अगर आप भी देर तक मोबाइल देखते हैं तो जान लें ये नुकसान

अगर आप भी देर तक मोबाइल देखते हैं तो जान लें ये नुकसान

smartphone side effects: आज का डिजिटल युग (Digital Age) हमें कई तरह की तकनीकी सुविधाएं दे रहा है, और मोबाइल (Mobile)  इसका सबसे बड़ा हिस्सा बन गया है। स्मार्टफोन ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है, लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग या देर तक मोबाइल देखने की आदत हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी साबित हो सकती है।ALSO READ: Summer health tips: लू और डिहाइड्रेशन से बचाने वाले 10 घरेलू पेय और हेल्थ टिप्स

 

आजकल लोग सोशल मीडिया, वीडियो, गेमिंग और काम के लिए घंटों मोबाइल स्क्रीन पर रहते हैं। ऐसा करने से सिर्फ आंखों और नींद पर असर नहीं पड़ता, बल्कि  मानसिक स्वास्थ्य, शरीर की मांसपेशियां और हड्डियां भी प्रभावित हो सकती हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते हैं कि डिजिटल युग में मोबाइल का संतुलित उपयोग करना बेहद जरूरी है।

 

1. आंखों की रोशनी पर बुरा असर

2. अनिद्रा और खराब स्लीप साइकिल

3. 'टेक्स्ट नेक' और गर्दन में दर्द

4. मानसिक स्वास्थ्य और तनाव

5. याददाश्त और एकाग्रता में कमी 

6. बचाव के लिए क्या करें?

7. मोबाइल-FAQ
 

यहां वेबदुनिया के सुधि पाठकों के लिए देर तक मोबाइल देखने से होने वाले 5 बड़े नुकसान दिए जा रहे हैं:

 

1. आंखों की रोशनी पर बुरा असर

मोबाइल की स्क्रीन से निकलने वाली 'ब्लू लाइट' (Blue Light) सीधे हमारी आंखों के रेटिना को प्रभावित करती है। अत: लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखें शुष्क हो जाती हैं, उनमें जलन और धुंधलापन होने लगता है। जिससे कि कम उम्र में ही चश्मा लग जाना और भविष्य में मोतियाबिंद जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।

 

2. अनिद्रा और खराब स्लीप साइकिल

आपको बता दें कि सोने से ठीक पहले मोबाइल देखना आपकी नींद का सबसे बड़ा दुश्मन है। इससे निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर में मेलाटोनिन/ Melatonin नामक हार्मोन को बनने से रोकती है, जो हमें नींद आने में मदद करता है। इससे नींद पूरी न होने से अगले दिन चिड़चिड़ापन, थकान और काम में एकाग्रता की कमी महसूस होती है तथा सेह‍त को खतरा महसूस होने लगता है।ALSO READ: health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार

 

3. 'टेक्स्ट नेक' और गर्दन में दर्द

साथ ही आपको यह जानना भी बहुत जरूरी है कि जब आप मोबाइल देखते हैं, तो आपकी गर्दन अक्सर झुकी हुई होती है। और इस तरह गर्दन झुकाने से रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसे डॉक्टर्स 'टेक्स्ट नेक सिंड्रोम' कहते हैं। जिसके कारण गर्दन, कंधों और पीठ में दर्द शुरू हो जाता है, जो आगे चलकर स्पॉन्डिलाइटिस का रूप ले सकता है।

 

4. मानसिक स्वास्थ्य और तनाव

सोशल मीडिया पर दूसरों की चमक-धमक वाली जिंदगी देखना और लगातार नोटिफिकेशन चेक करना हमारे दिमाग को शांत नहीं रहने देता। इसी वजह से देर तक मोबाइल देखने से दिमाग हमेशा अत्यधिक उत्तेजित रहता है। इससे एंग्जायटी, डिप्रेशन और अकेलेपन की भावना बढ़ सकती है। बच्चों में यह लत उनके मानसिक विकास को रोक देती है।

 

5. याददाश्त और एकाग्रता में कमी

मोबाइल पर लगातार 'रील्स' या छोटे वीडियो देखने से हमारे दिमाग की अटेंशन स्पैन यानी किसी चीज पर ध्यान लगाने की क्षमता कम हो रही है। जैसा कि दिमाग को कम समय में ज्यादा जानकारी की आदत हो जाती है, जिससे गहरी सोच और याद रखने की क्षमता कम होने लगती है। इससे आप रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भूलने लगते हैं और निर्णय लेने में कठिनाई महसूस करते हैं।

 

6. बचाव के लिए क्या करें?

20-20-20 का नियम: हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर रखी किसी चीज को देखें।

 

स्क्रीन टाइम लॉक: रात को सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल को खुद से दूर रख दें।

 

नाइट मोड: अगर बहुत जरूरी हो, तो फोन में 'रीडिंग मोड' या 'ब्लू लाइट फिल्टर' का इस्तेमाल करें।

 

डिजिटल डिटॉक्स: हफ्ते में एक दिन कुछ घंटों के लिए मोबाइल को पूरी तरह बंद रखने की कोशिश करें।

 

7. मोबाइल-FAQ:

 

1. सवाल: मोबाइल देर तक देखने से आंखों पर क्या असर पड़ता है?

जवाब: आँखों में थकान, ड्रायनेस और स्ट्रेन हो सकता है।

 

2. सवाल: नींद पर इसका क्या असर है?

