अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे तेल ने डुबोया बाजार! एक हफ्ते में सेंसेक्स 2092 अंक टूटा, जानें अगले सप्ताह कैसी रहेगी चाल

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Share Market Weekly Review : अमेरिका ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपए की कमजोरी और ट्रंप टैरिफ की वजह से भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता काफी निराशाजनक रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स में 2092 अंकों की गिरावट रही तो निफ्टी भी 567 अंक गिर गया। पांचों कारोबारी दिन बाजार लाल निशान में रहा। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह। ALSO READ: Share Bazaar लगातार 5वें दिन टूटा, Sensex 332 अंक फिसला, Nifty भी आया 23800 के नीचे

 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 443 अंकों गिरकर के साथ 77,709 पर था तो निफ्टी 51 अंकों की गिरावट के साथ 24,239 पर बंद हुआ। मंगलवार को सेंसेक्स 238 अंकों की गिरावट के साथ 77,470 पर जा पहुंचा तो निफ्टी 51 अंक गिरकर 24,188 पर आ गया। बुधवार को सेंसेक्स 715 अंक गिरकर के साथ 76,755 पर था तो निफ्टी 191 अंकों की गिरावट के साथ 24,000 के मनौवैज्ञानिक स्तर के नीचे बंद हुआ।

 

गुरुवार को सेंसेक्स 364 अंक गिरकर के साथ 76,391 पर था तो निफ्टी 127 अंकों की गिरावट के साथ 23,870 पर बंद हुआ। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भी शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स 332 अंक गिरकर के साथ 76,060 जा पहुंचा तो निफ्टी 102 अंकों की गिरावट के साथ 23,767 पर बंद हुआ। ALSO READ: Share Bazaar में चौथे दिन भी गिरावट, Sensex 364 अंक लुढ़का, Nifty भी 24000 के नीचे

 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने बताया कि अमेरिका ईरान युद्ध, ट्रंप टैरिफ, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, सीजेपी प्रोटेस्ट की वजह से शेयर बाजार में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। बाजार को एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और यश बैंक के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं लगे। 200 प्रतिशत ट्रंप टैरिफ की धमकी से फॉर्मा कंपनियां दबाव में रही तो एक्सपोर्ट पर 10 फीसदी टैरिफ लगाकर ट्रंप ने शेयर बाजार में निवेशकों की दहशत को और बढ़ा दिया।  

 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

बागौरा ने कहा कि यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के प्रवेश द्वार बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर सऊदी अरब से जुड़े जहाजों की नाकेबंदी का ऐलान किया है। इस कदम से वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर गंभीर संकट मंडराने लगा है। भारत, चीन, पाकिस्तान समेत एशियाई देशों पर इसका बुरा असर पड़ेगा। इससे पेट्रोल डीजल और गैस पर दबाव बढ़ेगा। महंगाई बढ़ने का भी खतरा है। इस वजह से आने वाले समय में रिजर्व बैंक रेट ऑफ इंटरेस्ट भी बढ़ा सकता है। 

 

उन्होंने कहा कि बाजार में निफ्टी को नीचे में 23400 से 23500 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट है। ऊपर में 24200-24300 पर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है।

 

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।