itel zeno 200 : iPhone जैसा लुक और 120Hz डिस्प्ले, लॉन्च हुआ सस्ता स्मार्टफोन

itel zeno 200 : iPhone जैसा लुक और 120Hz डिस्प्ले, लॉन्च हुआ सस्ता स्मार्टफोन

itel ने भारत में अपना नया बजट स्मार्टफोन itel Zeno 200 लॉन्च कर दिया है। कंपनी एक बार फिर अपने डिजाइन को लेकर चर्चा में है, क्योंकि इस फोन का लुक काफी हद तक Apple के iPhone से प्रेरित नजर आता है। खासतौर पर फोन का रियर डिजाइन हालिया iPhone मॉडल्स जैसा दिखाई देता है।

 

फोन के बैक पैनल पर टू-टोन डिजाइन दिया गया है, जिसमें ऊपर की तरफ सिंगल कैमरा सेटअप मौजूद है। कैमरे के पास दिया गया अतिरिक्त गोल कटआउट केवल डिजाइन के लिए रखा गया है। वहीं नीचे की तरफ मैट फिनिश दी गई है। कंपनी इसे ऑरेंज, ब्लू और टाइटेनियम कलर ऑप्शन में पेश कर रही है।

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itel Zeno 200 के फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस

 

फोन के फ्रंट में 6.75 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 240Hz टच सैंपलिंग रेट सपोर्ट करता है। स्क्रीन की पीक ब्राइटनेस 590 निट्स तक जाती है। खास बात यह है कि डिस्प्ले वेट और ऑयली टच कंट्रोल को भी सपोर्ट करता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में वॉटरड्रॉप नॉच के अंदर 5MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। वहीं पीछे की तरफ 13MP का रियर कैमरा मिलता है।

 

परफॉर्मेंस के लिए इसमें Unisoc T7250 प्रोसेसर दिया गया है, जिसे 4GB LPDDR4X RAM और 128GB eMMC स्टोरेज के साथ जोड़ा गया है। यह स्मार्टफोन Android 15 Go Edition पर काम करता है। फोन में 5,000mAh की बैटरी दी गई है, जो 15W चार्जिंग सपोर्ट करती है। इसके अलावा इसमें IP65 प्रोटेक्शन और मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। कंपनी का दावा है कि यह फोन चार साल तक स्मूथ परफॉर्मेंस देगा। इसमें AI Imaging, AI Expand और AI Remover जैसे AI फीचर्स भी मिलते हैं। साथ ही सिक्योरिटी के लिए साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है।

कीमत और उपलब्धता

itel Zeno 200 को भारत में 4GB RAM और 128GB स्टोरेज वाले सिंगल वेरिएंट में लॉन्च किया गया है, जिसकी कीमत 10,399 रुपये रखी गई है। ग्राहक इसे Amazon India से खरीद सकते हैं। कंपनी ICICI बैंक और Axis बैंक क्रेडिट कार्ड EMI ट्रांजैक्शन पर 400 रुपये का डिस्काउंट भी दे रही है। Edited by : Sudhir Sharma

Power bank blast reason : पावर बैंक क्यों फटते हैं? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजहें और बचाव के आसान तरीके

Power bank blast reason : पावर बैंक क्यों फटते हैं? जानिए इसके पीछे की बड़ी वजहें और बचाव के आसान तरीके

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आज के समय में स्मार्टफोन, टैबलेट और वायरलेस गैजेट्स के बढ़ते इस्तेमाल के कारण पावर बैंक हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। यात्रा हो, ऑफिस हो या घर से बाहर लंबा समय बिताना हो, पावर बैंक लोगों को मोबाइल चार्ज रखने में मदद करते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पावर बैंक फटने या उनमें आग लगने की घटनाएं भी तेजी से सामने आई हैं।

Power bank Info

ऐसे हादसे न केवल महंगे गैजेट्स को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर पावर बैंक क्यों फटते हैं और इससे बचने के लिए क्या सावधानियां रखनी चाहिए। क्या फ्लाइट में पावर बैंक ले जाना सुरक्षित है?