जवाब: नीली रोशनी मेलनिन हार्मोन को प्रभावित करती है, जिससे नींद की गुणवत्ता घटती है।

 

3. सवाल: इसे कम करने के लिए क्या किया जा सकता है?

जवाब: मोबाइल ब्रेक लेना, रात में स्क्रीन टाइम कम करना और ब्लू लाइट फिल्टर का उपयोग करना मदद करता है।

 

4. सवाल: क्या मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है?

जवाब: ज्यादा समय मोबाइल पर बिताने से स्ट्रेस, चिंता और ध्यान की समस्या बढ़ सकती है।

स्मार्टफोन को 'स्मार्टली' इस्तेमाल करें, इसे अपनी सेहत पर हावी न होने दें।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: डॉक्टर बोले: रोज 10 मिनट चलने से कम हो सकती हैं ये बीमारियां

 

Chrome का नया लुक, अब ऊपर वाले टैब्स से पाएं छुटकारा, इस सीक्रेट सेटिंग से बदलें अपना ब्राउजिंग एक्सपीरियंस

Chrome का नया लुक, अब ऊपर वाले टैब्स से पाएं छुटकारा, इस सीक्रेट सेटिंग से बदलें अपना ब्राउजिंग एक्सपीरियंस

हम में से ज्यादातर लोग अपने वेब ब्राउज़र में बदलाव पसंद नहीं करते। इंटरनेट सर्फिंग हमारी जिंदगी का इतना अहम हिस्सा बन गई है कि छोटा सा “अपडेट” भी कभी-कभी सिरदर्द लगने लगता है। लेकिन, गूगल ने अब क्रोम के सबसे बेसिक फीचर- टैब्स (Tabs)-को पूरी तरह से बदल दिया है। यह फीचर नवंबर 2025 से डेवलपर्स के लिए टेस्टिंग मोड (Canary Build) में था, लेकिन अब इसे हम सभी के लिए जारी कर दिया गया है।

ALSO READ: Ceasefire : क्या लेबनान पर बढ़ते भ्रम के लिए Pakistan जिम्मेदार, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम के बीच विरोधाभासों का दौर

क्या है यह नया बदलाव?

मंगलवार को गूगल ने क्रोम में 'वर्टिकल टैब्स' (Vertical Tabs) फीचर लॉन्च किया है। अब तक आपके द्वारा खोले गए पेज (टैब्स) ब्राउज़र में सबसे ऊपर एक लाइन में दिखाई देते थे। अब आप उन्हें स्क्रीन के बाईं ओर (Left Side) एक लंबी लिस्ट के रूप में देख सकेंगे।

ALSO READ: America Iran Ceasefire : लेबनान के पीछे क्यों पड़ा इजराइल, सीजफायर की आड़ में बड़ा खेल, एयर स्ट्राइक में हिजबुल्लाह प्रमुख के करीबी की मौत

क्यों है यह खास?

टैब्ड ब्राउजिंग का चलन 2002 में फायरफॉक्स (Firefox) के दौर से शुरू हुआ था और तब से हम ऊपर की तरफ ही टैब्स देखने के आदी हैं। लेकिन जब हम बहुत सारे टैब्स खोल लेते हैं, तो वे इतने छोटे हो जाते हैं कि यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा पेज किस बारे में है। वर्टिकल टैब्स इसी समस्या का समाधान हैं।

 

यूजर्स को इससे क्या फायदा होगा?

वर्टिकल टैब्स सिर्फ एक दिखावटी बदलाव नहीं है, बल्कि इसके कई व्यावहारिक फायदे हैं:

 

नाम पढ़ना हुआ आसान: जब आप 20-30 टैब्स खोल लेते हैं, तो ऊपर वाली पट्टी में सिर्फ छोटे आइकन दिखते हैं। वर्टिकल लिस्ट में टैब का टाइटल (Headline) साफ नजर आता है, जिससे आपको पता रहता है कि आप किस पेज पर हैं।

 

बेहतर मैनेजमेंट: अगर आप बहुत ज्यादा रिसर्च या मल्टी-टास्किंग करते हैं, तो साइड बार में टैब्स को मैनेज करना और उनके बीच स्विच करना ज्यादा तेज और आसान होता है।

ALSO READ: बेवफाई, सुपारी और खूनी साजिश, धार की प्रियंका ने दोहराई इंदौर की सोनम रघुवंशी की कहानी

जगह की बचत: अगर आपको सिर्फ आइकन देखने हैं, तो आप इस साइड बार को छोटा (Collapse) भी कर सकते हैं, जिससे स्क्रीन पर कंटेंट देखने के लिए ज्यादा जगह मिलती है।

 

रीडिंग मोड (Reading Mode): गूगल ने इसके साथ ही 'फुल-पेज रीडिंग मोड' भी दिया है। अब किसी भी आर्टिकल पर राइट-क्लिक करके आप उसे बिना किसी विज्ञापन या फालतू की चीजों के, बिल्कुल एक किताब की तरह पढ़ सकते हैं।

 

इसे कैसे शुरू करें?

