23 लाख की नौकरी को छोड़ एक्टर बने मिर्जापुर के ‘कविराज’, अस्पताल से भेजा था इस्तीफा

मिर्जापुर सीजन 3 में कविराज का किरदार निभाने वाले पल्लव सिंह आपको याद होंगे। सीरीज में वो जेल में बंद होते हैं और बाकी कैदियों को अश्लील शायरियां सुनाते हैं। सीजन के रिलीज होने के बाद ‘कविराज’ मीम्स की दुनिया पर छा गए थे। अब ‘कविराज’ पल्लव सिंह ने अपने करियर और पर्सनल लाइफ से जुड़ी कई बातें बताईं। उन्होंने बताया कि एक्टिंग में आने से पहले वो अमेजन में 23 लाख की नौकरी कर रहे थे। उस नौकरी को छोड़कर पल्लव एक्टिंग की दुनिया में आए।

डिजिटल कमेंट्री के साथ खास बातचीत में पल्लव सिंह ने बताया कि वो नौकरी में खुश नहीं थे और उनके जीवन में दो घटनाएं हुईं जिसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर एक्टिंग की दुनिया में आने का फैसला लिया। पॉडकास्ट के होस्ट ने पल्लव से कहा कि आप अमेजन में थे, तो वहां से कैसे सब छोड़-छाड़ कर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में आए?

23 लाख की नौकरी छोड़ एक्टिंग में आए पल्लव सिंह

पल्लव ने कहा कि अमेजन में उनकी नौकरी थी, पैसा अच्छा था, साल का करीब 23 लाख रुपये मिल रहा था। उन्होंने कहा कि मुझे बाद में एहसास हुआ कि पहला महीना तो कमाल था। पहले महीने में करीब 25 हजार के जूते खरीद लिए, 18-19 हजार की जैकेट खरीद ली, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि क्या इसकी जरूरत थी? उन्होंने बताया कि उस वक्त उन्होंने अपने पिता को फोन करके कहा था कि उन्हें एहसास हो गया कि शौक मां-बाप के पैसों से पूरे होते हैं, अपने पैसों से जरूरतें। उस नौकरी ने पल्लव को ये एहसास कराया।

क्यों दिया नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का एंट्रेंस?

पल्लव ने आगे बताया कि जिंदगी अच्छी चल रही थी, लेकिन दूसरे महीने के बाद से ही उन्हें लगने लगा कि उन्हें नौकरी में मजा नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि नौकरी के साथ-साथ वो थिएटर भी कर रहे थे। नौकरी की वजह से उन्हें अलग-अलग शहरों में रहना पड़ता था, और इस वजह से वो अलग-अलग शहरों में प्ले कर रहे थे। उन्हें उस चीज में बहुत मजा आ रहा था। उन्होंने कहा कि उन्हें दोनों दुनिया (नौकरी और थिएटर) समझ आ रही थीं। वो सोचने लगे थे कि एक जगह पैसा है, लेकिन मजा नहीं है और दूसरी जगह मजा है, लेकिन पैसा नहीं है। फिर उनके जीवन में एक घटना हुई, जिसका उन्होंने जिक्र नहीं किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता के साथ एक घटना हुई जिससे उन्हें एहसास हुआ कि जीवन कभी भी खत्म हो सकता है। इस घटना के बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का एंट्रेंस दिया। 

जब दोस्त का हुआ एक्सिडेंट

इसके बाद उन्होंने एक और घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उनके बचपन के दोस्त का लद्दाख में एक्सिडेंट हो गया था। उस एक्सिडेंट में दोस्त को गंभीर चोटें आई थीं। वो दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे। पल्लव अपने दोस्त से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। वहां वो उनकी मां के साथ कैंटीन में बैठे थे और सोच रहे थे कि जीवन यूं खत्म हो सकता है। इसी दौरान उनके पास नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का रिजल्ट आया। उनका सिलेक्शन हो गया था। उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्हें लगा कि वो ऐसी जगह बैठे हैं जहां हर रोज एक जिंदगी मौत में बदल जाती है, और मौत में जाती हुई जिंदगी वापस जिंदगी की तरफ आ जाती है। इसी के बाद उन्होंने अस्पताल की कैंटीन में बैठकर अमेजन से इस्तीफा दिया।

Live Hindustan