Who is Neha Bora : कौन हैं नेहा बोरा? CJP प्रोटेस्ट के बाद क्यों हैं चर्चा में, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो

दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हुए है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वे अनशन पर हैं। सीजेपी प्रोटेस्ट में सोनम वांगचुक ही नहीं कई छात्र नेता भी भूख हड़ताल पर बैठे है। इसमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के 4 नेता शामिल हैं। इनमें वामपंथी छात्र संगठन 'आइसा' (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) भी शामिल हैं। 

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नेहा बोरा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की एक शोधार्थी (PhD scholar) हैं। वे इस समय सोशल मीडिया पर लगाकार चर्चाओं में हैं। नेहा को अक्सर शिक्षा के निजीकरण, मॉब लिंचिंग, बिलकिस बानो के न्याय और गाजा में नागरिकों की स्थिति जैसे मुद्दों पर मुखर होकर अपनी बात रखते देखा गया है।
 

जानकारी के मुताबिक उत्तरप्रदेश के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी नेहा ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल, सिलीगुड़ी से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में ग्रेजुएशन किया और फिर अंबेडकर विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा JNU से जारी रखी। नेहा जेएनयू में छात्र राजनीति से जुड़ीं और बाद में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं।

ब्राह्मणवाद और जातीय भेदभाव पर विचार

रिपोर्ट के अनुसार, नेहा बोरा अपने सोशल मीडिया पोस्ट में 'ब्राह्मणवाद' को समाज में मौजूद विभिन्न प्रकार के भेदभाव का प्रतीक बताती रही हैं। उनके अनुसार, ब्राह्मणवाद का अर्थ समाज के एक वर्ग द्वारा दूसरे वर्ग का ऐतिहासिक दमन है। उनके आलोचकों के मुताबिक उनके विचारों में ब्राह्मण समुदाय के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण दिखाई देता है और वे इसे सामाजिक समानता स्थापित करने के तर्क से उचित ठहराती हैं।

 

हिन्दू एकता और मुस्लिम समुदाय पर बयान

एक पॉडकास्ट में नेहा बोरा ने कहा था कि हिन्दू समाज को जातिगत आधार से ऊपर उठाकर एकजुट करने की अपील से मुस्लिम समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। उन्होंने कथित लव जिहाद के मुद्दे को भी गंभीरता से नहीं लिया और हिन्दू समाज में महिलाओं की स्थिति पर टिप्पणी की। उनके इन बयानों को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था।

फिलिस्तीन के समर्थन में रुख

नेहा बोरा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फिलिस्तीन के समर्थन में कई पोस्ट कर चुकी हैं। उन्होंने इजरायल की आलोचना करते हुए Free Palestine अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कई पोस्ट के जरिए इजराइल की निंदा की और फिलिस्तीन की आजादी (Free Palestine) की मांग की है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि छात्र संगठनों के माध्यम से वैचारिक और राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ाने की रणनीति लंबे समय से अपनाई जाती रही है। वहीं, AISA और अन्य वामपंथी छात्र संगठन इन आरोपों को खारिज करते हुए स्वयं को छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाला संगठन बताते रहे हैं।