आयरलैंड की B टीम ने T20I में रोका भारत की 16 सीरीज का विजय रथ

बेलफास्ट में आयरलैंड ने भारत के सामने पेशेवर क्रिकेट खेलकर पहला टी-20 मैच 34 और दूसरा टी-20 मैच 1 रन से जीतकर इतिहास रच दिया। आयरलैंड खुद एक असोसिएट देश है और भारत 2 बार का विश्वचैंपियन। लेकिन जो बात इस सीरीज जीत को सबसे खास बनाती है वह यह कि आयरलैंड खुद यह सीरीज अपने नियमित खिलाड़ियों के बिना खेल रहा था। ध्यान रहे कि उनकी टीम में मार्क अडायर, कर्टिस कैम्फर, पॉल स्टर्लिंग और जोशुआ लिटिल जैसे कुछ नियमित खिलाड़ी भी नहीं थे, और फिर भी ऐसी जीत हासिल करना वाकई अविश्वसनीय है।

पॉल स्टर्लिंग का वजन इस खेल के हिसाब से काफी ज्यादा है लेकिन वह तेजी से रन बनाते हैं और सबसे अनुभवी सलामी बल्लेबाज है। हालांकि भारत के खिलाफ उनका रिकॉर्ड खराब है। कैम्फर टीम के अनुभवी ऑलराउंडर है वह कई असोसिएट देशों के खिलाफ गेंद और बल्ले से मैच जिता चुके हैं। वहीं बालबर्नि इस आयरिश बल्लेबाजी क्रम में विश्वसनीयता लाते हैं, लेकिन इस बार वह भी बाहर थे।

सबसे बड़ा नाम तो जोश लिटिल का था जो इंडियन प्रीमियर लीग में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेल चुके हैं।आयरलैंड के मुख्य खिलाड़ी खुद को कोस रहें होंगे कि काश वह भी इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बन पाते लेकिन बदलाव के दौर से गुजर रही आयरलैंड के लिए इससे बेहतर और क्या हो सकता है कि उनके युवा चेहरों ने विश्व विजेताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया।

गेंदबाजी हो या बल्लेबाजी आयरलैंड ने मिलकर काम किया। उनके कप्तान लोरन टकर ने पहले मैच में अर्धशतक जड़ा तो हैरी टेक्टर ने दूसरे मैच में अर्धशतक जड़ा। पहले मैच में होलार्ड ने 3 और दूसरे मैच में भी 3 विकेट निकाले और सीरीज के सबसे सफल गेंदबाज रहे। भारतीय मूल के जय मुंद्रा ने अंतिम टी-20 में 3 विकेट लेकर ना केवल मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार लिया बल्कि मैन ऑफ द सीरीज का भी अवार्ड अपने पास रखा।

आयरलैंड के कप्तान लोरकान टकर ने कहा ,‘‘ मुझे यकीन ही नहीं हो रहा। मैने खिलाड़ियों से कहा था कि हमें साबित करना है कि पहले मैच की जीत तुक्का नहीं थी और उन्होंने यह मैच भी जीतकर वही किया । हमने दिखा दिया कि क्रिकेट सरल भी हो सकता है, उसे पेचीदा बनाने की जरूरत नहीं है।’’

आयरलैंड के खिलाड़ी दर्शकों के पास जाकर उनका शुक्रिया अदा करते हैं और फिर सपोर्ट स्टाफ़ उन्हें बधाई देता है। 28 जून, 2026 का दिन उनके क्रिकेट सफ़र के सबसे यादगार दिनों में से एक रहेगा। उन्होंने न सिर्फ़ टी20 वर्ल्ड चैंपियन को हराया, बल्कि उनकी लगातार 16 सीरीज़ जीतने का सिलसिला भी तोड़ दिया। दोनों मैचों में वे बेहतर टीम साबित हुए। उन्हें हालात की बेहतर समझ थी और उन्होंने उसका पूरा फ़ायदा उठाया। बल्लेबाज़ों ने अच्छे रन बनाए और गेंदबाज़ों ने भी कमाल का प्रदर्शन किया। फ़ील्डिंग भी ज़बरदस्त रही और उन्होंने तीनों विभागों में भारत को पीछे छोड़ दिया।