एयरलाइंस पावर बैंक को लेकर सख्त नियम अपनाती हैं। आमतौर पर पावर बैंक को चेक-इन बैगेज में रखने की अनुमति नहीं होती। इसे हमेशा हैंड बैगेज में रखना चाहिए ताकि किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

  • हमेशा कंपनी द्वारा सुझाए गए या प्रमाणित चार्जर और केबल का उपयोग करें।
  • चार्जिंग के दौरान इस्तेमाल कम करें
  • चार्जिंग के समय पावर बैंक को ज्यादा दबाव वाले कामों में इस्तेमाल न करें।
  • कौन-से संकेत खतरे की चेतावनी देते हैं?
  • पावर बैंक का जरूरत से ज्यादा गर्म होना
  • बैटरी का फूलना
  • चार्जिंग बहुत धीमी या बहुत तेज होना
  • जलने जैसी बदबू आना
  • स्पार्क या धुआं निकलना

 

इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

पावर बैंक फटने की मुख्य वजहें

1. खराब क्वालिटी की बैटरी

 

कई सस्ते और लोकल पावर बैंक कम गुणवत्ता वाली लिथियम-आयन बैटरियों के साथ आते हैं। इनमें सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।

2. ओवरचार्जिंग

 

कई लोग पावर बैंक को पूरी रात चार्जिंग पर लगा छोड़ देते हैं। लगातार चार्जिंग से बैटरी गर्म हो सकती है और अंदर के सेल्स पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे विस्फोट की संभावना बन जाती है।

3. अधिक गर्मी

 

पावर बैंक को धूप, बंद कार या गर्म जगह पर रखने से उसका तापमान तेजी से बढ़ जाता है। लिथियम बैटरियां ज्यादा गर्मी सहन नहीं कर पातीं और उनमें आग लग सकती है।

4. फिजिकल डैमेज

 

अगर पावर बैंक गिर जाए, दब जाए या उसमें किसी तरह की टूट-फूट हो जाए तो उसके अंदर की बैटरी सेल्स क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। यह बाद में विस्फोट का कारण बन सकती हैं।

5. नकली या गलत चार्जर का इस्तेमाल

लोकल चार्जर या गलत वोल्टेज वाले एडॉप्टर से चार्ज करने पर पावर बैंक के सर्किट पर असर पड़ता है। इससे बैटरी खराब हो सकती है और खतरा बढ़ जाता है।

6. लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल

एक साथ कई डिवाइस चार्ज करना या पावर बैंक का लगातार उपयोग भी उसे अत्यधिक गर्म कर सकता है।

पावर बैंक फटने से कैसे बचें?

  • हमेशा ब्रांडेड पावर बैंक खरीदें या अन्य भरोसेमंद कंपनियों के पावर बैंक खरीदना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
  • ओवरचार्जिंग से बचें
  • पावर बैंक को चार्ज होने के बाद तुरंत प्लग से हटा दें। लंबे समय तक चार्जिंग पर न छोड़ें।
  • गर्म जगह पर न रखें
  • धूप, कार के डैशबोर्ड या तकिए के नीचे पावर बैंक रखने से बचें। इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
  • डैमेज होने पर तुरंत बदलें
  • अगर पावर बैंक फूलने लगे, बहुत ज्यादा गर्म हो या उससे जलने जैसी गंध आए तो उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।  Edited by : Sudhir Sharma

Huawei का बड़ा प्लान! Nova 16 सीरीज़ में होगा बड़ा बदलाव, Ultra हटेगा, Pro Max बनेगा नया फ्लैगशिप

Huawei का बड़ा प्लान! Nova 16 सीरीज़ में होगा बड़ा बदलाव, Ultra हटेगा, Pro Max बनेगा नया फ्लैगशिप

