
एफबीआई ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के खिलाफ ऑपरेशन हार्ड बॉल शुरू किया है। एफबीआई ने गैंग के 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी करते हुए 24 लोगों को गिरफ्तार किया है।
बिश्नोई गैंग के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में हेरोइन और कोकीन जैसे ड्रग्स, कई आग्नेयास्त्र और हजारों डॉलर की नकदी बरामद की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लॉरेंस बिश्नोई के ग्लोबल सिंडिकेट को पूरी तरह से तोड़ना है।
इस ऑपरेशन में केवल लॉरेंस बिश्नोई के वफादारों को ही नहीं निशाना बनाया गया, बल्कि उसके सहयोगी गोल्डी बराड़, जग्गू भगवानपुरिया और रविंदर सिंह ढांडा जैसे अन्य गिरोहों के नेटवर्क को भी ध्वस्त करने की कोशिश की गई।
लारेंस बिश्नोई गैंग पर क्यों हुआ एक्शन?
लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़कर कई वांटेड अपराधी अमेरिका, कनाडा और यूरोप से न सिर्फ भारत में अपने अपराध का साम्राज्य चला रहे हैं। बल्कि इन देशों में रह रहे भारतीयों को भी निशाना बनाकर उनसे रंगदारी वसूल कर रहे हैं।
बिश्नोई-बराड़ गिरोह पर खालिस्तान समर्थक आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की 2023 में हुई हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। कनाडा सरकार ने पिछले साल लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन घोषित किया था।

