World Blood Donor Day 2026: विश्व रक्तदान दिवस, कब और क्यों मनाया जाता है?

vishwa raktdata divas kyon manaya jata hai: हर साल पूरी दुनिया में 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाता है। इस दिन को रक्त समूहों की खोज करने वाले महान वैज्ञानिक Karl Landsteiner की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उनके शोध ने आधुनिक रक्ताधान यानी ब्लड ट्रांसफ्यूजन प्रणाली की नींव रखी थी। इसे मनाए जाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य क्या हैं, आइये यहां विस्तार से समझते है।ALSO READ: health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार

 

1. कब मनाया जाता है और 14 जून ही क्यों चुना गया?

विश्व रक्तदान दिवस, यह खास दिन हर साल 14 जून को मनाया जाता है। इसी दिन मशहूर ऑस्ट्रियाई जीवविज्ञानी और चिकित्सक कार्ल लैंडस्टीनर (Karl Landsteiner) का जन्मदिन होता है। उन्होने सन 1900 में रक्त के मुख्य समूहों की पहचान की थीं। 

 

2. कार्ल लैंडस्टीनर कौन थे?

कार्ल लैंडस्टीनर ने ही मानव रक्त में ABO ब्लड ग्रुप सिस्टम (A, B, AB और O ब्लड ग्रुप) की खोज की थी। इस क्रांतिकारी खोज के लिए उन्हें साल 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनकी इस खोज की वजह से ही आज इंसानों में सुरक्षित तरीके से ब्लड ट्रांसफ्यूजन अर्थात् एक व्यक्ति का खून दूसरे को चढ़ाना, संभव हो पाया है। उनके इसी योगदान को सम्मान देने के लिए डब्ल्यूएचओ (WHO) ने 14 जून के दिन को चुना।

 

3. क्यों मनाया जाता है? (मुख्य उद्देश्य/कारण)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization, WHO) ने साल 2004 में इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी। इसके पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण हैं:

 

रक्तदाताओं का आभार जताना: जो लोग बिना किसी पैसे या स्वार्थ के, स्वैच्छिक रूप से (voluntarily) अपना खून दान करते हैं, उन्हें धन्यवाद कहना और उनके इस जीवनदायी योगदान की सराहना करना।

 

जागरूकता फैलाना: दुनिया भर में लोगों को यह समझाना कि सुरक्षित रक्त और रक्त उत्पादों- जैसे प्लाज्मा, प्लेटलेट्स की आवश्यकता हर समय बनी रहती है, चाहे वह सर्जरी हो, प्रसव/ चाइल्ड बर्थ हो के दौरान होने वाला रक्तस्राव हो या कोई बड़ा हादसा।

 

नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करना: समाज में, खासकर युवाओं में, नियमित रूप से रक्तदान करने की आदत को बढ़ावा देना ताकि अस्पतालों में खून की कमी से किसी की जान न जाए।

 

एक जरूरी बात: बहुत से लोग सोचते हैं कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आती है, जबकि सच यह है कि एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा दान किया गया खून शरीर में महज 24 से 48 घंटों के भीतर फिर से बन जाता है। आपका किया हुआ एक (1) यूनिट रक्तदान, तीन (3) अलग-अलग लोगों की जान बचा सकता है।

 

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