टेक कंपनी Huawei अपनी अपकमिंग Nova 16 सीरीज़ लॉन्च करने की तैयारी में है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन चीन से सामने आई लीक रिपोर्ट्स ने इस सीरीज़ को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। माना जा रहा है कि इस बार Huawei, Nova 15 सीरीज़ की तुलना में कुछ बड़े बदलाव करने की योजना बना रही है।

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Huawei Nova 16 सीरीज़: क्या हो सकता है खास?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार कंपनी Ultra वेरिएंट को हटाने की तैयारी में है। यानी Nova 16 Ultra देखने को नहीं मिलेगा। इसकी जगह Huawei एक नया फ्लैगशिप मॉडल Nova 16 Pro Max पेश कर सकती है। ऐसे में लाइनअप में Nova 16, Nova 16 Pro और नया Pro Max मॉडल शामिल होने की उम्मीद है। Pro Max वेरिएंट में बड़ी डिस्प्ले और प्रीमियम फीचर्स दिए जा सकते हैं, जिससे यह सीरीज़ का सबसे दमदार फोन होगा।

 

डिज़ाइन और कलर ऑप्शंस

डिज़ाइन और रंगों के मामले में भी इस बार कुछ नया देखने को मिल सकता है। Nova 16 और Nova 16 Pro ब्लैक, व्हाइट, ब्लू और ग्रेडिएंट फिनिश में आ सकते हैं। वहीं Pro Max वेरिएंट को ब्लैक, व्हाइट और ब्लू जैसे सीमित लेकिन क्लासिक रंगों में पेश किया जा सकता है। Huawei हमेशा से स्टाइलिश स्मार्टफोन्स के लिए जानी जाती रही है और इस बार भी कंपनी युवा यूज़र्स को ध्यान में रखकर डिज़ाइन पर फोकस बनाए रखेगी।

 

बैटरी और परफॉर्मेंस में बड़ा अपग्रेड

लीक्स के अनुसार, Nova 16 सीरीज़ के टॉप मॉडल्स में 7000mAh तक की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जबकि बेस मॉडल में 6000mAh से ज्यादा की बैटरी मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, सभी स्मार्टफोन्स में अपग्रेडेड Kirin 9-सीरीज़ चिपसेट दिया जा सकता है, जिससे परफॉर्मेंस और पावर एफिशिएंसी पहले से बेहतर होगी।

 

लॉन्च टाइमलाइन और भारत में एंट्री

फिलहाल लॉन्च डेट को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन पिछले ट्रेंड्स को देखते हुए Nova 16 सीरीज़ को दिसंबर 2026 के आसपास लॉन्च किया जा सकता है। अगर लीक सही साबित होते हैं, तो यह सीरीज़ बेहतर डिजाइन, लंबी बैटरी लाइफ और स्मूथ परफॉर्मेंस के साथ मार्केट में मजबूत एंट्री कर सकती है।  Edited by : Sudhir Sharma

2 मई को आपके मोबाइल पर क्यों आएगा Alert, तेज आवाज या वाइब्रेशन हो तो घबराएं नहीं, जानिए क्यों हो रहा है यह टेस्ट

2 मई को आपके मोबाइल पर क्यों आएगा Alert, तेज आवाज या वाइब्रेशन हो तो घबराएं नहीं, जानिए क्यों हो रहा है यह टेस्ट

आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) शनिवार, 2 मई 2026 को देशभर में सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण करेगा। इस टेस्ट का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में सूचना पहुंचाने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है। यह परीक्षण दिल्ली-एनसीआर समेत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में किया जाएगा। हालांकि, सीमावर्ती क्षेत्रों और चुनाव वाले राज्यों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।

 

इस दौरान लोगों के मोबाइल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट नोटिफिकेशन आ सकता है, जिसके साथ तेज आवाज या वाइब्रेशन भी हो सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक परीक्षण संदेश होगा और किसी वास्तविक आपात स्थिति का संकेत नहीं है।

 

