खास? क्या है चिंता कारण, IMD ने जारी किया अलर्ट

wather update

उत्तरी भारत से लेकर एशिया के बड़े हिस्से तक बादलों का एक विशाल पट्टा सैटेलाइट तस्वीरों में साफ नजर आया है। करीब 5,000 किलोमीटर लंबा यह मॉनसून क्लाउड बेल्ट पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत से होते हुए चीन तक फैला हुआ दिखाई दे रहा है। मौसम की यह सक्रिय स्थिति आने वाले दिनों में क्षेत्र के कई हिस्सों में व्यापक बारिश करा सकती है।

ALSO READ: Electric Scooter : महंगे पेट्रोल से मिलेगा छुटकारा, बाजार में आया सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, 3kWh बैटरी और USB पोर्ट

सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा विशाल बादलों का घेरा

 

सैटेलाइट इमेज में नजर आ रहा यह पूरा क्षेत्र किसी एक विशाल तूफानी बादल का हिस्सा नहीं है। इसके बजाय यह मॉनसून सर्कुलेशन से जुड़ा गहरे संवहन (Deep Convection) और घने बादलों का लंबा क्षेत्र है। इसके भीतर कई गरज-चमक वाले बादलों और बारिश वाले सिस्टम के क्लस्टर मौजूद हैं। यह बादलों का विशाल बेल्ट पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत से शुरू होकर चीन तक फैला हुआ दिखाई दे रहा है। इसकी लंबाई 5,000 किलोमीटर से अधिक बताई जा रही है।

ALSO READ: 'लुंगी वाला' बयान पर संसद में बवाल, सुष्मिता देव को उपसभापति ने लगाई फटकार, सदन में जमकर हंगामा

सक्रिय मॉनसून से बढ़ी बारिश की गतिविधियां

 

मॉनसून के इस सक्रिय चरण के कारण कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर बने थंडरस्टॉर्म क्लस्टर बारिश को बढ़ा सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का पूर्वानुमान जताया है। उत्तरी भारत के कई इलाकों में भी मॉनसून की सक्रियता के चलते बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

ALSO READ: Google Pixel 11 Series Launch की लॉन्चिंग डेट, कन्फर्म 7 साल के अपडेट के साथ आएंगे नए Pixel फोन

5,000 KM का क्लाउड बेल्ट क्यों है खास?

मॉनसून के दौरान इस तरह के लंबे बादल क्षेत्र बड़े पैमाने पर नमी और संवहन वाली गतिविधियों का संकेत देते हैं। हालांकि, पूरे बादल क्षेत्र को एक ही तूफानी सिस्टम मानना सही नहीं है। इसके भीतर अलग-अलग बारिश और गरज-चमक वाले सिस्टम सक्रिय हो सकते हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम को प्रभावित करते हैं। आने वाले दिनों में मॉनसून की यह सक्रियता उत्तर भारत समेत कई हिस्सों में बारिश का दौर बढ़ा सकती है।