‘यूपी में पंचायत चुनाव 12 जुलाई तक हो जाएंगे। OBC आयोग अगली कैबिनेट बैठक तक बन जाएगा। कहीं कोई दिक्कत नहीं आएगी।’ यह कहना है, पंचायतीराज मंत्री ओपी राजभर का। दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत करते हुए राजभर ने कहा कि 2027 में भी विधानसभा चुनाव NDA ही जीतेगा। चुनाव में नाराजगी कोई फैक्टर नहीं है। अविमुक्तेश्वरानंद को योगीजी शंकराचार्य ही नहीं मानते। विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजभर कहते हैं- देखिए, मुख्यमंत्री BJP का ही बनना है। सहयोगी दलों में से हम जैसे लोगों को MLA और मंत्री ही बनना है। इसलिए सीटों को लेकर विवाद जैसी कोई स्थिति नहीं है। यूपी दरोगा भर्ती परीक्षा में अवसरवाद के लिए ‘पंडित’ विकल्प के विवाद पर भी राजभर खुलकर बोले। कहा- यह पूरी तरह से सही नहीं है। पंडित का अर्थ तो विद्वान होता है। इसलिए विवाद सही नहीं है। उधर, पंचायतीराज विभाग के डायरेक्टर अमित कुमार सिंह ने बताया- निदेशालय ने शासन को पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आयोग के गठन का प्रस्ताव भेज दिया है। आयोग की रिपोर्ट पर ही पंचायतों में सीटों का आरक्षण होगा, तभी चुनाव हो पाएंगे। हूबहू पढ़िए ओपी राजभर से हुई बातचीत… सवाल- हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पंचायत चुनाव समय पर कराने को कहा है?
राजभर. जी, ठीक बात है। आदेश का पालन होगा। देखिए, प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष, सबके कार्यकाल अलग-अलग हैं। सवाल- सभी के कार्यकाल 12 जुलाई से ज्यादा नहीं हैं? क्या तब तक चुनाव होंगे?
राजभर- जी, 12 जुलाई तक निश्चित चुनाव हो जाएंगे। खबर में आगे बढ़ने से पहले हमारे सवाल का जवाब दें… सवाल- मार्च, 2025 में पंचायत चुनाव की घोषणा हो गई थी?
राजभर- देखिए, राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार दोनों चुनाव कराने के लिए तैयार हैं। अब ये कोर्ट का आदेश आया है। सवाल- अभी तो आपने OBC आयोग भी नहीं बनाया, 3 महीने तो लगेंगे ही?
राजभर- अगली कैबिनेट बैठक तक वेट करिए, बन जाएगा। देखिए, 2011 के आधार पर ही चुनाव होना है। इसलिए 3 महीने का समय नहीं लगना चाहिए। चुनाव तो पुरानी व्यवस्था पर ही होना है। आरक्षण के चक्र के अनुसार होना है। पिछड़ा वर्ग आयोग कौन-सी गणित बैठा देगा। इसलिए चुनाव हम करवा ले जाएंगे, कोई दिक्कत नहीं है। सवाल- विधानसभा चुनाव में अब 1 साल से कम बचे हैं। क्या तैयारियां हैं?
राजभर- सिर्फ सुभासपा की बात करें, तो अभी बनारस में 26 हजार लोग जुटे थे। चंदौली में 15 हजार लोग जुटे थे। आजमगढ़ में लाखों लोग जुटे थे। आज कासगंज में प्रोग्राम था, लेकिन तबीयत खराब होने के बाद अरविंद को भेज दिया है। आप समझिए, हमारी तैयारी पूरी है। 2027 के चुनाव में NDA गठबंधन भारी बहुमत से जीतने वाला है। सवाल- BJP के 5 सहयोगी दल हैं। विधानसभा सीटें 403 हैं, बंटवारे में क्या रहेगा?
राजभर- कोई दिक्कत नहीं है। NDA गठबंधन में BJP का मुख्यमंत्री बनना है। हम लोगों को मंत्री, एमएलए ही बनना है। फिर कोई विवाद ही नहीं बचा। बाकी सहयोगी दलों को भी कोई दिक्कत नहीं है। सवाल- शंकराचार्य के बटुक की चोटी खींचने और UGC का चुनाव पर कोई असर पड़ेगा?
राजभर- हमारे साथ गांव में चलिए, पूछिए कि वो लोग शंकराचार्य को जानते भी हैं क्या? वो कहेंगे कि कौन शंकराचार्य? वो तो सपा के नेता हैं। उन्हें हिंदुत्व का प्रचार करना चाहिए। यही न शंकराचार्य का मतलब होता है। या प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री को गाली देना। प्रधानमंत्री से दो-दो हाथ करने की बात करना। जिस शंकराचार्य के यहां सपा के लोग दरबारी हैं, हमारे मुख्यमंत्री कहते हैं, वो शंकराचार्य है ही नहीं। सवाल- दरोगा भर्ती परीक्षा के एक सवाल में पंडित विकल्प दिया गया, क्या कहेंगे?