NDMA ने लोगों से अपील की है कि इस अलर्ट को देखकर घबराएं नहीं। यह अभ्यास आपदा के समय सही और समय पर जानकारी पहुंचाने की क्षमता को परखने और संचार प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

Digital arrest scam पर बड़ा एक्शन, 9,400 WhatsApp ब्लॉक, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का खुलासा

Digital arrest scam पर बड़ा एक्शन,  9,400 WhatsApp ब्लॉक, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का खुलासा

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ घोटालों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए दूरसंचार नियामकों, सेवा प्रदाताओं, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों एवं केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को शामिल करते हुए बहुस्तरीय कार्रवाई की गई है तथा व्हाट्सऐप ने ऐसे अपराधों में शामिल 9,400 खातों पर रोक लगाई है।

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सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने अपनी विस्तृत स्थिति रिपोर्ट में इस कार्रवाई का ब्योरा दिया है। यह रिपोर्ट देश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट  के 9 फरवरी के निर्देशों के अनुपालन में दाखिल की गई है। Edited by : Sudhir Sharma

आकाश अंबानी का बड़ा बयान, AI युग का डिजिटल गेटवे बनेगा JiO

आकाश अंबानी का बड़ा बयान, AI युग का डिजिटल गेटवे बनेगा JiO

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ताज़ा नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि कंपनी अब अपने अगले बड़े ग्रोथ फेज की ओर बढ़ रही है, जहां जियो सिर्फ टेलीकॉम नहीं बल्कि भारत का डिजिटल और AI गेटवे बनने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, जियो अब उस चरण में पहुंच चुका है जहां उसकी मजबूत कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में AI आधारित सेवाओं के विस्तार की नींव तैयार कर रही है।

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रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा, “जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब 52 करोड़ 40 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ यह ‘इंटेलिजेंस एरा’ का डिजिटल गेटवे बनने की स्थिति में है। जियो की एडवांस कनेक्टिविटी और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए AI सेवाएं देश के उपभोक्ताओं, घरों और व्यवसायों तक पहुंचेंगी।” 

 

देश का सबसे बड़ा यूजर बेस और तेजी से बढ़ते 5G नेटवर्क के साथ, जियो का फोकस अब कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और गहराई तक ले जाने पर है। जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर को केवल ब्रॉडबैंड सेवा नहीं, बल्कि एक ऐसे कनेक्टिविटी टूल के रूप में देखा जा रहा है, जो घरों और छोटे व्यवसायों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाकर डिजिटल और AI सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ाएगा।

 

मार्च 2026 तक जियो का फिक्स्ड ब्रॉडबैंड यूजर बेस 2 करोड़ 71 लाख तक पहुंच गया है और इसका मार्केट शेयर करीब 43% हो चुका है। जियोएयरफाइबर का सब्सक्राइबर बेस 1 करोड़ 30 लाख है, जो इस विस्तार का बड़ा आधार बनकर उभरा है।

 

डेटा खपत में तेज बढ़ोतरी भी इस बदलाव की अहम कड़ी है। जियो नेटवर्क पर कुल डेटा ट्रैफिक में करीब 35% की सालाना बढ़त दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति डेटा खपत 42.3 GB प्रति माह तक पहुंच गई है। यह बढ़ता डेटा उपयोग आने वाले समय में AI आधारित सेवाओं के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार करेगा। 

 

फाइनेंशियल प्रदर्शन भी इस ट्रेंड को सपोर्ट करता है। Q4 FY26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू  44,928 करोड़ रुपय रहा, जो 12.7% बढ़ा, जबकि EBITDA 20,060 करोड़ रुपय रहा और मार्जिन 52% से ऊपर पहुंच गया। पूरे साल में भी डिजिटल सर्विसेज कंपनी की ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनी रहीं। 

 

इस तरह जियो का मॉडल मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड विस्तार और बढ़ती डेटा खपत मिलकर एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में AI इकोनॉमी के लिए बुनियादी ढांचा बन सकता है।

