मांस का टुकड़ा खाने को…कलमा पढ़ाया, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया, रूह कंपा देगी किशोरी के दर्द की कहानी

कानपुर : एक पिता के लिए इससे बड़ा डर क्या हो सकता है कि उसकी बेटी घर से निकले और फिर सात दिनों तक उसका कोई पता न चले। रावतपुर इलाके में रहने वाले एक परिवार ने यही दर्द झेला। 21 जून को घर से निकली 17 वर्षीय किशोरी जब शनिवार को बदहवास हालत में वापस लौटी, तो उसके शरीर पर चोटों के निशान थे और आंखों में सात दिनों की दहशत साफ दिखाई दे रही थी।