राजभर- पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय। पंडित का अर्थ विद्वान से लगाया गया है। अब उसको जाति से जोड़ दिया जाए, तो अलग बात है। क्योंकि, जाति तो ब्राह्मण है। बाकी पेपर बनाने वालों को भी ये सोचना चाहिए कि कोई ऐसा शब्द हम लोग न लिखें, जिससे विवाद हो। सवाल- यूपी में गैस की किल्लत चल रही है?
राजभर- हम आपसे ही पूछ रहे हैं कि आपके घर में सिलेंडर है न? वैसे ही किल्लत की बात कहने वाले सबके घरों में एक-एक सिलेंडर है। अब क्या है, जो अफवाह फैलती है। उसमें लोग सोचते हैं कि हम लेकर रख लें, नहीं तो आगे दिक्कत होगी। नियम है कि ऑनलाइन बुकिंग के तीसरे दिन गैस घर पहुंच जाएगी। नहीं तो एजेंसी पर जाकर ले लीजिए। सवाल- फिर गैस एजेंसियों के बाहर इतनी भीड़ क्यों दिख रही?
राजभर- देखिए, यूपी में 25 करोड़ आबादी है। विपक्ष के लोग जहां तक पहुंच पा रहे, शिगूफा छोड़ रहे हैं। ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने ऑनलाइन बुकिंग की ही नहीं। फिर भी सिलेंडर लेकर एजेंसी पहुंच रहे हैं। एजेंसी वाले तो सिलेंडर देने को तैयार हैं, लेकिन आप बुकिंग तो करवा लो। कहीं कोई किल्लत जैसा नहीं है। सवाल- योगी सरकार के आज 9 साल पूरे हो गए। क्या कहना चाहेंगे?
राजभर- आप देखिए, न कहीं कर्फ्यू न दंगा, पूरा उत्तर प्रदेश चंगा। दूसरी बात- चाहे सड़क हो, रेल या एयर कनेक्टिविटी हो, सब पहले से बहुत बेहतर हुई है। आज 7 एक्सप्रेस-वे चल रहे हैं। सिंगल सड़कें फोरलेन में डेवलप हो गई हैं। कल तब गरीबों का राशन लूटा जा रहा था। आज सब्सिडी सरकार के खाते से सीधे आम आदमी के खाते में पहुंच रही है। 9 साल पहले दिव्यांग को सपा की सरकार 300 रुपए भत्ता देती थी। BJP सबको 1000 रुपए दे रही है। कोई भेदभाव नहीं है। CM योगी ने कहा है कि हायर एजुकेशन में जाने वाली लड़कियों को स्कूटी देंगे। 10वीं-12वीं में हम साइकिल देंगे। यह शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। अब कानून का राज है। कोई भी अपराध कर रहा, तो 24 घंटे के अंदर जेल पहुंचाया जा रहा। पब्लिक खुद ही महसूस कर रही है कि सपा के शासन से यह लॉ एंड ऑर्डर बेहतर है। आप गरीबों की बस्ती में जाकर देखिए, उन्हें अब घर मिल रहे हैं। आप देखिए, जब लाल किले से प्रधानमंत्री ने शौचालय की बात कही, तब विपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री को शौचालय की बात नहीं करनी चाहिए थी। लेकिन, अब देखिए 90% लोग शौचालय का इस्तेमाल कर रहे हैं। यूपी की योगी सरकार में माहौल तो बदला है। विपक्ष के चश्मे में कुछ नहीं है। वो चश्मा उतारकर देखें। वो भी बलिया से गाजीपुर…चलते हैं, लेकिन कहते है कि ठीक नहीं बना है। विपक्ष ऐसे ही बोलता है। रेलवे स्टेशन बने हैं, मगर कहते हैं कि कमी रह गई है। आप 10 साल पहले कैसा था, ये भी देखिए न। अब स्टेशन पर गंदगी नहीं है, चूहे नहीं कूदते। यह सब विपक्ष को नहीं दिखता है। सरकार की मंशा है कि महात्मा गांधी का आजादी का सपना पूरा हुआ, अब स्वच्छता का भी पूरा हो। ऐसे समझिए कि बेहतर दिशा की तरफ बढ़ रहे हैं। —————————– यह खबर भी पढ़ें वरुण गांधी परिवार के साथ PM मोदी से मिले, लोकसभा में टिकट कटने के बाद पहली मुलाकात, अहम जिम्मेदारी मिल सकती है लोकसभा चुनाव में पीलीभीत से टिकट कटने के बाद भाजपा नेता वरुण गांधी ने पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। उनकी पत्नी यामिनी और बेटी अनुसूया भी साथ रहीं। सूत्रों के मुताबिक, वरुण ने देश के मौजूदा हालात पर पीएम से चर्चा की। उनका मार्गदर्शन लिया। पीएम ने भी वरुण और उनकी पत्नी से हालचाल पूछा और बेटी को दुलारा। पढ़िए पूरी खबर…