ईशा अंबानी Isha Ambani

AI और प्राइसिंग पर फोकस, स्केल को वैल्यू में बदलेगा रिलायंस रिटेल : ईशा अंबानी

 

रिलायंस रिटेल अब अपने अगले ग्रोथ फेज में AI आधारित मर्चेंडाइजिंग और बेहतर प्राइसिंग पर फोकस रखेगा, ताकि अपने बड़े नेटवर्क से ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाया जा सके। कंपनी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “FY27 में हमारा ध्यान इस बड़े नेटवर्क के ज़रिए ग्राहकों को ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा पहुंचाने पर रहेगा – AI आधारित मर्चेंडाइजिंग, बेहतर प्राइसिंग और मजबूत निष्पादन के जरिए हम ये करने की कोशिश करेंगे।”

 

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹3.70 लाख करोड़ के पार रहा और EBITDA ₹27,000 करोड़ से अधिक रहा। रिलायंस रिटेल ने 38.7 करोड़ ग्राहकों को 193 करोड़ ट्रांजैक्शंस के जरिए सेवा दी। कंपनी का स्टोर नेटवर्क 20,000 के पार पहुंच गया है, जबकि जियोमार्ट जैसे प्लेटफॉर्म इस नेटवर्क को डिजिटल और हाइपरलोकल डिलीवरी से जोड़ रहे हैं।

 

जियोमार्ट के हाइपरलोकल कॉमर्स में तेज बढ़त दर्ज की गई है। चौथी तिमाही में जियोमार्ट के औसत दैनिक ऑर्डर तिमाही आधार पर 29% और सालाना आधार पर 300% से ज्यादा बढ़े। जियोमार्ट अब 5,100+ पिन कोड और 1,200+ शहरों में सेवाएं दे रहा है, जिसे 3,100 से ज्यादा स्टोर्स का नेटवर्क सपोर्ट कर रहा है। Edited by: Sudhir Sharma

एप्पल में बड़ा बदलाव: 15 साल बाद CEO पद छोड़ेंगे टिम कुक, जॉन टर्नस संभालेंगे कमान

एप्पल में बड़ा बदलाव: 15 साल बाद CEO पद छोड़ेंगे टिम कुक, जॉन टर्नस संभालेंगे कमान

tim cook

एप्पल के CEO टिम कुक सितंबर में अपने मौजूदा पद से इस्तीफा दे देंगे और एप्पल के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर नई भूमिका शुरू करेंगे। एप्पल के हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जॉन टर्नस, CEO की भूमिका संभालेंगे।

 

15 साल से टिम कुक इस अहम जिम्मेदारी को निभा रहे थे। 65 वर्षीय कुक इस्तीफे के बाद भी वे कंपनी से जुड़े रहेंगे। वे एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर नई पारी की शुरुआत करेंगे।

 

टिम कुक 1998 में वर्ल्डवाइड ऑपरेशंस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में Apple में शामिल हुए थे। साल 2005 से 2011 तक उन्होंने कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के रूप में काम किया।

 

साल 2011 में एपल के को-फाउंडर स्टीव जाब्स के जाने के बाद टिम कुक कंपनी के सीईओ बने थे। उनके कार्यकाल के दौरान एप्पल कंपनी ने आसमान की बुलंदियों को छुआ और कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन 4 ट्रिलियन डॉलर तक जा पहुंचा। उन्होंने चीन पर निर्भरता कम करते हुए भारत पर फोकस किया। इससे कंपनी को काफी फायदा हुआ।

edited by : Nrapendra Gupta

Vivo Y05 : सबसे सस्ता स्मार्टफोन भारत में लॉन्च, 6500mAh बैटरी, 120Hz डिस्प्ले और Extended RAM के साथ

Vivo Y05 : सबसे सस्ता स्मार्टफोन भारत में लॉन्च, 6500mAh बैटरी, 120Hz डिस्प्ले और Extended RAM के साथ

