उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने 25 मार्च पूरे प्रदेश के हर प्राथमिक विद्यालय में ‘नवरम्भ उत्सव’ मनाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े स्कूलों में 3 से 6 साल के बच्चों को कक्षा-1 में प्रवेश दिलाने के लिए यह भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किया गया यह उत्सव बच्चों का स्कूल से भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने और अभिभावकों को जागरूक करने का बड़ा अभियान है। यह उत्सव 3-6 साल के बच्चों को स्कूल से जोड़ने और ड्रॉपआउट रोकने का अभियान है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा बिना स्कूल गए न रहे। स्कूल में नामांकन के साथ ही इन बच्चों को मुफ्त यूनिफॉर्म, किताबें, मिड-डे मील और सभी सुविधाएं मिलेंगी। 15.92 करोड़ रुपए का बजट भी जारी बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए प्रति विद्यालय 3000 रुपए की दर से कुल 15.92 करोड़ रुपए का बजट भी जारी किया है। इस राशि से स्कूलों को सजाया जाएगा, बैनर-झंडियां लगाई जाएंगी, जलपान की व्यवस्था की जाएगी और बच्चों के लिए लर्निंग कॉर्नर, स्टेशनरी, वंडर बॉक्स आदि सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। क्या होगा कार्यक्रम में? 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक 1 अप्रैल 2026 को 6 साल की उम्र पूरे करने वाले बच्चों को उनके अभिभावकों की सहमति से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से सीधे कक्षा-1 में प्रवेश दिया जाएगा। पूरा अभियान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की निगरानी और डेटा संकलन में होगा। खंड शिक्षा अधिकारी को अपने विकासखंड स्तर पर दो स्कूलों में स्वयं उपस्थित रहना होगा। प्रधानाध्यापक को स्कूल सजाना, अभिभावकों को आमंत्रित करना, जलपान व्यवस्था करनी होगी। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व ईसीसीई एजुक्टर को बच्चों को तैयार करना, लर्निंग कॉर्नर सजाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नोडल एआरपी या एसआरजी इस कार्यक्रम की पूरी रिपोर्ट प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करेंगे। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा ने सभी बीएसए को सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी विद्यालय इस उत्सव से वंचित न रहे। कार्यक्रम की फोटो, रिपोर्ट और बच्चों की संख्या जनपद स्तर से राज्य स्तर तक भेजनी होगी।
