
Share Market Weekly Review : अमेरिका ईरान संकट, रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति, FII-DII गतिविधियां, वैश्विक बाजारों के संकेत और रुपये-क्रूड की चाल से भारतीय शेयर बाजार प्रभावित हुए। 3 दिन बाजार हरे और 2 दिन लाल निशान में बंद हुआ। कारोबारी हफ्ते में सेंसेक्स में 404 और निफ्ट में 189 अंकों की बढ़त रही। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा अगस्त का पहला सप्ताह।
कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल?
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 544 अंक चढ़कर 78639 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 391 अंक की तेजी के साथ 24,774 पर पहुंचा। मंगलवार को सेंसेक्स 210 अंकों की गिरावट के साथ 78429 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 159 अंक गिरकर 24,615 पर पहुंच गया। बुधवार को सेंसेक्स 152 अंक चढ़कर 78581 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 10 अंक की तेजी के साथ 24,625 पर पहुंचा।
गुरुवार को सेंसेक्स 374 अंक चढ़कर 78955 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 12 अंक की तेजी के साथ 24,636 पर जा पहुंचा। हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 456 अंकों की गिरावट के साथ 78499 पर आ गया, जबकि निफ्टी 65 अंक गिरकर 24,571 पर बंद हुआ।
इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल
रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति, अमेरिका की टैरिफ नीति और एसबीआई समेत कई कंपनियों के नतीजों ने इस हफ्ते बाजार को प्रभावित किया। RBI का रुख ब्याज दरों में तत्काल बदलाव की बजाय महंगाई और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने वाला रहा। FII flow और अमेरिकी बाजारों की दिशा ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया। पश्चिम एशिया की स्थिति और तेल आपूर्ति से जुड़े जोखिमों ने क्रूड तथा रिस्क मैनेजमेंट को प्रभावित किया। डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव ने खासकर IT, ऑयल और आयात-निर्भर कंपनियों को प्रभावित किया।
शेयर बाजार की टाइमिंग में बदलाव
3 अगस्त 2026 से भारतीय शेयर बाजार में F&O ट्रेडर्स के लिए बड़ा बदलाव लागू हुआ। अब F&O ट्रेडिंग शाम 3:40 बजे तक चलती है, F&O वाले शेयरों की कैश मार्केट में सामान्य ट्रेडिंग 3:15 बजे तक और नॉन-F&O शेयरों की ट्रेडिंग पहले की तरह 3:30 बजे तक जारी रहेगी। F&O शेयरों का क्लोजिंग प्राइस पुराने VWAP सिस्टम की बजाय क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के जरिए तय होगा। यह बदलाव बाजार में ट्रांसपरेंसी बढ़ाने और क्लोजिंग प्राइस को ज्यादा सटीक बनाने के लिए हुआ है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
बाजार विशेषज्ञ सुयश राठौर ने कहा कि युद्ध थमने की उम्मीद और क्रूड ऑइल के दाम घटने से इस हफ्ते बाजार रेंजबाउंड लेकिन सकारात्मक रहा। विदेशी निवेशकों ने बाइंग की तो मानसून के रफ्तार पकड़ने से भी निवेशकों में उत्साह का संचार हुआ। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते भी बाजार हरे निशान में दिखाई दे सकता है। अगर अमेरिका और ईरान में समझौता होता है तो बाजार में नया मूवमेंट आ सकता है।
शेयर बाजार एक्सपर्ट योगेश बागौरा के अनुसार, निफ्टी में 25050 से 25100 का रेजिस्टेंस बना हुआ है। इसके ऊपर क्लोजिंग आने पर बाजार 25400 से 25500 तक जा सकता है। नीचे में बाजार को 24150-24300 का मजबूत सपोर्ट है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की इस्लामिक नाटो वाली डील से ईरान नाराज नजर आ रहा है। तो जापान अपनी मुद्रा येन में गिरावट को संभालने में नाकाम रहा है। अमेरिका इस स्थिति में जापान की मुद्रा को सहारा देकर उसे संभालने का प्रयास कर रहा है।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

