Sheikh Hasina Return : शेख हसीना ने किया ऐलान- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी, बोलीं- गिरफ्तारी या मौत का भी डर नहीं, भारत ने कार्यक्रम से क्यों बनाई दूरी

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने बुधवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वे दिसंबर 2026 में अपने देश लौटना चाहती हैं। नई दिल्ली से अपने पहले वर्चुअल मीडिया संबोधन में हसीना ने कहा कि उन्हें पता है कि वापसी पर गिरफ्तारी, जेल या जान को खतरा हो सकता है, लेकिन वह इन आशंकाओं के कारण अपने लोगों से दूर नहीं रह सकतीं। हसीना ने कहा कि वह अपने लोगों के बीच लौटना चाहती हैं और बांग्लादेश की जनता के मुश्किल दौर में उनसे दूर रहना उनके लिए संभव नहीं है। भारत सरकार ने हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम से दूरी बनाई।

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'जो होगा, सामना करूंगी'

शेख हसीना ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें अपनी वापसी से जुड़े जोखिमों का पूरी तरह अंदाजा है। उन्होंने कहा कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, जेल भेजा जा सकता है या उनके खिलाफ राजनीतिक रूप से प्रेरित मामले दर्ज किए जा सकते हैं। हसीना के मुताबिक, व्यक्तिगत सुरक्षा का डर उनके कर्तव्य को तय नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि वह अपने जीवन में पहले भी कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर चुकी हैं।

 

1971 से 1975 तक के संघर्ष को किया याद

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अपने राजनीतिक जीवन के संघर्षों को याद करते हुए हसीना ने कहा कि 1971 में वह अपनी मां के साथ कैद में थीं और उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय का जन्म भी कैद के दौरान हुआ था। उन्होंने कहा कि 1975 में उन्होंने अपने परिवार के कई सदस्यों को खो दिया और इसके बाद उन्हें करीब छह साल निर्वासन में भी रहना पड़ा। हसीना ने कहा कि इन अनुभवों के बाद उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर सोच काफी बदल गई है।

'लोगों के साथ खड़े होने के लिए लौटना चाहती हूं'

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश लौटने का उनका उद्देश्य अपने लोगों के साथ खड़ा होना और उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद करना है। उन्होंने कहा कि वह अपने समर्थकों और देशवासियों को मुश्किल में छोड़कर लंबे समय तक बाहर नहीं रह सकतीं।

Awami League पर लगी पाबंदी हटाने की मांग

 

हसीना ने अपने संबोधन में अपनी पार्टी Awami League (अवामी लीग) पर लगी पाबंदियों को हटाने की भी मांग की। उन्होंने अवामी लीग पर प्रतिबंध हटाने, पार्टी नेताओं को रिहा करने और पार्टी के सदस्यों के खिलाफ दर्ज कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग की। बांग्लादेश में अवामी लीग की गतिविधियों पर प्रतिबंध और पार्टी की राजनीतिक स्थिति लंबे समय से विवाद का विषय बनी हुई है।

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भारत ने हसीना के कार्यक्रम से दूरी बनाई

 

इस बीच, भारत सरकार ने हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम से दूरी स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया गया था और भारत सरकार का इसमें कोई रोल नहीं है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में व्यक्त किए जाने वाले विचारों का वह आधिकारिक रूप से समर्थन नहीं करता।

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दिसंबर में वापसी का ऐलान क्यों अहम?

शेख हसीना का दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का ऐलान ऐसे समय हुआ है जब उनके खिलाफ वहां कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक विवाद जारी हैं। इसलिए उनकी वापसी की घोषणा को बांग्लादेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शेख हसीना वास्तव में दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी और लौटने पर उनके खिलाफ वहां क्या कानूनी कार्रवाई होगी? आने वाले महीनों में इस पर नजर रहेगी।