भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात से पहले अमेरिकी रक्षा विभाग ने घोषणा की है कि उसका सबसे बड़ा सैन्य कमांड 'इंडो-पैसिफिक कमांड' से 'इंडो' शब्द हटा रहा है। उसने अपना पुराना नाम 'यूएस पैसिफिक कमांड' फिर से अपनाने का फैसला किया है। ALSO READ: G7 Summit 2026: मोदी-ट्रंप मिले लेकिन नहीं लगे गले, 16 महीने बाद पहली मुलाकात चर्चा में
कमांड ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपने ऑपरेशनल इलाके के संबंध में अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भारत का गलत नक्शा भी दिखाया है। USPACOM वेबसाइट ने अपने “एरिया ऑफ़ रिस्पॉन्सिबिलिटी मैप” सेक्शन में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया है।
One more nail in the coffin of the Quad? https://t.co/7QauDO0a3s
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) June 17, 2026
क्या है यूएस पैसिफिक कमांड?
अमेरिकी सेना पूरी दुनिया को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर चलती है। इनके लिए 11 कमांड हैं। इनमें से 6 स्ट्रैटेजिक और 5 फंक्शनल कमांड हैं। एशिया और प्रशांत महासागर इलाके में एक्टिव यूएस पैसिफिक स्ट्रैटेजिक कमांड का हिस्सा है। यह अमेरिका की सबसे बड़ी और सबसे अहम सैन्य कमांडों में से एक है। पेंटागन के अनुसार, कमांड का सिर्फ नाम बदला है, रणनीति और जिम्मेदारियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
2018 में तत्कालीन रक्षा मंत्री अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने कमांड के नाम में बदलकर इंडो-पैसिफिक कमांड किया था। उस समय अमेरिका ने कहा था कि हिंद महासागर क्षेत्र का रणनीतिक महत्व बढ़ रहा है और यह क्षेत्र प्रशांत महासागर की सुरक्षा व्यवस्था से पहले की तुलना में ज्यादा जुड़ गया है। बहरहाल अब कमांड से इंडो शब्द का हटना इस बात का संकेत है कि अमेरिका अपनी रणनीतिक ब्रांडिंग में भारत को पहले जैसी प्रमुखता नहीं दे रहा है।
क्या बोले शशि थरूर?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, क्या यह 'क्वाड' (Quad) के ताबूत में एक और कील है? साथ ही उन्होंने 'डिपार्टमेंट ऑफ़ वॉर' (Department of War) द्वारा जारी आदेश का स्क्रीनशॉट भी साझा किया।
edited by : Nrapendra Gupta