यह फीचर पूरी तरह वैकल्पिक (Optional) है। अगर आप इसे आज़माना चाहते हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:

क्रोम के सबसे ऊपरी हिस्से (जहां टैब्स होते हैं) पर Right-Click करें। वहाँ “Show Tabs Vertically” का विकल्प चुनें। अगर आपको यह विकल्प नहीं दिख रहा है, तो परेशान न हों। गूगल इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए रोल आउट कर रहा है, जल्द ही यह आपके ब्राउज़र में पहुंच जाएगा।  Edited by : Sudhir Sharma 

iPad mini को टक्कर देगा Oppo Pad Mini, 144Hz OLED डिस्प्ले, Snapdragon 8 Gen 5 और दमदार बैटरी जैसे फीचर्स

iPad mini को टक्कर देगा Oppo Pad Mini, 144Hz OLED डिस्प्ले, Snapdragon 8 Gen 5 और दमदार बैटरी जैसे फीचर्स

Oppo कॉम्पैक्ट टैबलेट मार्केट में एंट्री करने की तैयारी में है। कंपनी का नया Pad Mini जल्द लॉन्च हो सकता है। हालांकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन लीक रिपोर्ट्स में इसके दमदार फीचर्स सामने आए हैं। यह टैबलेट उन यूजर्स को ध्यान में रखकर लाया जा रहा है जो पोर्टेबल होने के साथ-साथ पावरफुल डिवाइस चाहते हैं। लॉन्च के बाद यह बाजार में मौजूद प्रीमियम कॉम्पैक्ट टैबलेट्स को सीधी टक्कर दे सकता है।

 

144Hz OLED डिस्प्ले और प्रीमियम डिजाइन

ALSO READ: EPFO 3.0 New Rule: ATM और UPI से कैसे निकलेगा PF का पैसा, जानिए कितनी है लिमिट और क्या है प्रोसेस, किन 32 बैंकों से टाइअप

लीक्स के मुताबिक Pad Mini में 8.8 इंच का LTPO AMOLED डिस्प्ले मिल सकता है, जिसका रेजोल्यूशन 2882×1920 पिक्सल होगा। इसमें 144Hz रिफ्रेश रेट और 1800 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस दी जा सकती है, जिससे विजुअल्स काफी शार्प और कलर्स बेहद ब्राइट नजर आएंगे। 3:2 आस्पेक्ट रेशियो इसे काम और वीडियो देखने दोनों के लिए बेहतर बनाता है। डिजाइन की बात करें तो इसमें 5.39mm पतला यूनिबॉडी मेटल चेसिस मिल सकता है और वजन करीब 279 ग्राम होगा, जो इसे काफी स्लिम और हल्का बनाता है।

 

 Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर

 

परफॉर्मेंस के लिए इसमें Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट मिलने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो यह अपने सेगमेंट के सबसे पावरफुल टैबलेट्स में से एक होगा। यह गेमिंग, मल्टीटास्किंग और डेली प्रोडक्टिविटी जैसे काम आसानी से संभाल सकेगा। कैमरा के तौर पर इसमें 13 मेगापिक्सल का रियर सेंसर दिया जा सकता है, जो फोटो और वीडियो कॉलिंग के लिए उपयोगी होगा।

 

 बैटरी, चार्जिंग और कनेक्टिविटी

ALSO READ: Hormuz Strait : ईरान का 'अस्थायी युद्धविराम' से इनकार, ट्रंप ने दी नई डेडलाइन, अमेरिका-इजराइल के हमलों में तबाह हुआ तेहरान का पूरा पावर सेंटर, देखें मारे गए नेताओं की लिस्ट

रिपोर्ट्स के अनुसार टैबलेट में 8000mAh की बैटरी दी जा सकती है, जो 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगी। इससे यह पूरे दिन चलने के साथ जल्दी चार्ज भी हो सकेगा। कनेक्टिविटी के लिए इसमें eSIM सपोर्ट मिलने की संभावना है, जिससे यूजर्स कहीं भी आसानी से इंटरनेट का उपयोग कर सकेंगे।

 

  iPad mini से होगी टक्कर

 

यह टैबलेट Apple iPad mini (8th generation) को सीधी टक्कर दे सकता है। जहां Apple अपने डिवाइस में वॉटर रेजिस्टेंस और बेहतर हार्डवेयर दे सकता है, वहीं Oppo हाई रिफ्रेश रेट OLED डिस्प्ले के जरिए यूजर्स को आकर्षित करने की कोशिश करेगा। फिलहाल कंपनी की ओर से लॉन्च डेट को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन लीक के आधार पर इसकी जल्द एंट्री की उम्मीद की जा रही है।  Edited by : Sudhir Sharma

Gemma 4: गूगल ने पेश किया अब तक का सबसे शक्तिशाली ओपन AI मॉडल; जानें इसकी खासियतें और इस्तेमाल का तरीका

Gemma 4: गूगल ने पेश किया अब तक का सबसे शक्तिशाली ओपन AI मॉडल; जानें इसकी खासियतें और इस्तेमाल का तरीका

गूगल ने अपनी अब तक की सबसे सक्षम ओपन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल सीरीज 'Gemma 4' से पर्दा उठा दिया है। इस कदम को दुनिया भर के डेवलपर्स, शोधकर्ताओं और व्यवसायों के लिए शक्तिशाली AI एप्लिकेशन बनाने की राह में एक बड़ी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। 

 

गूगल डीपमाइंड (Google DeepMind) द्वारा विकसित यह मॉडल विशेष रूप से 'एडवांस्ड रीजनिंग' और 'जटिल ऑटोमेटेड वर्कफ़्लो' के लिए तैयार किया गया है। कंपनी के आधिकारिक ब्लॉग के अनुसार इसे अपाचे 2.0 (Apache 2.0) लाइसेंस के तहत जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि कोई भी इसका व्यावसायिक उपयोग, संशोधन और निर्माण पूरी तरह से मुफ्त में कर सकता है। एक्सपर्ट्‍स का कहना है कि व्यावसायिक उपयोग के लिए फ्री लाइसेंस देकर गूगल ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह ओपन-सोर्स AI इकोसिस्टम में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।

 

क्या है Gemma 4 की खासियत?

