मीडिया खबरों में दावा किया गया है कि भारत ने शीर्ष अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क को झटका देते हुए उनकी कंपनी स्टारलिंक को देश में उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवा शुरू करने की मंजूरी रोक दी है। बताया जा रहा है कि ईरान युद्ध में कंपनी के उपग्रह आधारित टर्मिनलों के उपयोग को लेकर चिंता के बाद यह फैसला किया गया। हालांकि स्टारलिंक ने इस तरह खबरों का खंडन किया है।
मीडिया कंपनी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार की सुरक्षा एजेंसियों ने स्टारलिंक को अंतिम परिचालन मंजूरी देने से इनकार कर दिया। स्टारलिंक के टर्मिनलों का इस्तेमाल ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच युद्ध के दौरान किया गया। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि भू-राजनीतिक तनाव या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में अमेरिकी स्वामित्व वाली इस कंपनी पर नियंत्रण पाना मुश्किल होगा।
गौरतलब है कि ईरान में इंटरनेट पर पाबंदी के बावजूद स्टारलिंक के टर्मिनलों के जरिये इंटरनेट चालू रहा। वह भी तब, जबकि कंपनी के पास ईरान में परिचालन का लाइसेंस तक नहीं था।
इस कदम से साफ है कि स्टारलिंक का वैश्विक विस्तार एकसमान नहीं रहने वाला है। स्टारलिंक पहले ही चीन में प्रवेश नहीं कर पा रहा है और अब भारत भी इसके विस्तार दायरे से बाहर हो गया है।
अधिकारी ने किया भ्रामक खबरों का खंडन
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रायर ने कहा, 'सूत्रों के हवाले से भ्रामक और बेबुनियाद खबरें चल रही हैं। स्टारलिंक भारत सरकार के साथ सक्रिय बातचीत कर रही है। हमने सभी जरूरी रेगुलेटरी और कंप्लायंस प्रक्रियाओं को पारदर्शी और जिम्मेदारी के साथ पूरा करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम किया है।'
Starlink remains in active and productive discussions with the Government of India contrary to misleading stories based upon unsubstantiated claims from anonymous sources.
We have worked with the Government through all of the required regulatory and compliance processes in a… https://t.co/BQdcDHmPaf
— Lauren Dreyer (@LaurenDreyer) June 9, 2026
भारतीय कंपनियां भी तैयार
भारत के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में स्टारलिंक के अलावा अन्य बड़ी कंपनियां भी कतार में हैं। सरकार पहले ही भारती ग्रुप समर्थित 'यूटेलसैट वनवेब' और रिलायंस जियो की 'जियो-एसजीएस' को लाइसेंस जारी कर चुकी है। स्पेक्ट्रम आवंटन के बाद दोनों कंपनियां देश में अपनी सेवाएं शुरू कर सकती है।
edited by : Nrapendra Gupta
