क्या आपको भी है मोबाइल पर दिनभर रील्स देखने की लत, तो तुरंत हो जाएं सावधान, वरना…


Blinking Less While Watching Reels : आजकल सोशल मीडिया पर रील्स देखने का क्रेज़ सिर चढ़कर बोल रहा है. घंटों मोबाइल स्क्रीन पर स्क्रॉलिंग करते हुए वक्त का पता ही नहीं लगता है. बच्चे, जवान या बुजुर्ग हर कोई अपना ज्यादातर समय फोन की स्क्रीन देखने में बिता रहे हैं लेकिन यह आपकी आंखों के लिए बेहद खतरनाक है. लगातार स्क्रीन देखने से पलक झपकाने की क्षमता आधी हो रही है, जिससे आंखों की नमी कम हो रही है और कई गंभीर समस्याएं जन्म ले रही हैं.
दिल्ली में हुई एशिया पैसिफिक एकेडमी ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी और ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी की मीटिंग में एक्सपर्ट्स ने इसे गंभीर माना और बताया कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से ड्राई आई सिंड्रोम, मायोपिया, सिरदर्द, नींद की समस्या और भेंगापन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं.
रील्स देखने से घट रही पलक झपकाने की आदत
इस आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरबंश लाल ने बताया कि रील्स को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि लोगों का ध्यान लंबे समय तक भटके नहीं. इसलिए लोग लंबे समय तक बिना पलक झपकाए स्क्रीन पर देखते रहते हैं. रील्स देखने से पलक झपकाना करीब 50% तक कम हो जाता है. इससे आंखों में ड्राईनेस, नजर कमजोर होना और सिरदर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इस हैबिट्स पर कंट्रोल नहीं किया गया तो इससे आंखों की रोशनी कमजोर हो सकती है. इसके अलावा घंटों मोबाइल देखने को कम उम्र में ही बच्चे मायोपिया (Myopia) का शिकार बनते जा रहे हैं.
मायोपिया कितनी खतरनाक बीमारी
डॉ. हरबंश लाल ने एक रिसर्च का जिक्र करते हुए बताया कि 2050 तक दुनिया की 50% आबादी मायोपिया से चपेट में आ सकती है. उन्होंने बताया कि पहले नजर का नंबर 21 साल तक स्थिर हो जाता था, लेकिन अब स्क्रीन टाइम बढ़ने 30 साल की उम्र तक बदलता रहता है. इसकी वजह से स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स में डिजिटल आई स्ट्रेन, भेंगापन और कमजोर नजर जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं.
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पलक झपकाना क्यों जरूरी
पलक झपकाना (Blinking) आंखों की नमी बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है. सामान्य तौर पर, हम एक मिनट में 15-20 बार पलक झपकाते हैं, लेकिन जब हम मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर ध्यान लगाते हैं, तो यह घटकर 5-7 बार प्रति मिनट रह जाता है. रील्स और शॉर्ट वीडियो लगातार देखने की वजह से हमारा ध्यान स्क्रीन पर इतना फोकस हो जाता है कि हम पलक झपकाना भूल जाते हैं, जिससे आंखें सूखने लगती हैं.
आंखों को कैसे बचाएं
20-20-20 रूल अपनाएं- हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें.
पलक झपकाने की आदत डालें- स्क्रीन देखते समय बार-बार पलक झपकाने की कोशिश करें.
ब्लू लाइट फिल्टर लगाएं- मोबाइल और लैपटॉप पर नाइट मोड या ब्लू लाइट फिल्टर ऑन करें.
स्क्रीन टाइम कम करें- दिनभर में 1-2 घंटे का डिजिटल ब्रेक जरूर लें.
आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें- आंखों की नमी बनाए रखने के लिए डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप्स लें.
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