अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने इस घटना को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' करार देते हुए ईरान की कड़ी आलोचना की।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में दावा किया कि ईरान ने भारतीय जहाजों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमला किया। उन्होंने लिखा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर बीती रात किया गया उनका (ईरान का) ड्रोन हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है।
इस सप्ताह ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन जहाज हमलों का शिकार हुए थे। इनमें से एक घटना में बुधवार को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। हालांकि ट्रंप के इस आरोप पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटनाओं की जांच जारी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन हमलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर पड़ सकता है।
ईरानी मीडिया ने जारी किया 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव
ईरान के समाचार माध्यमों ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित 14 सूत्रीय शांति ढांचे का विवरण प्रकाशित किया।ईरान की Mehr News Agency के मुताबिक, प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) में पिछले तीन महीनों से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए कई कदम शामिल हैं। वहीं, Fars News Agency ने वार्ता से जुड़े एक अधिकारी के हवाले से कहा कि अभी तक किसी अंतिम समझौते को मंजूरी नहीं दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव में समझौते पर हस्ताक्षर के बाद 60 दिनों की वार्ता अवधि के दौरान अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों में राहत और ईरान की लगभग 24 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियों को जारी करने का प्रावधान शामिल है। मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मसौदे में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई नई पाबंदी शामिल नहीं है।
यह वही मुद्दा है जो लंबे समय से अमेरिका-ईरान विवाद का प्रमुख कारण बना हुआ है। हालांकि ट्रंप का दावा है कि समझौता बेहद करीब है, लेकिन ईरानी अधिकारियों का कहना है कि बातचीत अभी जारी है और किसी अंतिम समझौते पर अभी सहमति नहीं बनी है। Edited by : Sudhir Sharma
