
ग्लास्गो में चल रहे Commonwealth games 2026 में भारत की शर्मिला धनकड़ ने इतिहास रचते हुए लंबे समय से चला आ रहा भारत का पदक का सूखा खत्म करते हुए पैरा शूटपूट में स्वर्ण पदक जीत लिया।40 वर्षीय शर्मिला ने 9.81 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो लगाकर स्वर्ण पदक जीता और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पैरा एथलेटिक्स पदक के 20 साल के इंतजार को खत्म किया।
इस स्पर्धा में एक और भारतीय खिलाड़ी शिल्पा शायला को विवाद के बाद कांस्य पदक प्रदान किया गया। शिल्पा ने 7.26 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था।शुरुआत में नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी कांस्य पदक की स्थिति में थीं, लेकिन भारतीय दल की आपत्ति और आधिकारिक समीक्षा के बाद उनके एकमात्र वैध प्रयास को फाउल करार दिया गया। इसके बाद चौथे स्थान पर रहीं शिल्पा शायला को कांस्य पदक मिल गया।
HISTORIC GOLD IN GLASGOW!
Sharmila wins Gold in Women's Shot Put F57 & creates history at #CWG2026.
She becomes India's first-ever Commonwealth Games Gold medallist in Para Athletics.Your indomitable spirit has made the entire nation proud on the global stage.… pic.twitter.com/gP1RA7ZHbn
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) July 27, 2026
नाइजीरिया की ओर से हालांकि इस फैसले के खिलाफ आपत्ति दर्ज किए जाने की संभावना है।पदक में बदलाव की घोषणा के बाद भावुक शिल्पा ने शर्मिला के साथ जश्न मनाया। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में दो पदक हासिल किए।एफ57 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए होता है जिनके निचले अंगों में अक्षमता, अंगों की कमी या मांसपेशियों की ताकत में कमी होती है।

