लगभग चार महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में अमेरिका और ईरान ने बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति बना ली है। यह इस वर्ष संघर्ष शुरू होने के बाद सबसे बड़ी कूटनीतिक सफलता मानी जा रही है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf, जो तेहरान की वार्ता टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के Geneva में आयोजित किया जाएगा।
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जल्द सार्वजनिक होगी समझौते की पूरी जानकारी
हालांकि वॉशिंगटन और तेहरान दोनों ने समझौते की पुष्टि कर दी है, लेकिन अभी तक इसके पूरे दस्तावेज को सार्वजनिक नहीं किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अगले दो दिनों के भीतर समझौते का पूरा विवरण जारी किया जा सकता है। यह समझौता दो महीने से अधिक समय तक चली गहन वार्ताओं के बाद संभव हुआ है। इसका उद्देश्य संघर्ष समाप्त करना और युद्ध के कारण प्रभावित महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों को फिर से खोलना है। समझौते के तहत अगले 60 दिनों तक दोनों पक्षों के बीच विस्तृत वार्ता होगी, जिसमें कई संवेदनशील मुद्दों पर समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा।
परमाणु कार्यक्रम पर होगी अहम चर्चा
आगामी वार्ता में ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भविष्य और समझौते को लागू करने की प्रक्रिया प्रमुख मुद्दे होंगे। शुक्रवार को होने वाले औपचारिक समारोह में इन विषयों पर अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना माना जा रहा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ट्रंप ने दावा किया कि कई तेल टैंकर पहले ही इस मार्ग से गुजरना शुरू कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खोल दिया जाएगा। हालांकि अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने फिलहाल ईरानी बंदरगाहों से जुड़े कुछ प्रतिबंध जारी रहने की बात कही है।
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लेबनान बना शांति प्रक्रिया की सबसे बड़ी चुनौती
समझौते के बावजूद क्षेत्र में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। समझौते की घोषणा के कुछ घंटों बाद दक्षिणी लेबनान में एक वाहन पर कथित इजरायली ड्रोन हमले की खबर सामने आई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। ईरान लगातार कहता रहा है कि किसी भी स्थायी समझौते के लिए पूरे क्षेत्र, विशेषकर लेबनान में सैन्य अभियानों का अंत जरूरी है। इजरायल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखेगा। Edited by: Sudhir Sharma
