
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हर समस्या का समाधान संवाद और संवैधानिक तरीके से होता है। अपने ही घर के लोगों के साथ लाठी-डंडे से किसी समस्या का समाधान नहीं होता, नुकसान जरूर होता है।
सीएम सोरेन ने कहा, आज भी जब कोई अपनी आवाज उठाता है तो उसे कभी बदनाम करने, कभी लाठी-डंडे से दबाने, कभी गोली या पैलेट गन चलाने, घायल करने और कभी देशद्रोह का आरोप लगाने तक के प्रयास होते हैं। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का संविधान देश के हर व्यक्ति, अमीर हो या गरीब, को समान अधिकार देता है।
उन्होंने कहा कि इसलिए आज इस मंच से विशेषकर अपने नौजवान साथियों से कहना चाहता हूं कि मैं भी कोई बूढ़ा नहीं हूं साथियों, मैं भी आप ही लोगों के लगभग का हूं। आपकी भावनाएं और आपकी चिंताएं, मेरी चिंताएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज संवैधानिक पद पर बैठते हुए मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि आपके साथ पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और न्याय होते हुए दिखाई भी देगा। आज का यह महोत्सव यादगार बने, प्रेरणादायक बने और हम इस गर्व के साथ आगे बढ़ें कि हम ऐसे वीर सपूतों के वंशज हैं, जिन्होंने अपने हक-अधिकार और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया। यही जल, जंगल और जमीन हमारे जीवन की शुरुआत भी है और अंत भी।
उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हम आदिवासी हैं। राज्यपाल महोदय का आज व्यस्त कार्यक्रम है। उनका मार्गदर्शन हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है। आप सभी यहां आए, इस महोत्सव को अपना आशीर्वाद और सहयोग दिया, इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।