Vivo ने भारत में अपना नया बजट स्मार्टफोन Vivo Y05 लॉन्च कर दिया है। यह डिवाइस कंपनी के एंट्री-लेवल पोर्टफोलियो को मजबूत करता है। इससे पहले इस फोन को मलेशिया और सऊदी अरब जैसे चुनिंदा बाजारों में पेश किया गया था, जिसके बाद अब इसे भारतीय बाजार में उतारा गया है। फोन Vivo की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स पर भी उपलब्ध है।

 

कीमत और उपलब्धता

 

Vivo Y05 के बेस वेरिएंट (4GB RAM + 64GB स्टोरेज) की कीमत ₹12,999 रखी गई है। वहीं 4GB RAM और 128GB स्टोरेज वाला दूसरा वेरिएंट भी पेश किया गया है, लेकिन इसकी कीमत का अभी खुलासा नहीं किया गया है। यह स्मार्टफोन Midnight Blue और Champagne Gold जैसे दो कलर ऑप्शन में उपलब्ध है।

 

फीचर्स और स्पेसिफिकेशन

 

Vivo Y05 4G एक फीचर-पैक्ड बजट स्मार्टफोन है, जिसमें बड़ा डिस्प्ले, दमदार परफॉर्मेंस और लंबी बैटरी लाइफ का कॉम्बिनेशन मिलता है।

 

डिस्प्ले: फोन में 6.74 इंच का HD+ LCD पैनल (1600×720) दिया गया है, जिसमें वॉटरड्रॉप नॉच डिजाइन है। 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ स्मूद स्क्रॉलिंग और एनिमेशन मिलते हैं। इसमें 260 PPI पिक्सल डेंसिटी और 1200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस दी गई है। साथ ही हाई-ब्राइटनेस Eye-Care मोड भी मौजूद है।

परफॉर्मेंस: यह स्मार्टफोन Unisoc T7225 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर (12nm, 1.8GHz तक) पर काम करता है। फोन में Android 16 के साथ OriginOS 6.0 मिलता है।
 

मेमोरी: इसमें 4GB RAM दी गई है, जिसे Extended RAM तकनीक के जरिए 8GB तक बढ़ाया जा सकता है। यानी फिजिकल और वर्चुअल RAM के कॉम्बिनेशन से बेहतर मल्टीटास्किंग और तेज ऐप स्विचिंग मिलती है।

कैमरा: फोन में 8MP का रियर कैमरा (f/2.0) LED फ्लैश के साथ और 5MP का फ्रंट कैमरा (f/2.2) दिया गया है। इसमें नाइट, पोर्ट्रेट, लाइव फोटो, टाइम-लैप्स और डॉक्यूमेंट जैसे कई शूटिंग मोड्स मिलते हैं।

बैटरी: Vivo Y05 में 6500mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो कंपनी के मुताबिक 29 घंटे तक वीडियो प्लेबैक दे सकती है। इसमें 15W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट भी मौजूद है।
 

ड्यूरेबिलिटी: फोन में मिलिट्री-ग्रेड ड्रॉप प्रोटेक्शन और IP65 रेटिंग दी गई है, जो इसे धूल और पानी से सुरक्षित बनाती है।
 

कनेक्टिविटी: इसमें Wi-Fi, Bluetooth 5.2, OTG सपोर्ट, FM रेडियो और IR सेंसर जैसे फीचर्स भी शामिल हैं।

 

कुल मिलाकर, Vivo Y05 बजट सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प के तौर पर सामने आया है, जिसमें बड़ी बैटरी, स्मूद डिस्प्ले और उपयोगी फीचर्स का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है। Edited by : Sudhir Sharma

रिलायंस फाउंडेशन की बड़ी पहल, 10 लाख ‘साइबर सखी’ तैयार होंगी, महिलाओं को मिलेगा साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण

रिलायंस फाउंडेशन की बड़ी पहल, 10 लाख ‘साइबर सखी’ तैयार होंगी, महिलाओं को मिलेगा साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण

