
दिल्ली सरकार ने सोमवार को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2.0 को मंजूरी दे दी। नई नीति के तहत 1 जुलाई 2026 से 31 मार्च 2030 तक लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक दिल्ली में 95 प्रतिशत नए वाहन पंजीकरण इलेक्ट्रिक (EV) करना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह नीति केवल सब्सिडी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अलग-अलग वाहन श्रेणियों के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय कर इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर चरणबद्ध बदलाव का रोडमैप तैयार किया गया है।
₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर बड़ी राहत
नई EV पॉलिसी के तहत दिल्ली में 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों के पंजीकरण पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ रहेगी। इस कदम का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है।
ई-टू-व्हीलर खरीदने पर मिलेगी सब्सिडी
सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खरीद पर तीन वर्षों तक चरणबद्ध सब्सिडी देने का फैसला किया है।
- पहले वर्ष: 30,000 रुपये
- दूसरे वर्ष: 20,000 रुपये
- तीसरे वर्ष: 10,000 रुपये
- ई-थ्री-व्हीलर पर भी मिलेगा प्रोत्साहन
दिल्ली में नई EV Policy को आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। राजधानी में व्हीकल पॉल्यूशन पर प्रभावी नियंत्रण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है।
नई EV Policy 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी।
नीति की प्रमुख विशेषताएं:
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) June 29, 2026
इलेक्ट्रिक ऑटो और अन्य ई-थ्री-व्हीलर खरीदने वालों को भी आर्थिक सहायता मिलेगी।
- पहले वर्ष: 50,000 रुपये
- दूसरे वर्ष: 40,000 रुपये
- तीसरे वर्ष: 30,000 रुपये
- कब से बंद होंगे पेट्रोल और CNG ऑटो?
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नई नीति के अनुसार
- 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का ही नया पंजीकरण होगा।
- 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और CNG दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ही पंजीकृत किए जाएंगे।
- इलेक्ट्रिक ट्रक और स्क्रैपिंग पर भी मिलेगा लाभ
- N1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने पर 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
- BS-IV या उससे पुराने चारपहिया वाहन स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को 1 लाख रुपये की स्क्रैपिंग इंसेंटिव दी जाएगी।
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हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि हाइब्रिड वाहनों पर किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं मिलेगी।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अगले चार वर्षों में लगभग 15,000 करोड़ रुपये खर्च कर राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जाएगा और वाहन प्रदूषण को कम किया जाएगा। नई नीति के तहत शहर में EV चार्जिंग स्टेशन, वाहन स्क्रैपिंग सेंटर और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जाएगा। सरकार एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित करेगी, जहां नागरिक EV से जुड़ी सभी सब्सिडी और प्रोत्साहन योजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे। Edited by : Sudhir Sharma

