तृणमूल कांग्रेस के बाद शिवसेना (यूबीटी) भी एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। बताया जा रहा है कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के इच्छुक हैं। इस पर कटाक्ष करते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को ज्यादा पैसे मिले हैं जबकि शिवसेना यूबीटी के सांसद सस्ते में गए।
महुआ मोइत्रा सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, सिर्फ 15 करोड़ रुपए? सस्ते में क्यों जा रहे हैं? मुझे लगता है हमारे को 4 करोड़ रुपए अग्रिम और अगले 36 महीनों के लिए हर महीने 1 करोड़ रुपए मिला है। … हनी प्लस मनी।
Only 15 cr? Saste mein kyo jaa rahe hai? Believe ours got 4cr up front and 1cr a month for next 36 months of term. …. Honey plus Money.@uddhavthackeray @abhishekaitc https://t.co/Yl1ZXFxkC5
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) June 16, 2026
महुआ ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि एनसीपीआई तो कुत्ते की पूंछ का आखिरी बाल भी नहीं है। असली कुत्ता तो टीएमसी से अलग हुआ गुट है। अब एनसीपीआई से उम्मीद की जा रही है कि वही उस कुत्ते को नचाए। यह बिल्कुल संभव नहीं है। अभिषेक मनु संघवी का धन्यवाद, जिन्होंने बात को उसी तरह कहा जैसी वह वास्तव में है!
“ The NCPI is not even the last hair on the tail of the dog. The dog is the TMC breakaway group. Now the NCPI is supposed to wag the dog. That’s just not possible.” Thank you @DrAMSinghvi for saying it like it is!
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) June 16, 2026
शिवसेना यूबीटी में बड़ी टूट की तैयारी!
उद्धव ठाकरे गुट के 6 लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने साफ कहा है कि जो जाना चाहते हैं खुशी से चले जाएं। वहीं संजय राउत ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, अपना सपना मनी मनी! यह चौंकाने वाला है कि महाराष्ट्र के सांसदों को पाला बदलने के लिए कथित तौर पर 15-15 करोड़ रुपए ऑफर किए जा रहे हैं। ALSO READ: शिवसेना UBT में फिर बड़ी बगावत? उद्धव ठाकरे के 6 लोकसभा सांसद पाला बदलने को तैयार, संजय राउत का 15-15 करोड़ का दावा
टीएमसी के बागी सांसदों पर फंसा पेंच
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस विधायक दल में भगदड़ मच गई। देखते ही देखते पार्टी के 20 लोकसभा सांसदों ने भी काकोली घोष दस्तीकार के नेतृत्व में एनसीपीआई जॉइन कर ली जबकि 4 राज्यसभा सांसदों ने पद से इस्तीफा दे दिया। इस मामले में उस समय पेंच फंस गया जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही टीएमसी के बागी सांसदों के मामले में कोई फैसला लेंगे। ALSO READ: टीएमसी के 20 बागी सांसदों पर अभी नहीं होगा फैसला, ओम बिरला ने ममता गुट को भी सुनने का दिया मौका
edited by : Nrapendra Gupta