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रिलायंस फाउंडेशन ने ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ‘e-SafeHER’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह एक साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण पहल है, जिसे भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाली C-DAC संस्था (‘सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग’) के साथ मिलकर शुरू किया गया है। 

 

इस कार्यक्रम का लक्ष्य अगले तीन वर्षों के भीतर देशभर में 10 लाख महिलाओं को ‘साइबर सखी’ के रूप में तैयार करना है, ताकि वे सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकें। मध्य प्रदेश और ओडिशा से कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, जिसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में विस्तार दिया जाएगा। 

महिलाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक और सक्षम बनाने वाला कार्यक्रम e-SafeHER के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षा, डिजिटल लेन-देन और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह पहल खास तौर पर उन महिलाओं पर केंद्रित है, जो तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ रही हैं। रिलायंस फाउंडेशन इस कार्यक्रम को देशभर में स्वयं सहायता समूहों और अपने जमीनी नेटवर्क के जरिए आगे बढ़ाएगा, जबकि C-DAC प्रशिक्षण सामग्री और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा।

 

इस मौके पर रिलायंस फाउंडेशन की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “भारत में ग्रामीण महिलाएं पहले से कहीं ज्यादा तेजी से ऑनलाइन आ रही हैं। रिलायंस फाउंडेशन का उद्देश्य सिर्फ डिजिटल पहुंच बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रहने के लिए जरूरी जानकारी और कौशल देना भी है। e-SafeHER के जरिए हम महिलाओं को यह सिखाना चाहते हैं कि वे डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल आत्मविश्वास के साथ करें और अपने जीवन और आजीविका को मजबूत बनाएं।”

 

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा, “देश में साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए हम, e-SafeHER जैसी पहल के जरिए दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुंच बना रहे हैं। ताकि वे डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और सशक्त बन सकें। यह एक ऐसा मॉडल है, जिसे आगे बड़े स्तर पर अपनाया और विस्तार दिया जा सकता है।”

 

रिलायंस फाउंडेशन का कहना है कि यह पहल महिलाओं के डिजिटल सशक्तिकरण के उसके व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत डिजिटल साक्षरता, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

10,000 से ज्यादा के Online Payment पर 1 घंटे का होल्ड, क्या है RBI ला रहा है 3 फीचर्स

10,000 से ज्यादा के  Online Payment पर 1 घंटे का होल्ड, क्या है RBI ला रहा है 3 फीचर्स

डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कई बड़े बदलाव के सुझाव दिए हैं। इनमें से एक यह है कि ₹10,000 से ज्यादा के डिजिटल पेमेंट्स को लाभार्थी के खाते में जमा होने में 1 घंटे की देरी का नियम लागू किया जाए। अधिकतर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। 

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हालांकि अभी ये सिर्फ प्रस्तावित हैं, लागू नहीं हुए हैं। इस प्लान में किल स्विच से लेकर पेमेंट होने में एक घंटे वाली देरी शामिल है। इससे अगर गलत ट्रांजेक्शन हो जाता है तो उसे रोकने या कैंसिल करने का अवसर मिल सकता है। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने ये प्रस्ताव रखा है। RBI का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।  RBI सिर्फ टाइम लिमिट ही नहीं, बल्कि 3 नए फीचर्स भी ला रहा है।

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क्या होगा फायदा 

अभी हम जैसे ही 'Pay' बटन दबाते हैं, पैसा तुरंत दूसरे के खाते में पहुंच जाता है। जालसाज (Scammers) इसी जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। RBI का नया प्रस्ताव कहता है कि अगर आप ₹10,000 से ज्यादा भेज रहे हैं, तो वह पैसा सामने वाले को तुरंत नहीं मिलेगा। उस 1 घंटे के दौरान आप ट्रांजेक्शन को चेक कर सकते हैं। अगर गलती से पेमेंट हुआ है, तो उसे कैंसिल कर सकते हैं। और धोखाधड़ी का अहसास होने पर पेमेंट रोक सकते हैं। Edited by : Sudhir Sharma