अमेरिका-ईरान डील का असर: सस्ता हुआ क्रूड ऑयल, कब घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

petrol diesel

अमेरिका और ईरान के बीच डील फाइनल होने और स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से तेल सप्लाय सामान्य होने की उम्मीद में अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई। युद्ध काल में क्रूड सप्लाय बाधित होने और इसकी कीमतों में भारी इजाफे की वजह से भारत में पेट्रोल डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ था। कच्चा तेल सस्ता होने से लोगों को देश में  पेट्रोल डीजल की कीमतें भी कम होने की उम्मीद है?

 

स्ट्रेट ऑफ हार्मुज खुलने और अमेरिकी नाकेबंदी हटने से तेल सप्लाई सामान्य होगी। डील की शर्त ने गिराया अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम। WTI क्रूड 80.47 डॉलर प्रति बैरल हुआ। ब्रेंट क्रूड की कीमत भी घटकर 83.28 डॉलर प्रति बैरल हुई। इंडियन बास्केट में भी कच्चे तेल के दाम 93.19 डॉलर प्रति बैरल है।

 

भारत में पेट्रोल-डीजल कब सस्ता हो सकता है?

 

पेट्रोल और डीजल की कीमतें सिर्फ कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च और तेल कंपनियों का मार्जिन भी शामिल होता है। यदि कच्चे तेल की कीमतें लगातार कई सप्ताह तक नीचे बनी रहती हैं और तेल कंपनियों को लागत में स्थायी राहत मिलती है तो देश में पेट्रोल-डीजल के दाम घटाए जा सकते हैं।

 

कितना सस्ता हो सकता है पेट्रोल डीजल

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ब्रेंट क्रूड 5-10 डॉलर प्रति बैरल तक नीचे टिकता है, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 1 से 3 रुपए प्रति लीटर तक की कटौती संभव हो सकती है। हालांकि इसका अंतिम फैसला तेल कंपनियां और सरकार की कर नीति तय करेगी।

 

लोगों पर क्या होगा असर?

पेट्रोल डीजल सस्ता होने से लोगों को महंगाई से राहत मिल सकती है। इससे ट्रांसपोर्ट लागत कम हो सकती है। 

महंगाई पर दबाव घट सकता है। हवाई किराए और लॉजिस्टिक्स खर्च में भी राहत मिल सकती है। उद्योगों की लागत कम होने से अर्थव्यवस्था को फायदा मिल सकता है।

edited by : Nrapendra Gupta