 

Gemma 4 को उसी तकनीक और रिसर्च पर बनाया गया है जिस पर गूगल का मुख्य मॉडल Gemini 3 आधारित है। इसके फीचर्स- 
चार अलग-अलग साइज: यह मॉडल मोबाइल फोन से लेकर बड़े सर्वर तक के लिए चार आकारों में उपलब्ध है।  बिना इंटरनेट के काम: इसके छोटे 'एज मॉडल्स' (2 बिलियन और 4 बिलियन पैरामीटर्स) को विशेष रूप से फोन, रास्पबेरी पाई और एनवीडिया जेटसन जैसे डिवाइस पर ऑफलाइन चलाने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि बैटरी और रैम की बचत हो सके।

 

 बहुभाषी क्षमता: यह 140 से अधिक भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिससे यह वैश्विक स्तर पर उपयोगी बन जाता है।

 

स्वायत्त कार्य (Autonomous Action): यह केवल चैटबॉट तक सीमित नहीं है, बल्कि मल्टी-स्टेप प्लानिंग, कोड जनरेशन और ऑडियो-विजुअल प्रोसेसिंग जैसे जटिल काम भी कर सकता है।

 

अब आपके स्मार्टफोन पर चलेगा शक्तिशाली AI

'एंड्रॉयड डेवलपर्स ब्लॉग' के मुताबिक, Gemma 4 की सबसे बड़ी खूबी इसका मोबाइल पर सीधे चलना है। डेवलपर्स आज से ही 'AICore डेवलपर प्रीव्यू' के जरिए इसका उपयोग कर सकते हैं। गूगल ने पुष्टि की है कि Gemma 4 के लिए लिखा गया कोड इस साल के अंत में आने वाले Gemini Nano 4 सक्षम डिवाइस पर भी काम करेगा। गूगल के 'AI Edge Gallery' ऐप के जरिए यूजर्स बिना इंटरनेट कनेक्शन के 'एजेंट स्किल्स' जैसे फीचर्स का अनुभव ले सकेंगे, जो पूरी तरह से डिवाइस पर ही प्रोसेस होते हैं।

 

कैसे करें Gemma 4 का उपयोग?

यदि आप एक डेवलपर, छात्र या व्यवसायी हैं, तो आप इन तरीकों से इसकी शुरुआत कर सकते हैं:

बड़े मॉडल्स (31B और 26B): इनका उपयोग Google AI Studio के जरिए किया जा सकता है।


डाउनलोड: मॉडल के वेट (Weights) को Hugging Face, Kaggle या Ollama से सीधे डाउनलोड किया जा सकता है।


टूल सपोर्ट: यह मॉडल पहले दिन से ही Hugging Face Transformers, vLLM, llama.cpp और NVIDIA NIM जैसे लोकप्रिय टूल्स को सपोर्ट करता है।

 

डेस्कटॉप और रोबोटिक्स: यह विंडोज, लिनक्स और मैक ओएस पर चलता है। साथ ही, रास्पबेरी पाई 5 के जरिए इसे रोबोटिक्स में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

बाजार में कड़ी टक्कर और विशेषज्ञों की राय

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने Gemma 4 की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए इसे 'इंटेलिजेंस-पर-पैरामीटर' के मामले में सबसे कुशल बताया है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इसे मेटा (Meta) की Llama सीरीज और चीन के DeepSeek मॉडल्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। Edited by : Sudhir Sharma 

Gmail की 22वीं सालगिरह पर बड़ा तोहफा, अब बदल सकेंगे अपनी पुरानी ईमेल आईडी, जानें आसान स्टेप्स

Gmail की 22वीं सालगिरह पर बड़ा तोहफा, अब बदल सकेंगे अपनी पुरानी ईमेल आईडी, जानें आसान स्टेप्स

दुनिया के अधिकतर इंटरनेट यूजर्स की तरह आपने भी शायद अपना पहला जीमेल अकाउंट सालों पहले किसी अस्थायी काम या मस्ती-मजाक के लिए बनाया होगा। लेकिन समय के साथ वही 'अजीब' दिखने वाली आईडी हमारे बैंक, सरकारी दस्तावेजों और सोशल मीडिया से जुड़ गई, जिसे बदलना अब तक लगभग असंभव और बेहद थकाऊ काम था।

 

 गूगल का यह कदम उन करोड़ों यूजर्स के लिए राहत लेकर आया है जो सालों पुराने 'Goofy' ईमेल एड्रेस से छुटकारा पाना चाहते थे।जीमेल अब अपनी 22वीं वर्षगांठ (लॉन्च: 1 अप्रैल, 2004) मना रहा है। इस खास मौके पर गूगल ने एक क्रांतिकारी फीचर पेश किया है, जिससे यूजर्स अपनी प्राथमिक ईमेल आईडी को बदल सकेंगे।

 

क्या हैं इस नए अपडेट की खासियतें?

