प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान गर्मजोशी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच यह पिछले 16 महीनों में पहली आमने-सामने की मुलाकात रही।
यह मुलाकात फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की वाशिंगटन यात्रा के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली प्रत्यक्ष बैठक है। उस समय ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया था।
मोदी और ट्रंप की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चल रही है। हाल के महीनों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ जैसे मुद्दों ने दोनों देशों के संबंधों को चर्चा के केंद्र में रखा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) की मेजबानी में आयोजित G7 समिट में दुनिया भर के शीर्ष नेता शामिल हुए। सम्मेलन स्थल से सामने आए दृश्यों में प्रधानमंत्री मोदी मुस्कुराते हुए ट्रंप का अभिवादन करते नजर आए। इसके बाद दोनों नेताओं ने अन्य वैश्विक नेताओं के साथ अपनी-अपनी सीट संभाली। हालांकि इस बार मोदी-ट्रंप की चर्चित गले मिलने वाली तस्वीर देखने को नहीं मिली।
G7 समिट में व्यस्त रहेगा प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय यात्रा पर फ्रांस पहुंचे हैं। यह लगातार सातवीं बार है जब वह G7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं, जो वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी कई द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे। उनकी मुलाकात कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer और यूएई के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan से होने की संभावना है।
इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार, निवेश और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
G7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक आर्थिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), यूक्रेन और मध्य पूर्व में जारी संघर्षों समेत कई भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि भारत G7 समूह का सदस्य नहीं है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से उसे लगातार विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया जा रहा है। इस मंच पर भारत वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों की चिंताओं को प्रमुखता से उठाने और विकासशील देशों से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की वकालत कर सकता है। Edited by : Sudhir Sharma
