
संसद के मानसून सत्र में तीन सप्ताह से ज्यादा समय से जारी गतिरोध सोमवार को भी खत्म नहीं हो सका। सरकार की ओर से छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई पर लोकसभा में चर्चा कराने तथा गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की पेशकश के बावजूद कांग्रेस ने इसे स्वीकार नहीं किया। कांग्रेस ने कहा कि तीन मुद्दे उसके लिए 'नॉन-नेगोशिएबल' हैं और इन पर सरकार को जवाब देना ही होगा।
कांग्रेस ने अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित दान राशि की चोरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब की मांग दोहराई। वहीं, राहुल गांधी ने अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से स्पष्ट जवाब मांगा।
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सरकार ने छात्र आंदोलन पर चर्चा का दिया प्रस्ताव
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सोमवार को कहा कि सरकार देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए छात्र और युवा आंदोलनों तथा पुलिस कार्रवाई पर लोकसभा में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह चर्चा का बिंदुवार जवाब देंगे। रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि वह चर्चा के दौरान शांतिपूर्वक हिस्सा ले और गृह मंत्री के जवाब के समय सदन से बाहर न जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी पहले दिन से गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहे थे। अब सरकार चर्चा और अमित शाह के जवाब के लिए तैयार है, इसलिए विपक्ष को चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहिए।
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कांग्रेस ने ऑफर को बताया गुमराह करने की कोशिश
सरकार के प्रस्ताव पर कांग्रेस ने पलटवार किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सवाल यह नहीं है कि अमित शाह संसद में किसी सामान्य मुद्दे पर भाषण दे सकते हैं या नहीं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने सवाल किया कि कार्रवाई का आदेश किसने दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि अगर अमित शाह ने कार्रवाई का आदेश दिया था तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अगर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो यह उनकी अक्षमता है। राहुल गांधी ने दोनों परिस्थितियों में गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा- माफी मांगे पीएम मोदी
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि विपक्ष का एक अन्य प्रमुख मुद्दा अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी कथित दान राशि की चोरी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा।
खड़गे बोले- तीनों मुद्दे नॉन-नेगोशिएबल
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष दोनों मुद्दों पर चर्चा चाहता है, लेकिन सरकार ने कई दिनों तक इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। खड़गे ने राम मंदिर की दान राशि में कथित चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में लाखों लोगों की आस्था है, इसलिए प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। खड़गे ने स्पष्ट किया कि तीनों मुद्दे कांग्रेस के लिए नॉन-नेगोशिएबल हैं और पार्टी इन पर अपना रुख नहीं बदलेगी।
संसद में लगातार हो रहा हंगामा
20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में छात्र आंदोलन और राम मंदिर से जुड़े कथित दान विवाद सहित कई मुद्दों पर विपक्ष के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हुई है। सत्र गुरुवार को समाप्त होने वाला है। ऐसे में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोकसभा में अब तक नौ विधेयक पारित हुए हैं, लेकिन इनमें से केवल दो पर ही चर्चा हो सकी, जबकि बाकी विधेयक विपक्ष के हंगामे के बीच बिना चर्चा के पारित किए गए।
रिजिजू बोले- अब पता चलेगा कौन चर्चा से भागता है
कांग्रेस की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए किरण रिजिजू ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन चर्चा से भाग रहा है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब गृह मंत्री चर्चा का जवाब देने के लिए तैयार हैं तो विपक्ष को भी सदन में मौजूद रहकर उनका जवाब सुनना चाहिए। रिजिजू ने कहा कि आरोप लगाकर फिर चर्चा से पीछे हटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर चर्चा से बचने के लिए नए मुद्दे उठाने का आरोप लगाया।

