
राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का खाता खोलने वाले पैरा भारोत्तोलक झंडु कुमार 5 साल से पोलियो से ग्रसित थे। उन्होंने कुल 190 किलोग्राम पॉवरलिफ्ट करके भारत को कांस्य पदक जिताया। वह खुद एक सब्जी बेचने वाले के बेटे हैं और कोविड काल के दौरान उन्होंने सब्जी बेचकर अपना घर खर्च चलाया लेकिन आज उनका संघर्ष रंग लाया।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का पदक खाता खोलते हुए पैरा पावरलिफ्टिंग की पुरुष हेवीवेट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर श्री झंडू कुमार जी को हार्दिक बधाई।
आपकी अदम्य इच्छाशक्ति, कठिन परिश्रम और अटूट समर्पण ने देश का गौरव बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत… pic.twitter.com/e08NUTMu7h
— Yashodhara Raje Scindia (@yashodhararaje) July 25, 2026
MEET PARA POWERLIFTER JHANDU KUMAR
– Son of a vegetable vendor
– Struck by polio at age 5
– Worked as a vegetable seller & e-rickshaw driver during COVIDWON INDIA’S FIRST MEDAL AT CWG 2026 pic.twitter.com/D4a8dc6jYv
— The Khel India (@TheKhelIndia) July 25, 2026
28 वर्षीय झंडु कुमार का जन्म नालंदा के हरनौत में हुआ था। झंडु कुमार का शुरुआती जीवन कई संघर्षों में बीता। उन्होंने गुजर बसर के लिए ई रिक्शा चलाया वहीं खानदानी पेशा सब्जियां भी बेची। लेकिन अंतत जैसे उन्होंने निजी जिंदगी के संघर्षो से पार पाकर जीत हासिल की वैसे ही ग्लासगो में भी भारत का झंडा बुलंद किया।
झंडू कुमार ने 5 सालों में ही अपने पैरों की मजबूती गंवा दी थी। पोलियो के कारण उनको बैसाखी का सहारा लेना पड़ा। सब्जी बेचने के अलावा उन्होंने ई रिक्शा चलाया ताकि घर चल पाए लेकिन यह भी काम नहीं आया। नतीजा यह हुआ कि उन्हें अपना ई रिक्शा भी बेचना पड़ा।झंडू कुमार ने गोला फेंक, भाला फेंक और चक्का फेंक जैसे खेलों में अपना भाग्य आजमाया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने पॉवरलिफ्टिंग चुना और आज देश का खाता खुलवा गए।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर उनको बधाई दी”झंडू कुमार का शानदार प्रदर्शन! उन्होंने पुरुषों के हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर #CWG2026 में भारत के लिए मेडल का खाता खोला है। उन्हें बधाई। उनकी यह उपलब्धि उनकी जबरदस्त ताकत, अटूट संकल्प और बरसों की अनुशासित मेहनत का बेहतरीन उदाहरण है। हर चुनौती का सामना करते हुए और इंटरनेशनल मंच पर शानदार प्रदर्शन करके, उन्होंने पूरे देश का मान बढ़ाया है और अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है।”

