
FIFA World Cup में स्पेन ने मजबूत रक्षापंक्ति का ऐसा मकड़जाल रचा कि अर्जेंटीना के खिलाड़ी लगातार आक्रमण करने के बाद भी गोलमुख को भेद नहीं पाए। मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ी हार पचा नहीं पाए और स्पेन के खिलाड़ियों से धक्का मुक्की करने लग गए। इस घटना की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है। साथ ही झड़प के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।
Absolutely deplorable behavior by the Argentina players, whatever the provocation may be..
It has left a very bad taste eventually.. pic.twitter.com/xgx0lBkeid
— Keh Ke Peheno (@coolfunnytshirt) July 20, 2026
मेस्सी का उनके आखिरी विश्व कप में लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना भी टूट गया। टोरेस स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतरे और 106वें मिनट में यह गोल दागकर स्पेन को 1-0 से जीत दिलाई। उन्होंने बॉक्स के भीतर हवा में आई गेंद पर अपने बायें पैर से कब्जा करके शॉट लगाया और अर्जेंटीना के गोलकीपर उसे बचा नहीं सके।
निर्धारित समय तक गोलरहित बराबरी के बाद मैच अतिरिक्त समय में खिंचा था।स्कोर से भले ही लगे कि यह मैच कांटे का था लेकिन असलियत यह है कि पूरे मैच में स्पेन का दबदबा था। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में मानो अर्जेंटीना की टीम जागी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
स्पेन ने गोल पर 20 शॉट लगाये जबकि अर्जेंटीना ने पहला संजीदा प्रयास अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में दिखाया। स्पेन ने मैच की पहली दस कार्नर किक में से नौ हासिल की। अर्जेंटीना के लिये उसके गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और विश्व कप फाइनल में रिकॉर्ड 12 शॉट बचाये।
मेस्सी ने आखिरी सीटी बजने से चार मिनट पहले कॉर्नर किक ली और गेंद रिजर्व खिलाड़ी जियुलियानो सिमोन की ओर गई जिन्होंने इसे हवा में उछाला और वह क्रॉसबार के ऊपर से निकल गई। अर्जेंटीना के प्रशंसको को उम्मीद थी कि अंत के लम्हों में टीम वैसा ही प्रदर्शन करेगी जैसा टूर्नामेंट के अन्य मैचों में करती आई है। लेकिन आज नियति में वैसा नहीं लिखा था।