गूगल का यह नया विकल्प यूजर्स की सबसे बड़ी समस्या का समाधान करता है। पुराना यूजरनेम बना रहेगा 'एलियास' (Alias): जब आप अपनी 'गूगल अकाउंट' ईमेल आईडी बदलेंगे, तो आपका पुराना यूजरनेम सक्रिय रहेगा। यह आपकी नई आईडी से लिंक रहेगा, जिससे पुरानी आईडी पर आने वाले ईमेल भी आपको नए इनबॉक्स में मिलते रहेंगे।

 

डाटा रहेगा पूरी तरह सुरक्षित

आपकी गूगल फोटोज, ड्राइव की फाइल्स और गूगल शीट्स का एक्सेस दोनों अकाउंट्स पर बना रहेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपके द्वारा छोड़े गए पुराने यूजरनेम से कोई दूसरा व्यक्ति नया अकाउंट नहीं बना पाएगा।

 

सुरक्षा और सावधानी: यदि आपकी पुरानी आईडी फेसबुक, ऐपल आईडी, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप या आधार जैसे महत्वपूर्ण खातों से जुड़ी है, तो सावधानी बरतें। गूगल सलाह देता है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर जाकर भी अपनी जानकारी अपडेट कर लें।

 

कैसे बदलें अपनी Gmail आईडी? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)

अगर आप अपनी ईमेल आईडी बदलना चाहते हैं, तो इन चरणों का पालन करें:

 

सेटिंग्स एक्सेस करें: ब्राउज़र पर myaccount.google.com/google-account-email पर जाएं।

 

पर्सनल इंफो: 'Personal info' टैब पर क्लिक करें, फिर 'Email' और उसके बाद 'Google Account email' पर जाएं।

 

बदलाव की प्रक्रिया: 'Change Google Account email' विकल्प चुनें, अपना नया मनपसंद यूजरनेम दर्ज करें और कन्फर्म करें।

 

यदि आपको 'Change Google Account email' का विकल्प नहीं दिख रहा है, तो इसका मतलब है कि यह फीचर अभी आपके क्षेत्र में रोलआउट नहीं हुआ है। गूगल इसे चरणों (Phases) में वैश्विक स्तर पर जारी कर रहा है।

 

सिर्फ 'डिस्प्ले नाम' बदलना है? तो अपनाएं ये तरीका

अगर आप ईमेल आईडी नहीं, बल्कि सिर्फ वह नाम बदलना चाहते हैं जो ईमेल भेजने पर दूसरों को दिखाई देता है, तो ये स्टेप्स फॉलो करें:

  • अपने गूगल अकाउंट में साइन-इन करें।
  • ऊपर बाईं ओर 'Personal info' पर क्लिक करें।
  • 'Name' वाले विकल्प पर जाएं।
  • अपने वर्तमान नाम के बगल में 'Edit' (पेंसिल आइकन) पर क्लिक करें।
  • नया नाम अपडेट करें और 'Save' पर क्लिक कर दें। Edited by : Sudhir Sharma

Google Pixel 10a: फ्लैट डिजाइन और दमदार परफॉर्मेंस के दम पर क्या मिड-रेंज बाजार में बना पाएगा खास जगह?

Google Pixel 10a: फ्लैट डिजाइन और दमदार परफॉर्मेंस के दम पर क्या मिड-रेंज बाजार में बना पाएगा खास जगह?

जब  Google ने अपनी नवीनतम 'a' सीरीज का स्मार्टफोन लॉन्च किया तो टेक्निकल एक्सपर्ट्‍स और रिव्यूअर्स ने पहली नजर में Pixel 10a को अपने पिछले मॉडल Pixel 9a के काफी करीब पाया। हालांकि तीन हफ्तों के निरंतर इस्तेमाल के बाद यह समानताएं बेमानी लगने लगती हैं और Google Pixel 10a मजबूती से अपनी एक अलग पहचान बनाता नजर आता है।

 

मनभावन डिजाइन 

इस फोन की सबसे बड़ी खूबी इसका डिजाइन है, जो नियमित इस्तेमाल के बाद ही समझ आती है। हाल के वर्षों में आए किसी भी स्मार्टफोन के विपरीत, Pixel 10a में पूरी तरह से फ्लैट बैक पैनल दिया गया है। इसका कैमरा मॉड्यूल मैट मेटल बॉडी के अंदर बिल्कुल सपाट बैठा है। यह स्मूथ और मजबूत बिल्ड क्वालिटी इसे एक प्रीमियम अहसास देती है।

 

फ्लैट रियर का व्यावहारिक लाभ यह है कि यूजर्स  इसे डेस्क पर रखकर बिना हाथ में उठाए आसानी से टाइपिंग या मैसेजिंग कर सकते हैं। सुनने में यह छोटी बात लग सकती है, लेकिन रोजमर्रा के एर्गोनॉमिक्स में यह एक बड़ा बदलाव है।

 

 

गूगल ने इसे Apple के अपकमिंग iPhone 17e से ठीक पहले उतारा है। दोनों ही फोन 15 साल पुराने iPhone 4s की याद दिलाते हैं। Pixel 10a का 'मिनिमलिस्टिक' लुक गूगल की साफ-सुथरी सौंदर्य बोध (Aesthetics) की नीति के अनुरूप है। 

 

इसमें मौजूद Tensor G4 चिप मल्टीटास्किंग के लिए पर्याप्त है। यह एक साथ सोशल मीडिया, दर्जनों ब्राउजर टैब और म्यूजिक स्ट्रीमिंग को बिना किसी बड़ी रुकावट के संभालने में सक्षम है।  इसका 6.3-इंच का OLED पैनल बेहतरीन कलर्स और शार्पनेस देता है। हालांकि गूगल ने 'फास्ट रिफ्रेश रेट' को डेवलपर सेटिंग्स के अंदर छिपा रखा है, जिसे यूजर को मैन्युअल रूप से इनेबल करना होगा।

