राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 3 दिनों के यूपी दौरे पर हैं। नवरात्रि के पहले दिन राष्ट्रपति गुरुवार सुबह परिवार के साथ अयोध्या पहुंचीं। इससे पहले उन्होंने रामलला के दर्शन किए। दूसरे फ्लोर पर बने राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने राम मंदिर परिसर को भी देखा। उनका यह दूसरा अयोध्या दौरा था। राष्ट्रपति अयोध्या में करीब 5 घंटे रहीं। इसके बाद द्रौपदी मुर्मू मथुरा के वृंदावन पहुंचीं। उस वक्त तेज बारिश हो रही थी। बारिश के बीच उनका काफिला इस्कॉन मंदिर पहुंचा। राष्ट्रपति मुर्मू ने मंदिर के संस्थापक एसी भक्तिवेदांत श्री प्रभुपाद की समाधि के दर्शन किए। साथ ही कृष्ण-बलराम और राधा-श्यामसुंदर के भी दर्शन किए। मंदिर में चल रहे कीर्तन और नृत्य को भी देखा। अपने बीच राष्ट्रपति को देखकर मंदिर परिसर में मौजूद बच्चे उनके पास आने लगे, लेकिन सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रोक दिया। इस पर राष्ट्रपति ने कहा- आने दो। फिर बच्चों को अपने पास बुलाया और चॉकलेट बांटी। राष्ट्रपति इस्कॉन मंदिर में करीब 30 मिनट तक रहीं। उनके साथ उनकी बहन, बेटी, दामाद और बच्चे मौजूद थे। इसके बाद राष्ट्रपति प्रेम मंदिर पहुंचीं। गर्भगृह में राधा-कृष्ण के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-आरती की। उन्होंने गर्भगृह की परिक्रमा भी की। पहली मंजिल पर कृपालु महाराज की प्रतिमा और सीता-राम के दर्शन किए। वाटर और लेजर शो देखा। प्रेम मंदिर में वह करीब 25 मिनट तक रहीं। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी उनके साथ रहीं। शुक्रवार यानी 20 मार्च को प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करेंगी। पहले वृंदावन दौरे की तस्वीरें देखिए… अयोध्या में रामलला के दर्शन कर राष्ट्रपति बोलीं- यह मेरे लिए सौभाग्य राष्ट्रपति ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। उन्होंने कहा- अयोध्या में प्रभु श्रीराम ने जन्म लिया था। इस पवित्र भूमि पर कदम रखना ही मेरे लिए सौभाग्य की बात है। राष्ट्रपति करीब साढ़े 10 बजे दिल्ली से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचीं थीं। यहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम ने उनका स्वागत किया। सीएम योगी ने कहा- दुनिया के तमाम देशों में उथल-पुथल मची हुई है। युद्ध चल रहा है। जबकि भारत में शांति है। ये नया और बदलता हुआ भारत है। सपा पर निशाना साधते हुए कहा- आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया जाता था। अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो यूपी और देश की सत्ता में रहते थे। राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा वृंदावन की बात करना उनके लिए अंधविश्वास का पर्याय था। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद राष्ट्रपति का यह दूसरा अयोध्या दौरा है। इससे पहले वह 1 मई, 2024 को अयोध्या आई थीं। तस्वीरों में देखिए राष्ट्रपति का अयोध्या दौरा… अब राम यंत्र के बारे में जानिए राम यंत्र को कांचीपुरम (तमिलनाडु) स्थित मठ में तैयार किया गया। इसके बाद इसे कांचीपुरम से तिरुपति (आंध्र प्रदेश) लाया गया। फिर रथयात्रा के जरिए 10 दिन पहले इसे अयोध्या पहुंचाया गया। राम यंत्र का वजन 150 किलो है। इस पर सोने की परत चढ़ाई गई है। अयोध्या के ज्योतिषाचार्य रघुनाथ दास शास्त्री ने बताया- राम यंत्र एक विशेष वैदिक ज्यामितीय संरचना है। इसमें भगवान श्रीराम और अन्य देवी-देवताओं की दिव्य ऊर्जा को मंत्रों और आकृतियों के माध्यम से स्थापित किया गया है। इसे अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। राष्ट्रपति के अयोध्या दौरे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
