SpaceX Rocket Moon Crash : 8,700 Kmph की रफ्तार से चांद से टकराया SpaceX रॉकेट का हिस्सा, वैज्ञानिकों ने टेलीस्कोप से रखी नजर, देखें Video

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अंतरिक्ष में एक दिलचस्प घटना सामने आई है। SpaceX के Falcon 9 रॉकेट का ऊपरी हिस्सा (Upper Stage) चांद की सतह से टकरा गया है। वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक, यह टक्कर करीब 8,700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हुई। दुनियाभर के खगोलविदों ने इस घटना को रिकॉर्ड करने के लिए अपने टेलीस्कोप संभावित Impact Site की ओर मोड़ दिए थे। वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि इस आकस्मिक टक्कर से चांद और अंतरिक्ष मलबे को लेकर कुछ उपयोगी वैज्ञानिक जानकारी हासिल हो सकती है।

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करीब 4,000 किलो का था रॉकेट का हिस्सा

 

जिस हिस्से के चांद से टकराने की बात कही जा रही है, वह SpaceX के Falcon 9 रॉकेट का Upper Stage था। इसकी लंबाई करीब 14 मीटर और वजन लगभग 4,000 किलोग्राम बताया जा रहा है। इस रॉकेट को जनवरी 2025 में लॉन्च किया गया था। इसका इस्तेमाल जापानी कमर्शियल स्पेस कंपनी ispace के Hakuto-R मिशन को चांद की ओर भेजने के लिए किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि इसी मिशन का Hakuto-R लैंडर भी चांद पर उतरने की कोशिश के दौरान सफल नहीं हो पाया था और चांद की सतह से टकराकर नष्ट हो गया था।

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8,700 Kmph की रफ्तार से हुआ Impact

खगोलविदों के अनुमान के अनुसार Falcon 9 का करीब 14 मीटर लंबा Upper Stage 5 अगस्त की सुबह 5:35 बजे BST के आसपास चांद की सतह से टकराया। टक्कर की अनुमानित गति करीब 8,700 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इतनी तेज गति से किसी भारी वस्तु के चांद की सतह से टकराने पर वहां नया Impact Crater बनने की संभावना रहती है।  हालांकि, घटना की वास्तविक तस्वीरों और वैज्ञानिक आंकड़ों से टक्कर की पुष्टि तथा इसके प्रभावों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

 

Einstein Crater के पास हुआ Impact

 

वैज्ञानिकों के मुताबिक, SpaceX रॉकेट के चांद से टकराने का अनुमानित स्थान Einstein Crater के आसपास था। यह क्षेत्र पृथ्वी से दिखाई देने वाले चांद के हिस्से के किनारे के करीब स्थित है। यही वजह है कि दुनिया भर के Astronomers ने घटना के संभावित समय और स्थान पर अपने टेलीस्कोप केंद्रित किए। वैज्ञानिकों का लक्ष्य इस टक्कर से पैदा होने वाले Flash, Dust Plume या Impact Crater जैसे संकेतों को रिकॉर्ड करना था।

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वैज्ञानिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?

 

चांद पर किसी बड़े मानव निर्मित रॉकेट के हिस्से का टकराना केवल अंतरिक्ष मलबे की घटना नहीं है। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने का अवसर मिल सकता है कि अलग-अलग आकार और वजन की वस्तुओं के चांद की सतह से टकराने पर किस तरह के प्रभाव पैदा होते हैं। ऐसे Impact से चांद की सतह के नीचे मौजूद पदार्थ के बारे में भी जानकारी मिलने की संभावना रहती है।