थाईलैंड से मस्ती कर लौटी पूजा, एयरपोर्ट पर जब्त हुए कान के कुंडल, जानें नियम
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Airport Customs: क्या आप पर्सनल ज्वैलरी पहनकर विदेश आ-जा सकते हैं. यदि विदेश से आने के दौरान कस्टम अधिकारी आपको परेशान ना कर सकते, इसके लिए आप क्या कर सकते हैं, आइए समझते हैं यहां…

महिला की ज्वैलरी जब्त करने के मामले में हाईकोर्ट ने कस्टम पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स
- कस्टम ने जब्त की थी महिला की पर्सनल ज्वैलरी.
- हाईकोर्ट ने कस्टम पर लगाया 25 हजार रुपए का जुर्माना
- समझें क्या है पर्सनल ज्वैलरी को लेकर कस्टम के नियम.
Airport Customs: थाईलैंड में मस्ती कर लौटी पूजा सेठ के साथ एयरपोर्ट पर जो कुछ भी हुआ, वह किसी हादसे से कम नहीं था. पूजा सेठ को एयरपोर्ट पर एक अपराधी के साथ न केवल घेर लिया गया, बल्कि उनको भयावह अनुभव का सामना करना पड़ा. उनको हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की गई, उनकी पूरी पर्सनल ज्वैलरी को स्मगल्ड गोल्ड बताकर जब्त कर लिया गया. इस दौरान, न केवल पूजा, बल्कि उनके पति और बच्चों को भी खासी मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी.
दरअसल, यह मामला दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है और पूजा सेठ की पर्सनल ज्वैलरी से जुड़ा था. जब्त की गई ज्वैलरी में 78 ग्राम वजन की चार रत्न जड़ित सोने की चूड़ियां, 45 ग्राम वजन की एक सोने की चूड़ी और 67 ग्राम वजन का सोने का पेंडेंट वाली एक सोने की चेन भी शामिल थी. यह बात यहीं पर खत्म नहीं हुई, बल्कि कस्टम के ऑफिसर्स पर जबरन स्टेटमेंट पर साइन कराने का भी आरोप लगा. एयरपोर्ट पर हुई प्रताड़ना को लेकर पूजा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में न केवल कस्टम पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, बल्कि जबरन स्टेटमेंट पर साइन कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश भी दिया है. इस पूरी घटना के बाद विदेश यात्रा करने वाले पैसेंजर्स के मन में एक सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर पर्सनल ज्वैलरी को लेकर कस्टम का क्या नियम है और क्या कोई पैसेंजर पर्सनल ज्वैलरी पहनकर विदेश नहीं जा सकता है. यदि इसकी इजाजत है तो पूजा के केस में कस्टम ने कार्रवाई कर मनमानी की.
पर्सनल ज्वैलरी को लेकर क्या हैं नियम
कस्टम के सीनियर अफसर के अनुसार, पर्सनल ज्वैलरी पहनकर विदेश आने-जाने में कोई मनाही नहीं है. पर्सनल ज्वैलरी को लेकर भी नियम बिल्कुल स्पष्ट हैं. नियमों के अनुसार, आप जो भी पर्सनल ज्वैलरी पहनकर विदेश जा रहे हैं, उसको डिपार्चर विंग पर मौजूद कस्टम ऑफिस में डिक्लेयर करना होगा. डिक्लेरेशन के दौरान, आपको एक फार्म भरकर पर्सनल ज्वैलरी की जानकारी देनी होगी. इसके बाद, आपकी ज्वैलरी को एप्रूवर से जांच कराई जाएगी. एप्रूवर की हरी झंडी मिलते आपको फार्म की एक कॉपी मिल जाएगी.
इस तरह कस्टम को कर सकते हैं खुद से दूर
विदेश यात्रा पूरी होने के बाद जब भी आप वापस आएंगे और आपको आपकी पर्सनल ज्वैलरी की वजह से कोई रोकता है, तो आप डिक्लेरेशन फार्म दिखा सकते हैं. जिससे यह आसानी से साबित हो जाएगा कि आप वही ज्वैलरी पहनकर आए हैं जो पहनकर आप विदेश गए थे. इस तरह, आप पर्सनल ज्वैलरी की वजह से होने वाले किसी भी परेशानी से बच सकते हैं. कस्टम ऑफिसर के अनुसार, डिपार्चर से पहले एप्रूवल की प्रकिया इसलिए भी जरूरी है कि कोई पैसेंजर पर्सनल ज्वैलरी के नाम पर तस्करी की वारदात को अंजाम ना दे पाए.
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