सेंटिनल द्वीप में घुसा अमेरिकी नागरिक, क्यों यहां किसी का भी आना प्रतिबंधित

North Sentinel Islands: अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का उत्तरी सेंटिनल द्वीप एक अमेरिकी व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद सुर्खियों में है. अमेरिकी नागरिक 24 वर्षीय मिखाइलो विक्टरोविच पोल्याकोव ने प्रतिबंधित जनजातीय आरक्षित क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करने का प्रयास किया था. क्योंकि उसने कथित तौर पर बिना किसी अनुमति के उत्तरी सेंटिनल द्वीप में प्रवेश किया था इसलिए उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. उत्तरी सेंटिनल द्वीप दुनिया की सबसे अलग-थलग और कमजोर जनजातियों में से एक सेंटिनली लोगों का निवास स्थान है. 

26 मार्च को पोर्ट ब्लेयर पहुंचे पोल्याकोव ने कथित तौर पर उत्तरी सेंटिनल द्वीप पर बाहरी लोगों के जाने पर कड़े प्रतिबंध के बावजूद वहां घुसने का अभियान शुरू किया था. पुलिस रिपोर्ट से पता चलता है कि वह 29 मार्च को रात एक बजे के आसपास कुर्मा डेरा बीच से द्वीप पर पहुंचा था. सेंटिनली लोगों के लिए प्रसाद के रूप में एक नारियल और कोला का एक कैन लेकर, पोल्याकोव सुबह 10 बजे तक उत्तरी सेंटिनल द्वीप के उत्तरपूर्वी तट पर पहुंच गया, और क्षेत्र का सर्वेक्षण करने के लिए दूरबीन का इस्तेमाल किया.

ये भी पढ़ें- डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ प्लान के पीछे ये शख्स, जिनका भारत के दुश्मन देश को लेकर है सख्त रवैया

अमेरिकी नागरिक हुआ गिरफ्तार
अधिकारियों के अनुसार, तट से दूर एक घंटा बिताने और सीटी बजाकर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करने के बाद, पोल्याकोव लगभग पांच मिनट के लिए द्वीप पर उतरा. अपने संक्षिप्त प्रवास के दौरान, उसने अपना सामान किनारे पर छोड़ दिया, रेत के नमूने एकत्र किए, और अपनी नाव पर वापस लौटने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया. वह शाम 7 बजे तक कुर्मा डेरा बीच पर वापस आ गया, जहां स्थानीय मछुआरों ने उसे देखा और अधिकारियों को सूचित किया. 

सेंटिनली लोगों को दुनिया की अंतिम प्री-नियोलिथिक जनजाति माना जाता है.

ये भी पढ़ें- कौन है वह 8 वर्षीय बच्ची, जो यूपी में तोड़फोड़ अभियान के दौरान किताबें बचाने दौड़ी, जिसने खींचा सुप्रीम कोर्ट का ध्यान

जानें किस धारा में हुई एफआईआर
पोल्याकोव के खिलाफ विदेशी अधिनियम 1946 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. साथ ही उस पर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (आदिवासी जनजातियों का संरक्षण) संशोधन विनियमन, 2012 के उल्लंघन का भी आरोप है. तिरूर के आदिवासी कल्याण अधिकारी प्रणब सरकार ने ओगराब्राज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. प्रोटोकॉल के अनुसार, गिरफ्तारी की सूचना गृह विभाग को भेज दी गई है, ताकि विदेश मंत्रालय और अमेरिकी दूतावास को आगे की सूचना दी जा सके. 

ये भी पढ़ें- दुनिया में किसके पास है सबसे ज्यादा सोना? कितने तरह का होता है गोल्ड, कौन सा सबसे प्योर 

कौन है सेंटिनली जनजाति?
उत्तरी सेंटिनल द्वीप बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का एक हिस्सा है. सेंटिनली लोग यहां के मूल निवासी हैं. सेंटिनली लोगों को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के रूप में मान्यता मिली हुई है. इन्हें दुनिया की अंतिम प्री-नियोलिथिक (नवपाषाणकाल का एक चरण. यह काल लगभग 12,000 से 8,500 साल पहले (10,000 से 6,500 ईसा पूर्व) का है. जनजाति माना जाता है. इनका व्यवहार बाहरी लोगों के प्रति शत्रुतापूर्ण होता है. वे द्वीप पर आने वाले या वहां उतरने वाले लोगों को मार डालते हैं. अमेरिकी मिशनरी जॉन चाऊ की नवंबर 2018 में उस समय हत्या कर दी गई थी, जब उन्होंने सेंटिनली लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया था. जॉन चाऊ कथित तौर पर सेंटिनली लोगों को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने की कोशिश कर रहा था.

यह भी पढ़ें- भारत में वक्फ के रिश्तेदारों ने रखी सबसे ज्यादा संपत्ति, इस सूची में सबसे ऊपर कौन है?

2006 में मार दिए थे 2 मछुआरे
सेंटिनलीज अपने छोटे से वन द्वीप में रहते हैं, जिसे उत्तरी सेंटिनल कहा जाता है. वे बाहरी लोगों के साथ सभी तरह के संपर्क का विरोध करते हैं और यहां आने वाले किसी भी व्यक्ति पर हमला कर देते हैं. उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी तरह का संपर्क नहीं चाहते हैं. चूंकि सेंटिनलीज आदिम जीवन शैली का पालन करते हैं, इसलिए भारत सरकार ने कहा कि वह उनकी जीवन शैली का सम्मान करती है. शिकार ही उनके जीवन जीने का एक बड़ा साधन है. वे शिकार के लिए तीर-कमान और भालों का उपयोग करते हैं. सरकार ने इसलिए इस जनजाति की सुरक्षा के लिए ‘आंखें खुली रखें और हाथ न लगाएं’ की नीति अपनाई है. 2006 में भी दो भारतीय मछुआरों की हत्या कर दी गई थी, जब उनकी नाव गलती से द्वीप के किनारे पहुंच गई थी.

ये भी पढ़ें- भारत की राष्ट्रीय टीम में क्यों नहीं खेल सकते भारतीय मूल फुटबॉलर? फीफा के नियम क्या हैं जो बन रहे हैं बाधक

करीब 500 हैं इनकी जनसंख्या
माना जाता है कि सेंटिनली लोग समूहों में रहते हैं. उनके पास रहने के लिए दो तरह के घर हैं. बड़े परिवारों के लिए कई चूल्हों वाली बड़ी सामुदायिक झोपड़ियां हैं जबकि बाकी लोग अस्थायी घरों में रहते हैं.  जनजाति की महिलाएं अपनी कमर, गर्दन और सिर के चारों ओर फाइबर की डोरी बांधती हैं. पुरुष भी हार और हेडबैंड पहनते हैं, लेकिन कमर पर मोटी बेल्ट के साथ. बाहरी लोगों से दूर रहने और किसी से संपर्क न रखने के कारण सेंटिनल द्वीप के लोग बेहद स्वस्थ और खुशहाल दिखाई देते हैं. उन्हें कभी-कभी उत्तरी सेंटिनल के तट पर देखा जाता है. इनकी कुल आबादी करीब 500 होने का अनुमान है. 

Credits To Live Hindustan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *