स्वस्थ एवं सशक्त भारत की बुनियाद बनेगा ‘स्वस्थ भारत पोर्टल’

swasth bharat Portal: स्वास्थ्य हर नागरिक का मूल अधिकार है। सशक्त भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है और इस सपने की बुनियाद स्वस्थ भारत ही है। आगे चलकर “सशक्त भारत” और “स्वस्थ भारत” की यह संकल्पना “सबका साथ, सबका विकास” से भी जुड़ जाती है।

सबके स्वस्थ होने के बहुआयामी और दूरगामी लाभ

सबके स्वस्थ रहने के बहुआयामी और दूरगामी लाभ हैं। स्वस्थ व्यक्ति ही अपने परिवार, समाज और देश को अपना श्रेष्ठतम योगदान दे सकता है। इसका सीधा संबंध उसकी उत्पादकता और देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ता है। भारत दुनिया का सर्वाधिक आबादी वाला देश है। अब भी यहां आर्थिक असमानता मौजूद है। कई इलाके पहुंच के लिहाज से दुरूह हैं। ऐसे क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण होता है, खासकर गंभीर रोगों में उपचार का शुरुआती “गोल्डन पीरियड” अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण की दिशा में बड़ा कदम

इन चुनौतियों के समाधान की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा हाल ही में लॉन्च किया गया “स्वस्थ भारत पोर्टल” भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को डिजिटल रूप से एकीकृत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

 

यह पोर्टल आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM — Ayushman Bharat Digital Mission) के अनुरूप विकसित API (Application Programming Interface) आधारित फेडरेटेड आर्किटेक्चर पर काम करता है। इसका उद्देश्य विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अलग-अलग डिजिटल सिस्टम को एक मंच पर लाना है। यह डेटा डुप्लिकेशन कम करने, फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशासनिक बोझ घटाने तथा डेटा आधारित निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

क्या थीं देश की स्वास्थ्य प्रणाली की चुनौतियां

  • भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली लंबे समय से विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों — जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण, रोग निगरानी और पोषण कार्यक्रम — के अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्मों के कारण खंडित रही है।
  • अलग-अलग सॉफ्टवेयर होने से डेटा एंट्री में दोहराव, रिपोर्टिंग में देरी तथा संसाधनों की बर्बादी जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।
  • स्वस्थ भारत पोर्टल को इन चुनौतियों के समाधान की दिशा में विकसित किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हाल ही में 10वें नेशनल समिट ऑन इनोवेशन एंड इनक्लूसिविटी के दौरान इसे लॉन्च किया। यह पोर्टल ABDM का अभिन्न हिस्सा है तथा आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA — Ayushman Bharat Health Account) से जुड़कर सुरक्षित डेटा आदान-प्रदान सुनिश्चित करता है।

पोर्टल की संरचना और प्रमुख खूबियां

इस पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता इसका एकीकृत इंटरफेस है। इसके जरिए विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सिस्टम को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया गया है, जिससे कई लॉगिन और बार-बार डेटा एंट्री की आवश्यकता कम हो सकती है। यह रोगी-केंद्रित डेटा प्रबंधन तथा उसकी निरंतर स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने में मददगार हो सकता है।

रीयल-टाइम डैशबोर्ड, बेहतर निगरानी और साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण की सुविधा के कारण यह आशा और एएनएएम जैसी फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का प्रशासनिक बोझ कम कर सकता है।

पोर्टल के लाभ

सरकारी अनुमानों के अनुसार, इस पोर्टल से इंफ्रास्ट्रक्चर लोड में 20-30 प्रतिशत, डेटा एंट्री प्रयासों में 20-40 प्रतिशत तथा मानव संसाधन डुप्लिकेशन में भी उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
 

इस पोर्टल के लागू होने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों की देखभाल के लिए अधिक समय मिल सकेगा। किसी रोग के संक्रमण की स्थिति में निगरानी और रोकथाम का रिस्पॉन्स टाइम बेहतर हो सकता है। इसके अनुसार आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी आसान होगा। इससे संसाधनों की बर्बादी कम होगी और उनका उपयोग अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
 

कुल मिलाकर स्वस्थ भारत पोर्टल भारत में रोगों की रोकथाम, पूर्वानुमान और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखता है।इससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक तेज, पारदर्शी और गुणवत्ता पूर्ण हो सकती हैं। आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं का प्रशासनिक काम कम होने से वे मरीजों की देखभाल, घर-घर जागरूकता, टीकाकरण तथा रोगों की रोकथाम से जुड़े कार्यों पर अधिक समय दे सकेंगी।

स्वास्थ्य केंद्रों पर लोगों को बेहतर और अधिक व्यक्तिगत सेवाएं मिलने की संभावना बढ़ेगी। कागजी कार्रवाई कम होने तथा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहने से नाम, परिवार विवरण और स्वास्थ्य इतिहास जैसी जानकारी एक जगह सुरक्षित रहेगी।
 

जरूरत पड़ने पर यह डेटा आसानी से रेफरल अस्पतालों तक पहुंचाया जा सकेगा। मेडिकल हिस्ट्री उपलब्ध होने से बीपी और शुगर जैसी दीर्घकालिक बीमारियों के मरीजों का नियमित फॉलो-अप आसान हो सकेगा। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की लगातार निगरानी तथा फॉलो-अप भी बेहतर हो सकेगा।
 

इसके साथ ही टीकाकरण, मातृ स्वास्थ्य और संचारी रोगों जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रीयल-टाइम निगरानी मजबूत होगी। बेहतर डेटा उपलब्ध होने से सरकार स्वास्थ्य शिक्षा और पोषण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी तरीके से लागू कर सकेगी।
 

हालांकि, इसकी सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता कितनी प्रभावी ढंग से मिलती है। यदि ऐसा हुआ तो यह पोर्टल न केवल स्वास्थ्य प्रणाली की दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि “स्वस्थ भारत” के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala