N Chandrasekaran Remuneration: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ये भी बात सामने आ रही है कि उन्होंने एक और कार्यकाल के लिए कोई डिमांड नहीं की है। इन खबरों के बीच अब उनकी सैलरी और कम्पेनसेशन के आंकड़े चर्चा में आ गए हैं। मनीकंट्रोल के आंकड़ों के मुताबिक, ‘चंद्रा’ के नाम से मशहूर चंद्रशेखरन को पिछले 5 सालों में टाटा संस से कुल ₹685 करोड़ का कम्पेनसेशन मिला है।
Tata Sons Chairman, N Chandrasekaran, released a statement, “I have communicated to the Tata Sons Board that I have decided not to offer myself for reappointment when my term ends on Feb 20, 2027. I have asked the Board to decide on the succession soon to ensure a proper… pic.twitter.com/cG5eBoftOg
— ANI (@ANI) August 12, 2026
वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें कुल ₹158.6 करोड़ का रेमुनरेशन मिला। यह FY22 के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा पैकेज है, जब से कंपनी ने अपने शीर्ष अधिकारियों की सैलरी के आंकड़े सार्वजनिक करना शुरू किया था।
सैलरी का 88% हिस्सा सिर्फ कमीशन!
चंद्रशेखरन की भारी-भरकम कमाई में सबसे बड़ा हिस्सा उनकी फिक्स्ड सैलरी का नहीं, बल्कि कंपनी के प्रदर्शन से मिलने वाले कमीशन का है। FY26 की उनकी कुल कमाई ₹158.6 करोड़ रही जिसमें ₹140.7 करोड़ कमीशन रहा जो कुल पैकेज का लगभग 88.7% है। उनकी फिक्स्ड सैलरी ₹17.9 करोड़ थी। चंद्रशेखरन को मिला यह पैकेज टाटा संस द्वारा अपने सभी डायरेक्टर्स को दी गई कुल सैलरी का 80 प्रतिशत हिस्सा है। FY25 में उनका कुल कम्पेनसेशन ₹155 करोड़ और FY24 में ₹134.8 करोड़ रहा था।
देश के सबसे टॉप कॉर्पोरेट दिग्गजों में शामिल थे चंद्रशेखरन
भारत के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव्स से अगर तुलना करें, तो चंद्रशेखरन टॉप पायदान पर खड़े नजर आते हैं:
सी विजयकुमार (HCL Tech CEO): वित्त वर्ष 2026 में ₹176 करोड़ के पैकेज के साथ देश के सबसे महंगे एग्जीक्यूटिव माने जाते हैं।
एन चंद्रशेखरन (Tata Sons Chairman): FY26 में ₹158.6 करोड़ के पैकेज के साथ दूसरे बड़े स्थान पर हैं।
संदीप कालरा (Persistent Systems CEO): FY25 में इनका पैकेज ₹148 करोड़ था, जो चंद्रशेखरन की FY26 की कमाई से कम है।
पवन मुंजाल (Hero MotoCorp): FY26 में ₹122 करोड़ के पैकेज के साथ ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले अधिकारी रहे।
AGM में डायरेक्ट्रिशिप पर वोटिंग से पहले बड़ा घटनाक्रम
चंद्रशेखरन की सैलरी और इस्तीफे के ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब अगस्त के मध्य में टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) आयोजित होने वाली है। वैसे चेयरमैन के रूप में उनका 5 साल का कार्यकाल फरवरी 2027 तक है, लेकिन रोटेशन नियमों के तहत उन्हें बोर्ड में अपनी डायरेक्टर की सीट बरकरार रखने के लिए शेयरधारकों के बहुमत की मंजूरी की आवश्यकता थी। इसी बीच उनके इस्तीफे और कार्यकाल पूरा कर हटने के फैसले ने सबको चौंका दिया है।
CFO सौरभ अग्रवाल दूसरे सबसे महंगे अधिकारी
टाटा संस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सौरभ अग्रवाल कंपनी में दूसरे सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टॉप मैनेजर रहे। उनकी FY26 में कुल आय ₹34 करोड़ रही जिसमें कमीशन का हिस्सा ₹26 करोड़ था।
चंद्रशेखरन और सौरभ अग्रवाल के अलावा बोर्ड के अन्य 7 सदस्यों में से किसी को भी रेगुलर रेमुनरेशन नहीं मिला। हालांकि, 6 सदस्यों को ₹1 से ₹3 करोड़ का कमीशन मिला, जबकि TVS मोटर्स के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन इकलौते ऐसे बोर्ड मेंबर रहे जिन्होंने न तो कोई सैलरी ली और न ही कमीशन।