 

कितने दमदार कैमरा और बैटरी 

50,000 रुपए से कम की श्रेणी में Pixel 10a वर्तमान में भारत का सबसे बेहतरीन फोटोग्राफी फोन बनकर उभरा है।  इसका 48-मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा Pixel 9a की तुलना में अधिक शार्प तस्वीरें लेता है। गूगल के सिग्नेचर 'कम्प्यूटेशनल फोटोग्राफी' एल्गोरिदम इसे Pixel 10 और 10 Pro के स्तर का अनुभव प्रदान करते हैं।  फोन सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक आसानी से चलता है। इसमें अब 30W फास्ट चार्जिंग और 10W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है।

कमियां जो अखरती हैं 

इतनी खूबियों के बावजूद, भारी वीडियो एडिटिंग या गेमिंग के दौरान फोन काफी गर्म हो जाता है, जिससे परफॉर्मेंस में गिरावट (Lags) महसूस की जा सकती है। साथ ही, इसमें मैग्नेटिक स्नैप-ऑन चार्जिंग का सपोर्ट न होना उन लोगों को खटक सकता है जो आधुनिक वायरलेस एक्सेसरीज के शौकीन हैं।

 

तो क्या खरीद सकते हैं स्मार्टफोन

यदि आप एक ऐसा फोन चाहते हैं जो दिखने में क्लासी हो, जिसका कैमरा शानदार हो और जो रोजमर्रा के काम आसानी से निपटा सके, तो Pixel 10a एक ठोस विकल्प है। Edited by: Sudhir Sharma

MP-CG में Jio का धमाका! जनवरी 2026 में सबसे ज्यादा मोबाइल और ब्रॉडबैंड यूजर्स जुड़े, TRAI रिपोर्ट में खुलासा

MP-CG में Jio का धमाका! जनवरी 2026 में सबसे ज्यादा मोबाइल और ब्रॉडबैंड यूजर्स जुड़े, TRAI रिपोर्ट में खुलासा

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार जियो ने एक बार फिर मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्किल में सबसे अधिक मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े हैं। जनवरी 2026 में जियो से 6.2 लाख नए मोबाइल ग्राहक जुड़े जबकि JioFiber और Jio AirFiber ब्रॉडबैंड सेवाओं को 66 हजार से अधिक नए ग्राहकों ने अपनाया। 

ALSO READ: Rule Changes : 1 अप्रैल से बदलेंगे ये 10 नियम जो आपकी रोजमर्रा जिंदगी पर डालेंगे असर, जानना है जरूरी

TRAI के आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में कुल मोबाइल ग्राहकों की संख्या 8.49 करोड़ से अधिक हो चुकी है जबकि फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) और वायरलाइन ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं की संख्या 31.6 लाख से ज्यादा है। इनमें जियो के 4.9 करोड़ मोबाइल ग्राहक और 19.1 लाख से अधिक ब्रॉडबैंड ग्राहक शामिल हैं, जो इसकी मजबूत उपस्थिति को दर्शाते हैं। 

 

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति को नई गति देते हुए रिलायंस जियो की JioFiber और AirFiber सेवाएं तेजी से लोगों की पहली पसंद बन रही हैं। इन सेवाओं के माध्यम से अब तक दोनों राज्यों में 19 लाख से अधिक घर हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़ चुके हैं, जिससे शिक्षा, रोजगार, व्यापार और घरेलू जीवन में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। 

 

शिक्षा, रोजगार और जीवनशैली में बदलाव

JioFiber की उपलब्धता ने छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और नई डिजिटल स्किल्स सीखने के अवसर बढ़ाए हैं। वहीं, कामकाजी लोगों के लिए वर्क फ्रॉम होम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल कार्यप्रणाली पहले की तुलना में अधिक सरल और प्रभावी हो गई है।

गृहिणियां भी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपने हुनर को पहचान दिलाते हुए घर बैठे छोटे व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। 

 

बेहतर एंटरटेनमेंट और डिजिटल अनुभव

JioFiber और Jio AirFiber कनेक्शन के साथ उपभोक्ताओं को 4K में क्रिकेट देखने का शानदार अनुभव, 1000+ टीवी चैनल,लाइव टीवी फीचर्स (जिसमें 350+ HD चैनल शामिल हैं), 13+ OTT ऐप्स और अनलिमिटेड वाई-फाई जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। ये सेवाएं घर को एक स्मार्ट डिजिटल हब में बदल रही हैं। 

 

हर गांव तक पहुंच रही 5G ताकत

मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्किल में जियो के पास कुल 5G स्पेक्ट्रम क्षमता का 70% से अधिक हिस्सा है, जो दोनों राज्यों के सभी  जिलों के 10 हजार से अधिक गांवों तक उपलब्ध है। जियो की स्टैंडअलोन ट्रू 5G सेवा अब शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी पहुंच चुकी है। Edited by : Sudhir Sharma

Sora वीडियो ऐप को क्यों बंद कर रहा है OpenAI, ये वीडियो एआई टूल्स बन सकते हैं बेस्ट ऑप्शन्स

Sora वीडियो ऐप को क्यों बंद कर रहा है OpenAI, ये वीडियो एआई टूल्स बन सकते हैं बेस्ट ऑप्शन्स

