Iran refuses peace agreement : ईरान-अमेरिका शांति समझौते को लेकर ईरान की सरकारी मीडिया ने बड़ा दावा किया है। मीडिया का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौते पर फिलहाल हस्ताक्षर टल गए हैं और यह रविवार को नहीं होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मार्च महीने से लगातार ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने वाले समझौते की घोषणा कर रहे हैं। ट्रंप अब तक कम से कम 38 बार ऐसा दावा कर चुके हैं, लेकिन हर बार कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया, इससे अमेरिकी राष्ट्रपति की किरकिरी हो रही है। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि 24 घंटे के अंदर ईरान-अमेरिका में डील हो सकती है। दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर शर्तों पर सहमति बन गई है।
ईरान-अमेरिका शांति समझौते को लेकर ईरान की सरकारी मीडिया ने बड़ा दावा किया है। मीडिया का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौते पर फिलहाल हस्ताक्षर टल गए हैं और यह रविवार को नहीं होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मार्च महीने से लगातार ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने वाले समझौते की घोषणा कर रहे हैं।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप 38 बार कर चुके ऐसा दावा
ट्रंप अब तक कम से कम 38 बार ऐसा दावा कर चुके हैं, लेकिन हर बार कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया, इससे अमेरिकी राष्ट्रपति की किरकिरी हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि दोनों देश समझौते के क़रीब हैं। इस पर दस्तख़त होते ही होर्मुज़ स्ट्रेट फिर खोल दिया जाएगा।
समझौते पर क्या बोला ईरानी विदेश मंत्रालय?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि यह समझौता अगले कुछ दिनों में हो सकता है, लेकिन अभी इसकी तारीख तय नहीं है। बकाई ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता और जिम्मेदारी के सिद्धांतों के तहत काम करती है और उचित समय आने पर समझौते से जुड़ी सभी जानकारी जनता के साथ साझा की जाएगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका का रुख बार-बार बदलता रहा है, इसलिए समझौते को लेकर अभी सावधानी बरतने की जरूरत है।
शांति समझौते को लेकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज ने किया था यह दावा
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि 24 घंटे के अंदर ईरान-अमेरिका में डील हो सकती है। दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर शर्तों पर सहमति बन गई है। अगर शहबाज शरीफ का यह दावा सच साबित हो जाता है तो फरवरी में शुरू हुए टकराव के बाद सबसे बड़ी कूटनीतिक कामयाबी हो सकती है। इससे दुनियाभर में ऊर्जा सप्लाई के लिए अहम 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' फिर से खुल सकता है, जिसने तेल बाजारों को हिला दिया है और शिपिंग में रुकावट डाली है।
अंतिम समझौते पर इसराइल का बयान
दूसरी ओर इसराइल का कहना है कि किसी भी अंतिम समझौते में ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को हटाना और यूरेनियम एनरिचमेंट के स्ट्रक्चर को ख़त्म करने जैसी शर्तें शामिल होंगी। प्रस्तावित समझौता 2 चरणों में होगा। पहले चरण में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त किया जाएगा। इसके बाद 60 दिनों तक केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और युद्ध से हुए नुकसान के मुआवजे पर बातचीत होगी।
Edited By : Chetan Gour