सैम ऑल्टमैन की कंपनी OpenAI ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए Sora को बंद करने की घोषणा कर दी। यह ऐलान उसी समय हुआ जब Disney ने भी OpenAI के साथ अपनी बड़ी पार्टनरशिप खत्म कर दी।  घोषणा के तरीके से ऐसा लगा कि OpenAI के भीतर चीजें तेजी से बदल रही हैं। हालांकि Sora को पूरी तरह कब बंद किया जाएगा और इससे यूजर्स के बनाए गए वीडियो पर क्या असर पड़ेगा- इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

X पर Sora अकाउंट ने कहा कि हम जल्द ही और जानकारी साझा करेंगे, जिसमें ऐप और API की टाइमलाइन और आपके काम को सुरक्षित रखने से जुड़ी डिटेल्स शामिल होंगी। ये वीडियो एआई टूल्स आपके लिए बेस्ट ऑप्शन बन सकते हैं।

ALSO READ: Bab al-Mandeb Strait पर ईरान की बड़ी चेतावनी, बंद हुआ रास्ता तो थम सकती है दुनिया की ऊर्जा सप्लाई, जानिए क्या होगा असर

पहले क्या खास था Sora में?

यह बहुत ही आसान था। इसमें टेक्स्ट लिखते ही वीडियो बना जाते, जो सिनेमेटिक और रियलिस्टिक क्लिप्स

 की तरह होते थे। यह बिलकुल सोशल मीडिया जैसा वीडियो प्लेटफॉर्म था। लेकिन महंगा, रिस्की और विवादों में भी यह आया। लॉन्च होने के  बाद यह काफी वायरल हुआ, लेकिन  इसके बंद होने के पीछे कॉपीराइट विवाद, डीपफेक और गलत कंटेंट और बहुत ज्यादा खर्च बताया जा रहा है। 

ALSO READ: Delhi Assembly में 'Dhurandhar', अरविंद केजरीवाल को रहमान डकैत बताकर क्या बोले प्रवेश वर्मा, AAP ने क्या कहा

 Google Veo 3

 

Google का Veo 3 मॉडल सबसे लोकप्रिय ऑप्शन्स में से एक माना जा रहा है। लॉन्च के समय इसे 'बेहद रियलिस्टिक' बताया गया था।  इस टूल से हाई-क्वालिटी वीडियो बनाए जा सकते हैं , लेकिन इसके लिए Google का पेड AI प्लान लेना होगा। इसकी कीमत लगभग 7.99 डॉलर प्रति माह से शुरू होती है।  इन प्लान्स के साथ Gemini जैसे एडवांस AI फीचर्स भी मिलते हैं।

Luma Ray3

Ray3  भी एक पावरफुल AI वीडियो जनरेशन टूल है। 1080p वीडियो आउटपुट के साथ एडवांस एडिटिंग फीचर्स मिलते हैं। साथ ही प्रोफेशनल क्वालिटी वीडियो भी बनाए जा सकते हैं, लेकिन इसकी कीमत ज्यादा होने के कारण यह हर यूज़र के लिए किफायती नहीं है। Edited by : Sudhir Sharma

Poco X8 Pro सीरीज भारत में लॉन्च: 9000mAh बैटरी और ‘आयरन मैन’ अवतार में मचाएगा धूम, जानें कीमत और फीचर्स

Poco X8 Pro सीरीज भारत में लॉन्च: 9000mAh बैटरी और ‘आयरन मैन’ अवतार में मचाएगा धूम, जानें कीमत और फीचर्स

स्मार्टफोन ब्रांड Poco ने भारतीय बाजार में अपनी बहुप्रतीक्षित Poco X8 Pro सीरीज को आधिकारिक तौर पर पेश कर दिया है। इस सीरीज के तहत कंपनी ने तीन दमदार स्मार्टफोन लॉन्च किए हैं— Poco X8 Pro Max, Poco X8 Pro और एक स्पेशल एडिशन Poco X8 Pro – Iron Man Edition। कंपनी का दावा है कि ये नए डिवाइस फ्लैगशिप परफॉर्मेंस, लंबी बैटरी लाइफ और शानदार डिजाइन का एक बेजोड़ मेल हैं, जो नेक्स्ट-जेन स्मार्टफोन के अनुभव को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

Poco X8 Pro सीरीज : कीमत और ऑफर्स

Poco ने इस सीरीज को आक्रामक कीमत पर लॉन्च किया है:
Poco X8 Pro के 8GB + 256GB वैरिएंट की कीमत 32,999 रुपए, 12GB + 256GB वैरिएंट की कीमत 35,999 रुपए और Iron Man Edition के स्पेशल एडिशन की कीमत 37,999 रुपए, Poco X8 Pro Max के 12GB + 256GB वैरिएंट की कीमत 42,999 रुपए है।

उपलब्धता : इन स्मार्टफोन्स की बिक्री 23 मार्च दोपहर 12 बजे से Flipkart पर शुरू होगी।बैंक ऑफर्स: ग्राहक बैंक डिस्काउंट या एक्सचेंज ऑफर के जरिए ₹3,000 तक की बचत कर सकते हैं।

इसके अलावा, YouTube Premium और Spotify Premium जैसे सब्सक्रिप्शन बेनिफिट्स भी दिए जा रहे हैं।मार्वल फैंस के लिए खास: Poco X8 Pro – Iron Man Editionमार्वल के साथ अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए Poco ने आयरन मैन एडिशन पेश किया है। यह फोन टोनी स्टार्क के आइकॉनिक ब्लैक-एंड-गोल्ड आर्मर से प्रेरित है। इसके सेंटर में लगा फ्लैश मॉड्यूल 'आर्क रिएक्टर' जैसा दिखता है।

फोन के अंदर भी आपको कस्टम आयरन मैन थीम वाला इंटरफेस मिलेगा।खास ऑफर: 23 मार्च को खरीदारी करने वाले ग्राहकों को 1 साल की एक्सटेंडेड वारंटी और 1 साल का स्क्रीन डैमेज प्रोटेक्शन (Poco Shield के तहत) मुफ्त मिलेगा।

Poco X8 Pro Max के धांसू फीचर्स


प्रोसेसर: भारत का पहला फोन जिसमें MediaTek Dimensity 9500s फ्लैगशिप चिपसेट है।

इसका AnTuTu स्कोर 30 लाख के पार है। बैटरी: इसमें 9000mAh की विशाल बैटरी दी गई है, जो 100W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है। डिस्प्ले : 6.83-इंच की बड़ी डिस्प्ले, जिसमें आई-केयर फीचर्स और हाई ब्राइटनेस दी गई है।कैमरा: 50MP का मेन कैमरा और सेल्फी के लिए 20MP फ्रंट कैमरा।गेमिंग: 120FPS गेमप्ले, रे-ट्रेसिंग और एडवांस कूलिंग सिस्टम।

Poco X8 Pro के फीचर्स

प्रोसेसर: इसमें MediaTek Dimensity 8500-Ultra चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है।बैटरी: इसमें 6,500mAh की बैटरी और 100W चार्जिंग सपोर्ट है। डिस्प्ले व कैमरा : 6.59-इंच की डिस्प्ले के साथ इसमें भी 50MP का मेन सेंसर और 20MP का फ्रंट कैमरा मिलता है।

सॉफ्टवेयर: यह फोन Xiaomi HyperOS 3 पर चलता है और इसमें 'सर्कल टू सर्च' (Circle to Search) जैसे AI फीचर्स दिए गए हैं। शाओमी इंडिया के चीफ बिजनेस ऑफिसर संदीप सिंह अरोड़ा ने कहा- Poco X8 Pro सीरीज हमारे फैंस को बिना किसी समझौते के बेहतरीन परफॉर्मेंस देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हम X सीरीज को परफॉर्मेंस और एंड्योरेंस के एक बिल्कुल नए स्तर पर ले जा रहे हैं।  Edited by : Sudhir Sharma

iQOO का धमाका! 7200mAh बैटरी और 32MP सेल्फी कैमरा के साथ iQOO Z11x 5G भारत में लॉन्च

iQOO का धमाका! 7200mAh बैटरी और 32MP सेल्फी कैमरा के साथ iQOO Z11x 5G भारत में लॉन्च

iQOO Z11x 5G

iQOO ने भारत में iQOO Z11x 5G को लॉन्च कर दिया है। यह पिछले साल अप्रैल में लॉन्च हुए iQOO Z10x की जगह लेगा। नया स्मार्टफोन बैटरी, चिपसेट और विशेष रूप से फ्रंट कैमरा में महत्वपूर्ण अपग्रेड के साथ आता है, जिसे 8-मेगापिक्सल से बढ़ाकर 32-मेगापिक्सल कर दिया गया है। Z11x तीन स्टोरेज कॉन्फ़िगरेशन और दो रंगों में उपलब्ध है।

 

iQOO Z11x के स्पेसिफिकेशन और फीचर्स

iQOO Z11x में 6.76-इंच की LCD डिस्प्ले दी गई है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1,200 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आती है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें MediaTek Dimensity 7400 चिपसेट दिया गया है। स्मार्टफोन में 8GB तक LPDDR4x RAM और 256GB तक UFS 3.1 स्टोरेज मिलती है।

 

iQOO Z11x में अपने पिछले मॉडल iQOO Z10x जैसा ही रियर कैमरा सेटअप बरकरार रखा गया है। इसमें ड्यूल कैमरा यूनिट है, जिसमें 50-मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 2-मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा शामिल है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसके फ्रंट में 32-मेगापिक्सल का पंच-होल कैमरा दिया गया है। खास बात यह है कि फ्रंट और रियर दोनों कैमरे 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करते हैं। बैटरी की बात करें तो iQOO Z11x में 7,200 mAh की विशाल बैटरी दी गई है, जो 44W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

 

iQOO ने Z11x के लिए दो साल के एंड्रॉइड OS अपडेट और चार साल के सुरक्षा पैच का वादा किया है। यह ड्यूल सिम सपोर्ट करता है और आउट-ऑफ-द-बॉक्स Android 16 पर आधारित OriginOS 6 पर चलता है। स्मार्टफोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर है और धूल व पानी से बचाव के लिए इसे IP68 और IP69+ रेटिंग मिली है।

 

iQOO Z11x 5G की कीमत, रंग और उपलब्धता

iQOO Z11x 5G की कीमत इसके बेस वेरिएंट (6GB RAM + 128GB स्टोरेज) के लिए ₹18,999 से शुरू होती है। वहीं, इसके मिड-टियर वेरिएंट (8GB RAM + 128GB) की कीमत ₹20,999 और सबसे हाई कॉन्फ़िगरेशन (8GB RAM + 256GB) की कीमत ₹22,999 रखी गई है। कंपनी Axis बैंक और SBI क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन पर ₹2,000 तक की तत्काल छूट (डिस्काउंट) भी दे रही है। Edited by : Sudhir Sharma